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गर्मी से फूलने लगी सांस
अमर उजाला ब्यूरो/हरदोई
Updated Wed, 20 Apr 2016 11:33 PM IST
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गर्मी से बचने के लिए गमछा बांधे।
- फोटो : अमर उजाला
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हरदोई। पिछले सात साल से लगातार तापमान बढ़ रहा है। इस बार अप्रैल माह के मध्य में ही पारा 42 डिग्री पर चल रहा है जो कि पिछले वर्षों की मुकाबले अधिक है। वर्ष 2009 और 10 के अप्रैल मध्य तक जहां पारे का अधिकतम औसत स्तर 35 से 37 डिग्री के आस पास रहा था, वर्ष 2011 व 2012 में 36 से 38 डिग्री सेल्सियस के आस पास पारा रहा।
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वर्ष 2013 व 2014 में अप्रैल मध्य तक 35 से 38 डिग्री के आस पास तापमान था। इसी तरह वर्ष 2015 में पारे का स्तर 34 से 37 डिग्री के आस पास था। 2016 में पारे का औसत तापमान 38 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच चल रहा है। मौसम वेधशाला के पर्यवेक्षक जयशंकर मिश्र कहते हैं कि मौसम के मिजाज कड़क हैं। तापमान को लेकर अलग अलग स्थानों पर अलग स्थिति है लेकिन बारिश न होना एवं बादल न छाना चिंता का विषय है।
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बढ़ते तापमान से साग सब्जी एवं फलों पर भी विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। जिले में करीब दो हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में कद्दू वर्गीय सब्जियों के अलावा खीरा, ककड़ी, टमाटर, की सब्जियां उगाई जा रही हैं। इसके अलावा कटहल एवं भिंडी की सब्जियों का भी उत्पादन हो रहा है इसके साथ ही करीब एक हजार हेक्टेयर में फल फूल की पट्टी का क्षेत्र है। आम के अलावा तरबूज, खरबूजा, लीची, नारियल आदि मौसमी फलों पर तेज तपन का प्रतिकूल असर पड़ा है।
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उपनिदेशक कृषि बृजेश चंद्रा कहते हैं कि आम, तरबूज, खरबूजा, ककड़ी, खीरा के साथ ही सब्जियों को उगाने का काम चल रहा है। अगेती खेती की फसलें तैयार हैं तो पिछैती के लिए काम चल रहा है। ऐसे में अप्रैल माह में पारे का 42 डिग्री पर पहुंचना खेती किसानी के लिए अनुकूल नहीं है।