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Hardoi News: स्कूल वाहनों में की जा रही मानकों की अनदेखी
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संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। जिले में स्कूल वाहनों में मानकों की अनदेखी की जा रही है। बस के साथ छोटे स्कूल वाहन लगाए गए हैं, जो हादसे का कारण बन रहे है। विगत मंगलवार को एक स्कूल वैन पानी भरे गड्ढ़े में चली गई थी, जिसमें बच्चे बाल- बाल बचे थे। इसके बावजूद जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे है। जिससे बच्चों का जीवन संकट में पड़ रहा है।
जिले में वर्तमान में 557 स्कूल वाहन संचालित है। इनमें बस के अलावा छोटे वाहन भी शामिल है। स्कूल वाहनों के लिए शासन से मानक तय हैं। विद्यालय के वाहनों को उनका पालन करना अनिवार्य है। जिले में स्कूल बस, रिक्शा, टेंपो, जीप व अन्य प्रकार के वाहन से बच्चे लाए जा रहे हैं। जो बच्चों के जीवन के लिए खतरा बने हुए है।
यह हैं मानक -
- बस 15 वर्ष पुरानी न हो
- बस में बच्चों की सूची, जन्म, पता व ब्लड ग्रुप लिखा हो
- खिड़कियों पर रॉड होना चाहिए
-बस का रूट चार्ट लिखा जाए
-बस में एक पुरुष और महिला सहायक तैनात हो
-चालक व सहायक ड्रेस में हो
- अग्निशमन यंत्र बाक्स हो
- बस के पीछे प्रबंधक व प्रधानाचार्य का नंबर होना चाहिए।
इंसेट
स्कूल वाहनों की लगातार जांच की जा रही है। बीस छोटे वाहनों को सीज किया जा चुका है। कई बस संचालकों को नोटिस भी जारी की गई है। स्कूल वाहनों की अभियान चलाकर जांच की जाएगी। मानक पूरे न करने वाले सभी वाहनों को सीज किया जाएगा।
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दया शंकर सिंह, एआरटीओ प्रर्वतन
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हरदोई। जिले में स्कूल वाहनों में मानकों की अनदेखी की जा रही है। बस के साथ छोटे स्कूल वाहन लगाए गए हैं, जो हादसे का कारण बन रहे है। विगत मंगलवार को एक स्कूल वैन पानी भरे गड्ढ़े में चली गई थी, जिसमें बच्चे बाल- बाल बचे थे। इसके बावजूद जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे है। जिससे बच्चों का जीवन संकट में पड़ रहा है।
जिले में वर्तमान में 557 स्कूल वाहन संचालित है। इनमें बस के अलावा छोटे वाहन भी शामिल है। स्कूल वाहनों के लिए शासन से मानक तय हैं। विद्यालय के वाहनों को उनका पालन करना अनिवार्य है। जिले में स्कूल बस, रिक्शा, टेंपो, जीप व अन्य प्रकार के वाहन से बच्चे लाए जा रहे हैं। जो बच्चों के जीवन के लिए खतरा बने हुए है।
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यह हैं मानक -
- बस 15 वर्ष पुरानी न हो
- बस में बच्चों की सूची, जन्म, पता व ब्लड ग्रुप लिखा हो
- खिड़कियों पर रॉड होना चाहिए
-बस का रूट चार्ट लिखा जाए
-बस में एक पुरुष और महिला सहायक तैनात हो
-चालक व सहायक ड्रेस में हो
- अग्निशमन यंत्र बाक्स हो
- बस के पीछे प्रबंधक व प्रधानाचार्य का नंबर होना चाहिए।
इंसेट
स्कूल वाहनों की लगातार जांच की जा रही है। बीस छोटे वाहनों को सीज किया जा चुका है। कई बस संचालकों को नोटिस भी जारी की गई है। स्कूल वाहनों की अभियान चलाकर जांच की जाएगी। मानक पूरे न करने वाले सभी वाहनों को सीज किया जाएगा।
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दया शंकर सिंह, एआरटीओ प्रर्वतन