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Hardoi News: सुखेता नदी की बाढ़ में डूबे शर्मा और मिठनापुर के पुल, 50 हजार से अधिक लोगों का आवागमन ठप
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शाहाबाद/पाली/बिलग्राम। सुखेता नदी में पानी बढ़ने से शाहाबाद क्षेत्र के शर्मा और मिठनापुर गांव के पास पुल पानी में डूब गए हैं। जिससे करीब 50,000 से अधिक आबादी का सड़क मार्ग से आवागमन ठप हो गया है। सात गांवों के लोगों का जनजीवन प्रभावित हुआ। पाली में गर्रा नदी में पानी बढ़ने से कहारकोला गांव में बाढ़ की आशंका बढ़ गई है। बिलग्राम में राजघाट पर गंगा नदी का पानी सामान्य बना हुआ है।
शाहाबाद में सुखेता नदी में आई बाढ़ ने क्षेत्र के जनजीवन को प्रभावित किया है। बाढ़ के पानी से शर्मा और मिठनापुर के पुल पानी में डूब गए हैं। वहीं पड़ोस के सात गांव के पचास हजार लोगों का आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया है। हालत यह है कि तहसील स्तर से कोई सहायता न मिलने से प्रभावित लोगों को रोजमर्रा की घरेलू चीजों के लिए भी परेशानी उठानी पड़ रही है। बच्चों का भी स्कूल आना-जाना बंद हो गया है। शर्मा गांव व मिठनापुर पुल पर बाढ़ का पानी आने से शर्मा, मिठनापुर, फतेपुर शिव गुलाम, धर्मापुर, झरसा आलम, झरसा केसरी, बिलालपुर आदि गांव के पचास हजार लोगों का जीवन प्रभावित हुआ है। प्रभावित गांव के लोगों की शिकायत है कि पिछले कई वर्षों से मांग के बाद भी ऊंचे पुल का निर्माण नहीं कराया जा सका है। नायब तहसीलदार संतोष कुशवाहा ने बताया कि जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं।
पाली में गर्रा नदी के बढ़ते जलस्तर ने नदी किनारे बसे कहारकोला गावं के लोगों में एक बार फिर बाढ़ का खौफ बैठा दिया है। कहारकोला गावं के अंदर जाने वाले लिंक मार्ग की मिट्टी कटने से बीच रास्ते में गड्ढा भी हो गया है। कहारकोला गांव आबादी करीब 3,000 होगी। बिलग्राम क्षेत्र में गंगा नदी का पानी बढ़ रहा है, परंतु स्थिति अभी सामान्य है। गंगा नदी के आसपास के गांवों की तरफ कोई बहाव और बढ़ाव देखने को नहीं मिल रहा है। राजघाट आने-जाने वाले कांवड़िए गंगाजल लेने जा रहे हैं।
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बैराजों से गंगा नदी में छोड़ा गया छोड़ा गया 2.29 लाख क्यूसेक पानी
हरदोई। पहाड़ों पर हो रही बारिश के कारण बैराजों से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। मंगलवार को गंगा नदी में हरिद्वार बैराज से 1,43,624 क्यूसेक, नरौरा बैराज से 80,447 क्यूसेक और ड्यटी डैम पीलीभीत से 5,499 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गंगा नदी का पानी फर्रूखाबाद के पांचाल घाट पर चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर से 20 सेंटीमीटर बना हुआ है। गर्रा नदी में शाहजहांपुर के मुमोक्ष आश्रम पर 25 सेंटीमीटर पानी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहां पर गर्रा नदी का पानी 143.95 मीटर पर आ गया है।
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शाहाबाद में सुखेता नदी में आई बाढ़ ने क्षेत्र के जनजीवन को प्रभावित किया है। बाढ़ के पानी से शर्मा और मिठनापुर के पुल पानी में डूब गए हैं। वहीं पड़ोस के सात गांव के पचास हजार लोगों का आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया है। हालत यह है कि तहसील स्तर से कोई सहायता न मिलने से प्रभावित लोगों को रोजमर्रा की घरेलू चीजों के लिए भी परेशानी उठानी पड़ रही है। बच्चों का भी स्कूल आना-जाना बंद हो गया है। शर्मा गांव व मिठनापुर पुल पर बाढ़ का पानी आने से शर्मा, मिठनापुर, फतेपुर शिव गुलाम, धर्मापुर, झरसा आलम, झरसा केसरी, बिलालपुर आदि गांव के पचास हजार लोगों का जीवन प्रभावित हुआ है। प्रभावित गांव के लोगों की शिकायत है कि पिछले कई वर्षों से मांग के बाद भी ऊंचे पुल का निर्माण नहीं कराया जा सका है। नायब तहसीलदार संतोष कुशवाहा ने बताया कि जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं।
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पाली में गर्रा नदी के बढ़ते जलस्तर ने नदी किनारे बसे कहारकोला गावं के लोगों में एक बार फिर बाढ़ का खौफ बैठा दिया है। कहारकोला गावं के अंदर जाने वाले लिंक मार्ग की मिट्टी कटने से बीच रास्ते में गड्ढा भी हो गया है। कहारकोला गांव आबादी करीब 3,000 होगी। बिलग्राम क्षेत्र में गंगा नदी का पानी बढ़ रहा है, परंतु स्थिति अभी सामान्य है। गंगा नदी के आसपास के गांवों की तरफ कोई बहाव और बढ़ाव देखने को नहीं मिल रहा है। राजघाट आने-जाने वाले कांवड़िए गंगाजल लेने जा रहे हैं।
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बैराजों से गंगा नदी में छोड़ा गया छोड़ा गया 2.29 लाख क्यूसेक पानी
हरदोई। पहाड़ों पर हो रही बारिश के कारण बैराजों से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। मंगलवार को गंगा नदी में हरिद्वार बैराज से 1,43,624 क्यूसेक, नरौरा बैराज से 80,447 क्यूसेक और ड्यटी डैम पीलीभीत से 5,499 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गंगा नदी का पानी फर्रूखाबाद के पांचाल घाट पर चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर से 20 सेंटीमीटर बना हुआ है। गर्रा नदी में शाहजहांपुर के मुमोक्ष आश्रम पर 25 सेंटीमीटर पानी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहां पर गर्रा नदी का पानी 143.95 मीटर पर आ गया है।