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सपा के श्याम, जपेंगे अब राम-राम
अमर उजाला ब्यूरो/हरदोई
Updated Mon, 13 Jun 2016 11:28 PM IST
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श्याम प्रकाश
- फोटो : अमर उजाला
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हरदोई। राज्यसभा और एमएलसी चुनाव में भाजपा समर्थित प्रत्याशी के पक्ष में वोटिंग करने के कारण सपा आलाकमान ने गोपामऊ विधायक श्याम प्रकाश को पार्टी से निलंबित कर दिया है। विधायक फिलहाल पार्टी में ही हैं लेकिन उनकी बातों से ये संकेत मिल रहा है कि उनका अगला पड़ाव भाजपा होगा। जिस तरह के हालात बन रहे हैं, उससे श्याम प्रकाश का गोपामऊ सुरक्षित सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ना भी लगभग तय है। सोमवार शाम सपा जिलाध्यक्ष शराफत अली ने श्याम प्रकाश को निलंबित करने की विज्ञप्ति जारी की।
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श्याम प्रकाश ने सक्रिय राजनीति की शुरुआत कांग्रेस से की थी। पार्टी ने 1993 के विधानसभा चुनाव में उन्हें अहिरोरी सुरक्षित सीट मैदान में उतारा। ये चुनाव तो श्याम प्रकाश हार गए लेकिन अपनी मजबूत पहचान बनाने में कामयाब रहे। इसके बाद प्रदेश में कांग्रेस और बसपा ने गठबंधन कर चुनाव लड़ा। इस चुनाव में श्याम प्रकाश जीत दर्ज कर विधानसभा पहुंच गए। बसपा सरकार ने अनुसूचित जाति जनजाति वित्त विकास निगम का अध्यक्ष बनाकर राज्यमंत्री का दर्जा दिया तो जिले में श्याम प्रकाश का कद और बढ़ गया। पिछले चुनाव में परिसीमन में अहिरोरी सीट खत्म होने पर श्याम प्रकाश नई बनी गोपामऊ सीट पहुंच गए। इस बार उन्होंने पार्टी भी बदली और सपा की साइकिल पर सवार होकर विधानसभा पहुंचे।
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2014 में हुए लोकसभा चुनाव में श्याम प्रकाश के भतीजे अंशुल वर्मा को भाजपा ने हरदोई लोकसभा चुनाव से मैदान में उतार दिया। तब ये चर्चा आम हो गई थी कि चाचा, भतीजे के साथ जाएंगे। दलबदल अधिनियम की बेड़ियां पड़ी होने के कारण सपा विधायक श्याम प्रकाश रहे तो सपा में ही लेकिन पार्टी प्रत्याशी ऊषा वर्मा का खुलकर प्रचार भी नहीं किया। चुनाव के पहले पार्टी महासचिव नरेश अग्रवाल से भी उनकी तकरार हो चुकी है। सपा में बढ़ती कड़वाहट के कारण श्याम प्रकाश नया रास्ता तलाश रहे थे। राज्यसभा चुनाव में भाजपा समर्थित प्रत्याशी प्रीती महापात्रा को वोट के जरिए मुराद पूरी होती दिखी तो श्याम प्रकाश ने भगवा दल से नजदीकियां बढ़ा लीं। अभी चूंकि पार्टी ने उन्हें निलंबित किया है इसलिए फिलहाल वह सपा में ही रहेंगे लेकिन चुनाव नजदीक आते ही भगवा चोला ओढ़ना तय है।
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अभी मुझे नोटिस नहीं मिला : श्याम प्रकाश
अभी मुझे निलंबन का नोटिस नहीं मिला है, मीडिया से जरूर जानकारी मिली है। नोटिस मिलने पर पार्टी को जवाब दूंगा, अगर पार्टी ने बर्खास्त किया तो क्षेत्र की जनता और समर्थकों से सलाह कर आगे की रणनीति बनाऊंगा। क्या भाजपा में जाएंगे। इस सवाल पर श्याम प्रकाश ने कहा कि चूंकि प्रीती महापात्रा को वोट दिया है तो आगे की राह का अंदाजा आप खुद लगा लीलिए।