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गर्भवती को 40 रुपये में बेड
अमर उजाला ब्यूराो/हरदोई
Updated Thu, 07 Jul 2016 12:03 AM IST
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अस्पताल
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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हरदोई। जिला महिला अस्पताल में जननी को सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं है। गंभीर हालत में भी उन्हें भर्ती न करके लखनऊ रिफर कर दिया जाता है। इसी के चलते जिला महिला चिकित्सालय में प्रसवों की संख्या लगातार कम होती जा रही है। वार्ड में बेड के लिए 40 रुपए की वसूली की जा रही है।
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जिला महिला अस्पताल में गर्भवती को भर्ती किए जाने से पहले तमाम जांचें की जाती हैं। जांच के दौरान यदि सामान्य डिलीवरी की स्थिति है तो भर्ती कर लिया जाता है। लेकिन यदि सीजर आपरेशन, खून की कमी या कोई अन्य गंभीर बीमारी होती है तो पीड़ित को लखनऊ रिफर कर दिया जाता है। यही नहीं आपरेशन की स्थिति वाला केस भी नहीं लिया जाता। अन्य नि:शुल्क सुविधाओं पर शुल्क लिया जाता है। बेड का सुविधा शुल्क 40 रुपये लेते हैं। सुविधा शुल्क की अदायगी नहीं करने पर मरीज को वार्ड में भर्ती न कर गैलरी में पड़े बेड पर लिटा दिया जाता है। वहां गंदी चादर होती हैं और पंखा भी नहीं चलता। ऐसे में उमस भरी गर्मी से जच्चा और बच्चा परेशान रहते हैं। जबकि नियमानुसार प्रसव के बाद जच्चा बच्चा को साफ-सफाई वाले स्थान पर रखना होता है।
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भर्ती करने के नियम
जननी सुरक्षा योजना के तहत गर्भवती को लाने पर सबसे पहले भर्ती रजिस्टर पर उसकी इंट्री की जाती है। इसके उपरांत जांच कराने का नियम है। जांच के दौरान खून की कमी, सीजर आपरेशन या किसी कारण वश हालत गंभीर होती है तो इस पर गर्भवती को लखनऊ रेफर किए जाने का नियम है। इसके लिए अस्पताल को नि:शुल्क 102 एंबुलेंस सेवा उपलब्ध है।
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मई में एक भी मेजर आपरेशन नहीं
मेजर आपरेशन की संख्या भी अप्रैल से कम हो गई है। जनवरी महीने में 95, फरवरी महीने में 95, मार्च महीने 95 अप्रैल में महज 6 मेजर आपरेशन किए गए। जबकि मई माह में एक भी मेजर आपरेशन नहीं किया गया। इसको लेकर आरोप लगने लगे हैं कि तीमारदारों को इतना डरा दिया जाता है कि तीमारदार यहां से स्वयं गभर्वती को लेकर निजी चिकित्सालयों की ओर निकल जाते हैं।
सामान्य प्रसवों की संख्या भी हुई कम
जननी सुरक्षा योजना के तहत शत प्रतिशत संस्थागत प्रसव होने का लक्ष्य तय है। जिला महिला अस्पताल में सिजेरियन व मेजर आपरेशन वाले केस नहीं लिए जाने से हर माह सामान्य प्रसूताओं की संख्या भी कम हो रही है। मार्च में 929 प्रसव, अप्रैल में 439 प्रसव हुए हैं।
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सीएमएस का पद रिक्त
महिला अस्पताल में सीएमएस का पद रिक्त है। बाल रोग विशेषज्ञ डा. एसके गुप्ता को प्रभारी सीएमएस बनाया गया है। डीजीओ के चार पदों के सापेक्ष एक ही डाक्टर है। इसी तरह इमरजेंसी डाक्टर के दोनों पद रिक्त हैं।
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यहां पर सीजर आपरेशन के लिए चार डीजीओ के पद हैं। इसके सापेक्ष महज एक पद पर डाक्टर की तैनाती है। तीन पद रिक्त हैं। इस संबंध में कई बार पत्र लिखा है अब तक रिक्त पदों पर कोई भर्ती नहीं हुई है। - डा. एसके गुप्ता, प्रभारी सीएमएस जिला महिला अस्पताल