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Hardoi News: एसबीआई, पीएनबी और यूबीआई ने बिगाड़ा जिले का जमा-अनुपात

Sat, 25 Jul 2026 12:10 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 25 Jul 2026 12:10 AM IST
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SBI, PNB, and UBI have adversely affected the district's deposit-credit ratio.
हरदोई। बैंकर्स के लिए भारतीय रिजर्व बैंक के आदेश फाइलों की शोभा भर ही हैं। जून माह तिमाही की जमा-अनुपात में एसबीआई, पीएनबी और यूबीआई के ऋण वितरण ने जिले का जमा-अनुपात बिगाड़ दिया है। इन बैंकों का जमा-अनुपात प्रदेश और जिले के जमा-अनुपात से भी कम रह गया है।
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बैंकर्स को जमा-अनुपात में संतुलन बनाकर काम करने की व्यवस्था दी गई है। भारतीय रिजर्व बैंक की व्यवस्था के मुताबिक, किसी भी बैंक को जमा के सापेक्ष अधिकतम 78 प्रतिशत तक ऋण वितरित किए जाने की सीमा तय की गई है। चालू वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही जून माह में जिले का जमा-अनुपात 57.67 प्रतिशत रहा है, जो आरबीआई की व्यवस्था और प्रदेश के औसत 60 प्रतिशत से कम रहा है। वहीं जिले की राष्ट्रीयकृत, सहकारी और निजी क्षेत्र की 285 बैंक शाखाओं में 15,806 करोड़ रुपये के जमा के सापेक्ष 9,115 करोड़ रुपये का कर्ज बांटा गया है। यह 57.67 प्रतिशत है।
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जमा-अनुपात में कम प्रदर्शन वाली बैंकों में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की 30 शाखाओं में 3,285 करोड़ रुपये जमा है, जबकि जिले की प्रमुख बैंक होने के बाद भी बैंक की तरफ 1,284 करोड़ रुपये का ऋण बांटा गया, जो कि 39.09 प्रतिशत ही है। ऐसे ही यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (यूबीआई) की 12 शाखाओं में करीब 688 करोड़ रुपये जमा है। इसमें से 297 करोड़ रुपये ऋण में वितरित किए गए हैं। यह 43.21 प्रतिशत है। ऐसे ही पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की 17 शाखाओं में करीब 1,651 करोड़ रुपये जमा है। जबकि पीएनबी ने 790 करोड़ रुपये का ही ऋण वितरित किया है, जो कि 47.88 प्रतिशत होता है। पंजाब एंड सिंध बैंक 64 करोड़ रुपये जमा के सापेक्ष 29 करोड़ रुपये का ऋण बांटकर 45 प्रतिशत तक पहुंच पाया है।
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वर्जन
जमा-अनुपात का किसी भी जिले और प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान होता है। जमा-अनुपात बढ़ने से जनपद का औद्योगिक विकास ही नहीं, आर्थिक विकास भी होगा। बैंकर्स को लगातार जिले के उद्यमियों, व्यवसायियों और युवाओं को पात्रता में आने पर बिना देरी के ऋण दिए जाने के आदेश हैं। समय से ऋण मिल जाने से जिले में औद्योगिक इकाइयों की स्थापना, युवाओं को स्वरोजगार स्थापित करने में आसानी रहती है।

अनुनय झा, जिलाधिकारी
वर्जन
जमा-अनुपात की प्रत्येक तिमाही पर समीक्षा की जाती है। कम जमा-अनुपात वाली बैंकों के प्रबंधक और समन्वयकों को इसमें अगली तिमाही में सुधार के लिए कहा जाता है। प्रदेश में जमा-अनुपात का औसत 60 प्रतिशत है। जनपद का 57.67 प्रतिशत है, जबकि इन बैंकों का प्रदेश और जनपद के औसत से भी कम जमा-अनुपात रहा है। इससे बैंकर्स और जिले की प्रगति प्रभावित होती है।
अरविंद रंजन, अग्रणी जिला प्रबंधक
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