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‘किसान विरोधी नीति से छह हजार ने दी जान’

Wed, 07 Jan 2015 12:51 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई Updated Wed, 07 Jan 2015 12:51 AM IST
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" The anti-farmer policies '

भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरिपाल सिंह ने

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केंद्र सरकार पर किसानों के साथ धोखाधड़ी करने का आरोप लगाते हुए एमए स्वामीनाथन की रिपोर्ट लागू करने की मांग की। वह मंगलवार को डाकबंगले पर पत्रकारों से रूबरू हुए।

सिंह ने कहा कि रिपोर्ट लागू कराने को पांच राज्यों मेें अभियान जारी है, जबकि अन्य पांच राज्यों में 8 जनवरी से अभियान की शुरुआत की जायेगी। कहा कि किसान विरोधी नीति से देश में छह हजार किसानों को आत्महत्या करने जैसा कदम उठाना पड़ा।

चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसान हित में वादे तो किए, पर उन्हें पूरा अब तक नहीं कर पाए। आरोप लगाया कि केंद्र सरकार पूंजीपतियों की सरकार है, इसमें गरीब व किसान की दाल कहां गलनी। कहा कि मोदी सरकार ने देश के 75 प्रतिशत किसानों के लिए दो लाख हजार करोड़ रुपये आवंटित किए, जबकि अन्य 25 प्रतिशत के पक्ष में पांच लाख हजार करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।

उन्होंने सार्वजनिक वितरण प्रणाली व बिजली आदि की समस्या के लिए केंद्र सरकार को दोषी ठहराया। कहा किसानों को तो बिजली चोरी में जेल भेजा जा रहा है, पर सपा सरकार जमाखोरों के खिलाफ कार्यवाही क्यों नहीं कर रही। कालाबाजारी करने वालों के गिरेबान सरकार की पक ड़ से अभी भी दूर है।

इससे पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बस स्टैंड के पास आयोजित भूमि पूजन में भाग लिया। इस मौके पर जिलाध्यक्ष श्रीधर त्रिपाठी, नगर अध्यक्ष संजय गुप्ता, बृजेंद्र अवस्थी आदि मौजूद थे।

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