{"_id":"2b023e3c267bcba38d4f27429a78233b","slug":"the-weather-changed-to-drizzling-rain-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रिमझिम बारिश से मौसम का मिजाज बदला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रिमझिम बारिश से मौसम का मिजाज बदला
अमर उजाला ब्यूरो, हरदोई
Updated Sun, 21 Feb 2016 12:28 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रिमझिम बारिश से शनिवार को मौसम का मिजाज बदल गया। इसके चलते पारा करीब 6 डिग्री सेल्सियस लुढ़ककर न्यूनतम 17 और अधिकतम 26 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। देर शाम कई इलाकों में जोरदार बारिश हुई। बेमौसम बारिश से किसान चिंतित नजर आए।
चार दिन पहले मौसम ने अपने हल्के ठंडे तेवर बदल कर गर्म मिजाजी दिखाई थी। शुक्रवार को अप्रैल में होने वाली जैसी गर्मी महसूस हुई। मौसम के गर्म तेवरों से तापमान का अधिकतम स्तर 32.0 डिग्री सेल्सियस पर था। लोगों ने गर्म कपड़ों से किनारा करते हुए पंखों को चलाना शुरू कर दिया। अगले दिन शनिवार को मौसम ने पलटी मार दी। सुबह से ही आसमान में छाए बादलों ने देर शाम बूंदाबांदी शुरू कर दी।
इधर,बेनीगंज,बेंहदर,संडीला,मल्लावंा,माधौगंज,बिलग्राम,सांडी,और हरपालपुर क्षेत्र में तेज बारिश हुई। जिला कृषि अधिकारी डा. विनोद कुमार ने कहा कि मौसम की पलटी खेती किसानी के लिए अनुकूल है। होली तक इस तरह से मौसम के मिजाज रहे तो फसल के लिए ठीक रहेगा लेकिन अगर गत दिन की तरह तापमान बढ़ता है तो इससे गेहूं की फसल गुणवत्ता एवं उत्पादन को नुकसान हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
चार दिन पहले मौसम ने अपने हल्के ठंडे तेवर बदल कर गर्म मिजाजी दिखाई थी। शुक्रवार को अप्रैल में होने वाली जैसी गर्मी महसूस हुई। मौसम के गर्म तेवरों से तापमान का अधिकतम स्तर 32.0 डिग्री सेल्सियस पर था। लोगों ने गर्म कपड़ों से किनारा करते हुए पंखों को चलाना शुरू कर दिया। अगले दिन शनिवार को मौसम ने पलटी मार दी। सुबह से ही आसमान में छाए बादलों ने देर शाम बूंदाबांदी शुरू कर दी।
विज्ञापन
इधर,बेनीगंज,बेंहदर,संडीला,मल्लावंा,माधौगंज,बिलग्राम,सांडी,और हरपालपुर क्षेत्र में तेज बारिश हुई। जिला कृषि अधिकारी डा. विनोद कुमार ने कहा कि मौसम की पलटी खेती किसानी के लिए अनुकूल है। होली तक इस तरह से मौसम के मिजाज रहे तो फसल के लिए ठीक रहेगा लेकिन अगर गत दिन की तरह तापमान बढ़ता है तो इससे गेहूं की फसल गुणवत्ता एवं उत्पादन को नुकसान हो सकता है।
विज्ञापन