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बाइक फिसलने से महिला रामगंगा नदी में डूबी
अमर उजाला ब्यूराो/हरदोई
Updated Thu, 14 Jul 2016 11:26 PM IST
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लाश
- फोटो : demo pic
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हरपालपुर। हरपालपुर बाजार से भाई के साथ लौट रही महिला बुधवार देर शाम बाइक फिसलने से रामगंगा नदी में डूब गई। भाई ने पतवार पकड़कर जान बचाई। पुलिस ने गोताखोरों से उसकी खोजबीन कराई लेकिन गुरुवार देर शाम तक पता नहीं चला। गुरुवार को महिला की बेटी की चौथी जानी थी।
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अरवल थाना क्षेत्र के बरान गांव निवासी रामलली (40) पत्नी स्व. रामपताप की बेटी की 11 जुलाई को शादी हुई थी। गुरुवार को उसकी चौथी जानी थी। इसके लिए रामलली गाड़ी करने बुधवार को हरपालपुर बाजार अपने भाई रामविलास (38) पुत्र चतुरी निवासी सिद्धार्थनगर थाना कासिमपुर के साथ आई थी। गाड़ी की बुकिंग और बाजार करने के बाद भाई-बहन बाइक से बुधवार की देर शाम करीब आठ बजे बरान लौट रहे थे। रामगंगा नदी पार करते समय बाइक फिसल कर नदी में जा गिरी। रामविलास ने नदी में खड़ी पतवार पकड़ ली लेकिन रामलली डूब गई। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। गुरुवार सुबह पुलिस ने गोताखोर बुलाए, लेकिन महिला का पता नहीं चल सका।
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दो साल पहले हुई थी पति की मौत
ग्राम प्रधान धर्मेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि रामलली के पति राम प्रताप कैंसर से पीड़ित थे। दो साल पहले उनकी मौत हो गई थी। इसके बाद से सात बच्चों को पालने की जिम्मेदारी रामलली पर ही आ गई थी। 14 बीघे खेती के सहारे वह बच्चों का पालन पोषण कर रही थी। जुलाई में एक बेटी की शादी भी की थी।
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सबसे छोटी बच्ची तीन साल की
रामलली के आठ बच्चे हैं। इनमें गीता (22) की शादी पति के सामने ही हो गई थी। दूसरी बेटी शांति (19) की शादी 11 जुलाई को की थी। इसके अलावा रामजीत (13), सलोनी (11), राजीवन (नौ), तापस (सात), गुड़िया (पांच) और रागिनी (तीन) का एकमात्र सहारा उसकी मां ही हैं। नदी में रामलली के डूबने से बच्चों को बुरा हाल है।