फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hardoi News ›   There cannot be welfare when the opposite is done: Rajesh

विधाता के विपरीत होने पर कल्याण नहीं हो सकता: राजेश

Wed, 03 Feb 2021 11:15 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 03 Feb 2021 11:15 PM IST
विज्ञापन
There cannot be welfare when the opposite is done: Rajesh
कथा सुनाते कथा व्यास राजेश शास्त्री। संवाद - फोटो : HARDOI
टड़ियावां। क्षेत्र के दुर्गा माता मंदिर पर चल रही सात दिवसीय भागवत कथा के तीसरे दिन कथा व्यास राजेश शास्त्री ने सती मोह का प्रसंग सुनाया। कहा कि विधाता के विपरीत होने पर देव, दनुज व मनुज किसी का कल्याण नहीं होता।
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि भोले बाबा और सती जी, महाराज कुंभज ऋषि के आश्रम में सत्संग करने गए। सती जी का सत्संग में मन नहीं लगा। भोलेनाथ के समझाने पर भी सती जी का संशय दूर नहीं हुआ।
विज्ञापन

अंतत: भगवान शिव ने स्वीकार किया कि यदि मेरे समझाने पर भी सती का भ्रम दूर नहीं हो रहा है तो इसका अर्थ यह है कि विधाता ही विपरीत है।
अंतत: शिव जी के मना करने पर भी बिना बुलाए सती अपने पिता के घर यज्ञ में शामिल होने जाती हैं। पति के अपमान से क्षुब्ध सती को यज्ञ कुंड में शरीर का त्याग करना पड़ता है। (संवाद)
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed