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प्रवक्ता छह, विद्यार्थी 27 सौ, कैसे पढ़ेंगे!

Tue, 25 Aug 2015 12:08 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,हरदोई
ब्यूरो/अमर उजाला,हरदोई Updated Tue, 25 Aug 2015 12:08 AM IST
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Spokesman six , students 27 hundred , how to read !

जिले की अग्रणी संस्था सीएसएन पीजी कालेज में

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अव्यवस्थाओं का बोलबाला है। इस महाविद्यालय में अर्से से प्रवक्ताओं के पद रिक्त पड़े हैं, जिसको लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन गंभीर नहीं। हैरत की बात है कि कालेज के प्राचार्य का पद भी छह सालों से खाली पड़ा है।

ऐसे में कार्यवाहक प्राचार्य सीमित संसाधनोें से डिग्री कालेज में बेहतर शिक्षा दिलाने का दावा कर रहे हैं। आलम यह है कि 2700 विद्यार्थियों की जिम्मेदारी मात्र छह प्रवक्ताओं पर है। वहीं नान टीचिंग स्टाप का भी खासा टोटा है। सीएसएन महाविद्यालय में कला विषय में परास्नातक तक सह शिक्षा की व्यवस्था है।

यहां पर बीए प्रथम वर्ष की 660 सीटें निर्धारित हैं। इसके अलावा एमए प्रथम वर्ष में अर्थशास्त्र, भूगोल, हिंदी, राजनीति विज्ञान, संस्कृत और समाज शास्त्र में 60-60 सीटों पर विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया गया है। कालेज प्रशासन की माने तो वर्ष 1992 से इतिहास, वर्ष 2002 से अंग्रेजी, वर्ष 2012 से अर्थशास्त्र प्रवक्ता के पद रिक्त पड़े हैं, जिससे इन विषयों के  विद्यार्थियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

वहीं अन्य विषयों में गिने चुने प्रवक्ता रह गए है। ऐसे में शिक्षण व्यवस्था रामभरोसे चल रही है। ज्ञात हो कि कुछ माह पहले सूबे के गवर्नर और विवि के कुलाधिपति राम नाईक ने महाविद्यालय में आयोजित समारोह में आश्वासन दिया था कि वह यहां के रिक्त पदों की रिपोर्ट उनके पास भेजें।

वह यहां जल्द प्रवक्ताओं की तैनाती की व्यवस्था करेंगे, पर अब तक नतीजा सिफर रहा। महाविद्यालय की यह हालत तब है, जबकि जिलाधिकारी कालेज कमेटी के अध्यक्ष है। ऐसे में यहां बगैर प्रवक्ता के विद्यार्थी किस प्रकार शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, इसका अनुमान स्वत: ही लगाया जा सकता है।

उधर, महाविद्यालय में प्राचार्य का पद वर्ष 09 से खाली चल रहा है। ऐसे में महाविद्यालय कार्यवाहक प्राचार्य के सहारे चल रहा है। इससे कालेज के मामले निपट नहीं पा रहे हैं। इसी तरह महाविद्यालय की प्रबंध समिति कई वर्षों से भंग चल रही है। इस कारण महाविद्यालय प्रशासन के अधीन है।

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