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Hardoi News: दो साल से मार्ग खराब, तीस हजार से अधिक की आबादी खा रही हिचकोले
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संवाद न्यूज एजेंसी
बेहंदर। ब्लाॅक मुख्यालय को जोड़ने वाले असही आजमपुर मार्ग की दशा इन दिनों काफी खराब है। इस मार्ग पर कई गांव हैं और लोगों का आवागमन भी रहता है। जर्जर मार्ग होने से लोगों को सफर में समय भी अधिक लगता है और हिचकोले भी खाने पड़ रहे हैं। दो पहिया वाहन चालकों को यह मार्ग रोज दर्द दे रहा है।
बेहंदर-असही आज़मपुर को जाने वाली सड़क गिट्टियां उखड़ने के कारण सड़क जगह-जगह गड्ढे में तब्दील हो गई है। मार्ग पर राहगीरों का चलना मुश्किल हो गया है। करीब आठ किलोमीटर लंबी सड़क पर दो पहिया, चार पहिया वाहनों को 20 मिनट के सफर को पूरा करने में करीब 60 मिनट लग जाते हैं। समस्या के समाधान के लिए जिम्मेदार आगे नहीं आ रहे हैं।
इस मार्ग से बकुई, गौरी बिटुर, गोंगावा, रसूलपुर आंट, असही आज़मपुर, सिंधवल, पिलखनी, नंदाखेड़ा, हाफिजखेड़ा, सरसंड, खरिका, गोडवा भूप, हसनापुर, पाल्हाराई, गौरी दायमपुर, दहिनार खेड़ा, बनियन खेड़ा, ताड़ेहार, दमगढ़ा, पिटयारी, कुतुबपुर, घुघेरा, निरंजनखेड़ा, महरिया, सुभानखेड़ा व संतोषा सहित दर्जनों गांव करीब दस हजार लोग आते-जाते हैं। सड़क के बदहाल होने से राहगीरों को समस्या का सामना करना पड़ता है। हादसे का डर भी बना रहता है। रात में राहगीरों के अधिक दिक्कत होती है।
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कासिमपुर गांव निवासी लालू गुप्ता ने बताया कि करीब 10 हजार लोग प्रतिदिन मार्ग से अपने गंतव्य को जाते हैं। तहसील व ब्लॉक मुख्यालय पहुंचने के लिए भी इसी मार्ग का सहारा लिया जाता है। मार्ग की हालत जर्जर है।
कासिमपुर निवासी अशोक ने बताया कि दो वर्ष से मार्ग जर्जर है, सड़क गड्ढे में तब्दील हो गई है। सड़क की मरम्मत हो जाए तो सहूलियत मिलेगी।
गौरी बिदूर निवासी जाकिर ने बताया कि सड़क पर गड्ढे बेहद खतरनाक हो गए हैं। रात के समय अंधेरा होने के कारण वाहन चालकों को अधिक परेशानी होती है।
अलादादपुर निवासी नीरज ने बताया कि सड़क की दशा खराब है। पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। लोग जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे हैं।
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बोले जिम्मेदार
लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड-दो के अवर अभियंता रोचक पुरी ने बताया कि मार्ग जर्जर होने की जानकारी है। वर्ष 2018 में नवीनीकरण हुआ था और साल 2019 में यह मार्ग विभाग को हैंडओवर हुआ था। विशेष मरम्मत में प्रस्ताव तैयार कराया जा रहा है।
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बेहंदर। ब्लाॅक मुख्यालय को जोड़ने वाले असही आजमपुर मार्ग की दशा इन दिनों काफी खराब है। इस मार्ग पर कई गांव हैं और लोगों का आवागमन भी रहता है। जर्जर मार्ग होने से लोगों को सफर में समय भी अधिक लगता है और हिचकोले भी खाने पड़ रहे हैं। दो पहिया वाहन चालकों को यह मार्ग रोज दर्द दे रहा है।
बेहंदर-असही आज़मपुर को जाने वाली सड़क गिट्टियां उखड़ने के कारण सड़क जगह-जगह गड्ढे में तब्दील हो गई है। मार्ग पर राहगीरों का चलना मुश्किल हो गया है। करीब आठ किलोमीटर लंबी सड़क पर दो पहिया, चार पहिया वाहनों को 20 मिनट के सफर को पूरा करने में करीब 60 मिनट लग जाते हैं। समस्या के समाधान के लिए जिम्मेदार आगे नहीं आ रहे हैं।
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इस मार्ग से बकुई, गौरी बिटुर, गोंगावा, रसूलपुर आंट, असही आज़मपुर, सिंधवल, पिलखनी, नंदाखेड़ा, हाफिजखेड़ा, सरसंड, खरिका, गोडवा भूप, हसनापुर, पाल्हाराई, गौरी दायमपुर, दहिनार खेड़ा, बनियन खेड़ा, ताड़ेहार, दमगढ़ा, पिटयारी, कुतुबपुर, घुघेरा, निरंजनखेड़ा, महरिया, सुभानखेड़ा व संतोषा सहित दर्जनों गांव करीब दस हजार लोग आते-जाते हैं। सड़क के बदहाल होने से राहगीरों को समस्या का सामना करना पड़ता है। हादसे का डर भी बना रहता है। रात में राहगीरों के अधिक दिक्कत होती है।
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कासिमपुर गांव निवासी लालू गुप्ता ने बताया कि करीब 10 हजार लोग प्रतिदिन मार्ग से अपने गंतव्य को जाते हैं। तहसील व ब्लॉक मुख्यालय पहुंचने के लिए भी इसी मार्ग का सहारा लिया जाता है। मार्ग की हालत जर्जर है।
कासिमपुर निवासी अशोक ने बताया कि दो वर्ष से मार्ग जर्जर है, सड़क गड्ढे में तब्दील हो गई है। सड़क की मरम्मत हो जाए तो सहूलियत मिलेगी।
गौरी बिदूर निवासी जाकिर ने बताया कि सड़क पर गड्ढे बेहद खतरनाक हो गए हैं। रात के समय अंधेरा होने के कारण वाहन चालकों को अधिक परेशानी होती है।
अलादादपुर निवासी नीरज ने बताया कि सड़क की दशा खराब है। पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। लोग जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे हैं।
बोले जिम्मेदार
लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड-दो के अवर अभियंता रोचक पुरी ने बताया कि मार्ग जर्जर होने की जानकारी है। वर्ष 2018 में नवीनीकरण हुआ था और साल 2019 में यह मार्ग विभाग को हैंडओवर हुआ था। विशेष मरम्मत में प्रस्ताव तैयार कराया जा रहा है।