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आठ माह से 48 पीआरडी के घरों की रोटी फंसाएं शिक्षा विभाग
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हरदोई जिले के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में अध्ययनरत बालिकाओं की सुरक्षा को लगाए गए 48 पीआरडी जवानों को पिछले आठ माह से मानदेय के रूप में फूटी कौड़ी नहीं मिली। शिक्षा विभाग ने जिले के 16 बा स्कूलों में इन्हें रात्रिकालीन ड्य़ूटी पर रख तो लिया, ड्यूटी भत्ते का भुगतान नहीं हो पा रहा है। जवानों के परिवारों को भुखमरी की कगार पर देख सीडीओ ने भी शिक्षा विभाग को दो टूक पत्र जारी कर दिया है।
जनपद में 20 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय संचालित हैं। इनमें प्रत्येक विद्यालय में 100 बालिकाएं अध्ययनरत हैं। इनकी सुरक्षा को लेकर बीएसए विभाग के द्वारा रात्रिकालीन गश्त के लिए 16 विद्यालयों में एक-एक पीआरडी जवान तैनात किया गया था। युवा कल्याण विभाग की सरकारी डायरी के मुताबिक जिले के 16 विद्यालयों में पांच दिसंबर 2019 को एक एक पीआरडी जवान तैनात किया गया था।
प्रत्येक तीन माह में विद्यालयों से एक पीआरडी के स्थान पर दूसरा तैनात कर दिया गया। इस तरह से कुल 48 पीआरडी जवान 16 विद्यालयों में तैनात रहे। इनका भुगतान जुलाई माह तक 12 लाख 54 हजार के करीब लंबित है। यह शिक्षा विभाग नहीं दे पाया है। पीआरडी जवानों की शिकायत पर युवा कल्याण विभाग ने सीडीओ को पत्र भेजा। इसके बाद सीडीओ निधि गुप्ता वत्स ने बीएसए हेमंत राव को पत्र जारी कर स्पष्ट निर्देश दिए कि इन लोगों का भुगतान कर दिया जाए अन्यथा अक्तूबर से यह पीआरडी ड्यूटी नहीं करेंगे।
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बीएसए हेमंत राव ने बताया कि इस संबंध में पूर्व में भी परियोजना निदेशक को पत्र भेजकर डिमांड की गई थी। इस बार पुन: पत्र भेजा गया है। बजट आते ही दे दिया जाएगा।
जिला युवा कल्याण अधिकारी पीके मिश्रा ने बताया कि जिन पीआरडी जवानों के भुगतान लंबित हैं वह लगातार कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। हम लोगों के पास कोई जवाब ही नहीं होता है। शिक्षा विभाग भी पिछले आठ माह सें कोई जवाब देने की स्थिति में नहीं है।
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जनपद में 20 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय संचालित हैं। इनमें प्रत्येक विद्यालय में 100 बालिकाएं अध्ययनरत हैं। इनकी सुरक्षा को लेकर बीएसए विभाग के द्वारा रात्रिकालीन गश्त के लिए 16 विद्यालयों में एक-एक पीआरडी जवान तैनात किया गया था। युवा कल्याण विभाग की सरकारी डायरी के मुताबिक जिले के 16 विद्यालयों में पांच दिसंबर 2019 को एक एक पीआरडी जवान तैनात किया गया था।
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प्रत्येक तीन माह में विद्यालयों से एक पीआरडी के स्थान पर दूसरा तैनात कर दिया गया। इस तरह से कुल 48 पीआरडी जवान 16 विद्यालयों में तैनात रहे। इनका भुगतान जुलाई माह तक 12 लाख 54 हजार के करीब लंबित है। यह शिक्षा विभाग नहीं दे पाया है। पीआरडी जवानों की शिकायत पर युवा कल्याण विभाग ने सीडीओ को पत्र भेजा। इसके बाद सीडीओ निधि गुप्ता वत्स ने बीएसए हेमंत राव को पत्र जारी कर स्पष्ट निर्देश दिए कि इन लोगों का भुगतान कर दिया जाए अन्यथा अक्तूबर से यह पीआरडी ड्यूटी नहीं करेंगे।
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बीएसए हेमंत राव ने बताया कि इस संबंध में पूर्व में भी परियोजना निदेशक को पत्र भेजकर डिमांड की गई थी। इस बार पुन: पत्र भेजा गया है। बजट आते ही दे दिया जाएगा।
जिला युवा कल्याण अधिकारी पीके मिश्रा ने बताया कि जिन पीआरडी जवानों के भुगतान लंबित हैं वह लगातार कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। हम लोगों के पास कोई जवाब ही नहीं होता है। शिक्षा विभाग भी पिछले आठ माह सें कोई जवाब देने की स्थिति में नहीं है।