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कहीं बूंद की किल्लत तो कहीं फालतू बह रहा पानी
अमर उजाला ब्यूरो/हरदोई
Updated Mon, 02 May 2016 11:46 PM IST
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फालतू बह रहा पानी।
- फोटो : अमर उजाला
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हरदोई। बढ़ती गर्मी और गिरते जल स्तर ने अब अपनी कीमत आम जनमानस को जतानी शुरू कर दी है। इसके बावजूद सोमवार को रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर जहां एक ओर एक-एक बूंद पानी के लिए यात्री संघर्ष करते दिखे वहीं दूसरी ओर खराब नल से सैकड़ों लीटर पानी फालतू बहता रहा।
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कड़क धूप और बढ़ी गर्मी से जलस्तर नीचे खिसक चुका है। घरों में लगे हैंडपंप जवाब दे चुके हैं। गांवों में तालाब और पोखर भी मैदान में तब्दील हो चुके हैं। मतलब यह कि पानी ने अब इंसान को अपनी कीमत बतानी शुरू कर दी है। प्यास बुझाने को अभी से लोगों को काफी जतन करने पड़ रहे हैं। रेलवे स्टेशन पर भी ट्रेनों के रुकने के बाद प्लेटफार्म पर पानी के नलों पर जुटने वाली यात्रियों की भीड़ को देख पानी का मोल सहजता से जाना जा सकता है।
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सोमवार को ऐसे दृश्य ट्रेनों के रुकने पर दिखाई भी दिए। ऐसे मौके पर गायत्री परिवार के लोगों ने ट्रेन के अंदर से निकले हाथों में थमी बोतलों में पानी भरकर सूखे सैकड़ों कंठों को राहत दी। मगर इसी प्लेटफार्म पर दो नलों की टोटियाें से दिन भर सैकड़ों लीटर पानी बहता देखा गया। इस तरफ जिम्मेदारों को सूचित भी किया गया लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। स्टेशन अधीक्षक रामरतन ने बताया कि पहले टोटियां लोहे की होती थीं जिन्हें स्मैकिए खोल ले जाते थे। अब सब बदल कर प्लास्टिक की कर दी गईं। मगर यह यात्रियों की खींचतान में टूट जाती हैं। आईओडब्ल्यू के जिम्मेदार डीके शर्मा को सूचित कर दिया गया है। शाम तक नलों की टाेंटियां बदल दी जाएंगी।
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