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Hardoi News: संपत्ति और 5.40 लाख के लिए बेटों और पोतों ने की थी बुजुर्ग की हत्या
Fri, 31 Oct 2025 11:22 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
Updated Fri, 31 Oct 2025 11:22 PM IST
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फोटो-23-विवेक। संवाद
फोटो-24-अमन। संवाद
- शाहाबाद के आगमपुर तिराहे पर मिले बुजुर्ग की इलाज के दौरान हो गई थी मौत
- पुलिस ने नाबालिग पोते समेत तीन को पकड़ा, 1.60 लाख रुपये बरामद
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र में हुई बुजुर्ग की हत्या के आरोप में पुलिस ने उसके पुत्र और दो पोतों को पकड़ा है। इनमें एक पोता नाबालिग है। अभी पुलिस को मृतक के एक और पुत्र की तलाश है।
संपत्ति और 5.40 लाख रुपये हासिल करने के लिए साजिशन से घटना को अंजाम दिया गया था। पुलिस ने आरोपियों के पास से 1.60 लाख रुपये बरामद किए हैं। घटना में इस्तेमाल दो डंडे, सरिया और बुजुर्ग का मोबाइल भी बरामद किया है।
शाहाबाद के आगमपुर तिराहे पर मुरीदापुर निवासी राम सुरेश (70) की मिठाई की दुकान थी। चार अक्तूबर को राम सुरेश घर के पास बेहोशी की हालत में पड़े मिले थे। परिजन उन्हें शाहजहांपुर के एक निजी अस्पताल ले गए थे। यहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी।
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पोस्टमार्टम में सिर में डंडे और लोहे की किसी वस्तु से वार किए जाने से मौत होने की बात सामने आई थी। शरीर पर चोट के कई निशान भी मिले थे। परिजन रंजिश की बात से इन्कार कर रहे थे। घटना का खुलासा करने के लिए सहायक पुलिस अधीक्षक आलोक राज नारायण के नेतृत्व में टीम काम कर रही थी।
सहायक पुलिस अधीक्षक ने बताया कि 5.40 लाख रुपये और संपत्ति के लालच में बुजुर्ग के दो बेटों और दो पोतों ने मिलकर हत्या की थी। राम सुरेश की नजदीकियां परिवार की ही एक महिला से थीं। वह अपने हिस्से की ज्यादातर चीजें उसी महिला को दे रहा था। इससे राम सुरेश के पुत्र विवेक और अरुण, अरुण का पुत्र (नाबालिग) और तीसरे पुत्र बहोरन का पुत्र अमन नाराज रहता था।
विवेक, अरुण, अमन ने एक किशोर के साथ हत्या की साजिश रची थी। विवेक और अमन कुमार को गिरफ्तार किया गया है। एक किशोर भी पकड़ा गया है। मामले में अभी एक और आरोपी की तलाश है।
इनसेट
घटना को मोड़ देने के लिए यह रची थी कहानी
पुलिस से जुड़े सूत्र बताते हैं कि तीन अक्तूबर को ही घटना अंजाम देने की बात तय हुई थी। रात में चारों आरोपी ज्वैलरी शॉप का शटर तोड़ने पहुंचे। इसके बाद राम सुरेश को डंडे से पीटा। सरिया सिर में मार दिया। उसे मरा समझकर यह लोग चले गए थे, लेकिन परिवार की महिलाओं को इस पूरी योजना का पता नहीं था। चार अक्तूबर की सुबह परिवार की महिलाएं खेत गईं तो राम सुरेश कराहते हुए मिले। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया।
इनसेट
रुपये अभी मिल जाएंगे फिर संपत्ति तो अपने आप नाम आ जाएगी...
राम सुरेश ने चार बीघा जमीन 15 लाख रुपये में बेची थी। 12 लाख रुपये में दूसरी जमीन खरीद ली थी। 20-20 हजार रुपये बेटों को दे दिए थे। इसके बाद उनके पास 2.40 लाख रुपये बचे थे। छोटे भाई राम नरेश अविवाहित हैं और उनके साथ ही रहते थे। राम नरेश ने भी 12 लाख रुपये में खेत बेचा था। तीन-तीन लाख रुपये अपने भतीजों (रामसुरेश के पुत्रों) विवेक, अरुण और बहोरन को दे दिए थे। तीन लाख रुपये बचे थे, वह राम सुरेश के पास रखवा दिए थे। कुल 5.40 लाख रुपये राम सुरेश अपने पास दुकान में रखता था। विवेक और अमन ने पुलिस को बताया कि यह रुपये लेने का इरादा था और ले भी लिए थे, फिर राम सुरेश की मौत के बाद संपत्ति तो खुद ही पुत्रों के नाम आ जाएगी।
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फोटो-24-अमन। संवाद
- शाहाबाद के आगमपुर तिराहे पर मिले बुजुर्ग की इलाज के दौरान हो गई थी मौत
- पुलिस ने नाबालिग पोते समेत तीन को पकड़ा, 1.60 लाख रुपये बरामद
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र में हुई बुजुर्ग की हत्या के आरोप में पुलिस ने उसके पुत्र और दो पोतों को पकड़ा है। इनमें एक पोता नाबालिग है। अभी पुलिस को मृतक के एक और पुत्र की तलाश है।
संपत्ति और 5.40 लाख रुपये हासिल करने के लिए साजिशन से घटना को अंजाम दिया गया था। पुलिस ने आरोपियों के पास से 1.60 लाख रुपये बरामद किए हैं। घटना में इस्तेमाल दो डंडे, सरिया और बुजुर्ग का मोबाइल भी बरामद किया है।
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शाहाबाद के आगमपुर तिराहे पर मुरीदापुर निवासी राम सुरेश (70) की मिठाई की दुकान थी। चार अक्तूबर को राम सुरेश घर के पास बेहोशी की हालत में पड़े मिले थे। परिजन उन्हें शाहजहांपुर के एक निजी अस्पताल ले गए थे। यहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी।
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पोस्टमार्टम में सिर में डंडे और लोहे की किसी वस्तु से वार किए जाने से मौत होने की बात सामने आई थी। शरीर पर चोट के कई निशान भी मिले थे। परिजन रंजिश की बात से इन्कार कर रहे थे। घटना का खुलासा करने के लिए सहायक पुलिस अधीक्षक आलोक राज नारायण के नेतृत्व में टीम काम कर रही थी।
सहायक पुलिस अधीक्षक ने बताया कि 5.40 लाख रुपये और संपत्ति के लालच में बुजुर्ग के दो बेटों और दो पोतों ने मिलकर हत्या की थी। राम सुरेश की नजदीकियां परिवार की ही एक महिला से थीं। वह अपने हिस्से की ज्यादातर चीजें उसी महिला को दे रहा था। इससे राम सुरेश के पुत्र विवेक और अरुण, अरुण का पुत्र (नाबालिग) और तीसरे पुत्र बहोरन का पुत्र अमन नाराज रहता था।
विवेक, अरुण, अमन ने एक किशोर के साथ हत्या की साजिश रची थी। विवेक और अमन कुमार को गिरफ्तार किया गया है। एक किशोर भी पकड़ा गया है। मामले में अभी एक और आरोपी की तलाश है।
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घटना को मोड़ देने के लिए यह रची थी कहानी
पुलिस से जुड़े सूत्र बताते हैं कि तीन अक्तूबर को ही घटना अंजाम देने की बात तय हुई थी। रात में चारों आरोपी ज्वैलरी शॉप का शटर तोड़ने पहुंचे। इसके बाद राम सुरेश को डंडे से पीटा। सरिया सिर में मार दिया। उसे मरा समझकर यह लोग चले गए थे, लेकिन परिवार की महिलाओं को इस पूरी योजना का पता नहीं था। चार अक्तूबर की सुबह परिवार की महिलाएं खेत गईं तो राम सुरेश कराहते हुए मिले। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया।
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रुपये अभी मिल जाएंगे फिर संपत्ति तो अपने आप नाम आ जाएगी...
राम सुरेश ने चार बीघा जमीन 15 लाख रुपये में बेची थी। 12 लाख रुपये में दूसरी जमीन खरीद ली थी। 20-20 हजार रुपये बेटों को दे दिए थे। इसके बाद उनके पास 2.40 लाख रुपये बचे थे। छोटे भाई राम नरेश अविवाहित हैं और उनके साथ ही रहते थे। राम नरेश ने भी 12 लाख रुपये में खेत बेचा था। तीन-तीन लाख रुपये अपने भतीजों (रामसुरेश के पुत्रों) विवेक, अरुण और बहोरन को दे दिए थे। तीन लाख रुपये बचे थे, वह राम सुरेश के पास रखवा दिए थे। कुल 5.40 लाख रुपये राम सुरेश अपने पास दुकान में रखता था। विवेक और अमन ने पुलिस को बताया कि यह रुपये लेने का इरादा था और ले भी लिए थे, फिर राम सुरेश की मौत के बाद संपत्ति तो खुद ही पुत्रों के नाम आ जाएगी।