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गुलजार शिक्षा के मंदिरों में चहचहाते नजर आएं नौनिहाल
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पिहानी के जूनियर हाईस्कूल में परिसर में कुछ इस तरह पढ़ते बच्चे। संवाद
- फोटो : HARDOI
हरदोई। लॉकडाउन के बाद से बंद चल रहे जिले के स्कूल करीब 11 माह बाद फिर गुलजार हो गए। लंबे अर्से बाद स्कूल पहुंचे छात्र-छात्राएं सहपाठियों को देखकर खुश हो गए। पूरे दिन बच्चे खिलखिलाते नजर आए।
बच्चों के आते ही स्कूलों में रौनक से शिक्षक-शिक्षिकाओं के चेहरों पर भी खुशी दिखाई दी। सभी विद्यालयों में शासन से जारी निर्देशों का पालन करते हुए ही बच्चों को कक्षाओं में प्रवेश दिया गया। उन्हें निर्धारित सीटों पर बैठाया गया। उन्हें कोरोना गाइड लाइन का पालन करने के निर्देश दिए। प्रस्तुत है कुछ विद्यालयों की रिपोर्ट...
थर्मल स्क्रीनिंग करने के बाद मिला प्रवेश
हरदोई। महात्मा गांधी मार्ग स्थित राम जूनियर हाईस्कूल में छात्रों की थर्मल स्क्रीनिंग करने के बाद ही कक्षाओं में प्रवेश दिया गया। कक्षा में बेंचों पर गोले बनाए गए थे।
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इसके अनुसार ही बच्चे बैठाए गए। इनके बीच छह फिट की दूरी रखी गई। प्रधानाचार्य रमेश चंद्र गुप्ता ने बताया कि पहले दिन कक्षा आठ के बच्चों को बुलाया गया था। कक्षा आठ में करीब 135 छात्र हैं। इसमें 62 से अधिक बच्चों को बुलाया गया, 45 बच्चे ही आए।
छात्राओं को बताए कोरोना के नियम
हरदोई। रेलवेगंज स्थित कन्या जूनियर हाईस्कूल में कोरोना नियमों का पालन कराते हुए कक्षा में छात्राओं को बैठाया गया। लंबे अर्से बाद आई छात्राओं में काफी उत्साह देखा गया।
छात्राएं सहपाठियों से मिलकर बहुत ही खुश हुईं। प्रधानाध्यापिका अनुपम यादव ने छात्राओं को कोरोना के बारे में जानकारी दी। उनके हाथों को सैनिटाइज कराया गया। साथ ही उन्हें साफ-सफाई के लिए प्रेरित किया।
अपने मित्रों से मिलीं छात्राएं। संवाद
दोस्तों से मिलकर खुश हुए बच्चे
हरदोई। छात्र-छात्राओं के लिए बुधवार का दिन खास रहा। स्कूलों में छात्र-छात्राओं के पहुंचने के बाद शिक्षकों के चेहरों पर भी मुस्कान दिखी। छात्र-छात्राएं दोस्तों से मिलकर खुश हुए।
न्यू सनबीम में छात्राएं सहपाठियों को देखकर झूमती नजर आईं। प्रधानाचार्या ममता मिश्रा का कहना है कि 11 माह का समय छात्र-छात्राओं के लिए घर में बैठना दुष्कर था। धीरे-धीरे सब पटरी पर आ जाएगा।
11 माह बाद स्कूलों में लौटी रौनक
पिहानी। कोविड-19 के चलते बंद स्कूल बुधवार को खुले। पहले दिन कक्षा आठ के बच्चे ही बुलाए गए। कस्बा स्थित जूनियर हाईस्कूल में पहले दिन तकरीबन 30 बच्चे स्कूल पहुंचे।
ज्यादातर स्कूलों में बच्चों की संख्या कम ही रही। जूनियर हाईस्कूल देहलिया रामपुर में भी पहले दिन 55 बच्चे पहुंचे। प्रधानाध्यापक कय्यूम अंसारी ने बताया कि कोविड नियमों पालन किया गया।
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बच्चों के आते ही स्कूलों में रौनक से शिक्षक-शिक्षिकाओं के चेहरों पर भी खुशी दिखाई दी। सभी विद्यालयों में शासन से जारी निर्देशों का पालन करते हुए ही बच्चों को कक्षाओं में प्रवेश दिया गया। उन्हें निर्धारित सीटों पर बैठाया गया। उन्हें कोरोना गाइड लाइन का पालन करने के निर्देश दिए। प्रस्तुत है कुछ विद्यालयों की रिपोर्ट...
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थर्मल स्क्रीनिंग करने के बाद मिला प्रवेश
हरदोई। महात्मा गांधी मार्ग स्थित राम जूनियर हाईस्कूल में छात्रों की थर्मल स्क्रीनिंग करने के बाद ही कक्षाओं में प्रवेश दिया गया। कक्षा में बेंचों पर गोले बनाए गए थे।
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इसके अनुसार ही बच्चे बैठाए गए। इनके बीच छह फिट की दूरी रखी गई। प्रधानाचार्य रमेश चंद्र गुप्ता ने बताया कि पहले दिन कक्षा आठ के बच्चों को बुलाया गया था। कक्षा आठ में करीब 135 छात्र हैं। इसमें 62 से अधिक बच्चों को बुलाया गया, 45 बच्चे ही आए।
छात्राओं को बताए कोरोना के नियम
हरदोई। रेलवेगंज स्थित कन्या जूनियर हाईस्कूल में कोरोना नियमों का पालन कराते हुए कक्षा में छात्राओं को बैठाया गया। लंबे अर्से बाद आई छात्राओं में काफी उत्साह देखा गया।
छात्राएं सहपाठियों से मिलकर बहुत ही खुश हुईं। प्रधानाध्यापिका अनुपम यादव ने छात्राओं को कोरोना के बारे में जानकारी दी। उनके हाथों को सैनिटाइज कराया गया। साथ ही उन्हें साफ-सफाई के लिए प्रेरित किया।
अपने मित्रों से मिलीं छात्राएं। संवाद
दोस्तों से मिलकर खुश हुए बच्चे
हरदोई। छात्र-छात्राओं के लिए बुधवार का दिन खास रहा। स्कूलों में छात्र-छात्राओं के पहुंचने के बाद शिक्षकों के चेहरों पर भी मुस्कान दिखी। छात्र-छात्राएं दोस्तों से मिलकर खुश हुए।
न्यू सनबीम में छात्राएं सहपाठियों को देखकर झूमती नजर आईं। प्रधानाचार्या ममता मिश्रा का कहना है कि 11 माह का समय छात्र-छात्राओं के लिए घर में बैठना दुष्कर था। धीरे-धीरे सब पटरी पर आ जाएगा।
11 माह बाद स्कूलों में लौटी रौनक
पिहानी। कोविड-19 के चलते बंद स्कूल बुधवार को खुले। पहले दिन कक्षा आठ के बच्चे ही बुलाए गए। कस्बा स्थित जूनियर हाईस्कूल में पहले दिन तकरीबन 30 बच्चे स्कूल पहुंचे।
ज्यादातर स्कूलों में बच्चों की संख्या कम ही रही। जूनियर हाईस्कूल देहलिया रामपुर में भी पहले दिन 55 बच्चे पहुंचे। प्रधानाध्यापक कय्यूम अंसारी ने बताया कि कोविड नियमों पालन किया गया।

संडीला के उच्च प्राथमिक विद्यालय में बच्चों को पढ़ाते मिले शिक्षक। संवाद- फोटो : HARDOI