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मतदान से पहले कराई गई सड़क की मरम्मत
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हरियावां। सकाहा-मंसूरनगर मार्ग से बरखेड़ा की दूरी एक किमी है, जो पिहानी ब्लॉक के फतेहपुर गाजी ग्राम सभा का मजरा है। अब तक डामरीकरण न होने से ग्रामीण नाराज थे।
इसको लेकर 2014 लोकसभा चुनाव में ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार कर दिया था। इसी को संज्ञान में लेते हुए बुधवार को वोटिंग शुरू होने से पहले ही पहुंचे अफसरों ने डामरीकरण करा दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने मतदान शुरू किया।
लगभग छह वर्ष बाद भी बरखेड़ा गांव का डामरीकरण नहीं कराया गया था। जिसको लेकर इस बार भी ग्रामीणों में मतदान बहिष्कार करने का मन था। ग्रामीणों की मानें, तो अधिकारी व जनप्रतिनिधि गांव की काफी अनदेखी की है।
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ग्रामीणों ने कई बार कुछ अफसरों को इसकी जानकारी भी दी। 2014 में अधिकारियों का जनपदों के आश्वासन के बाद भी गांव में डामरीकरण नहीं कराया गया, जिससे गांव में नाते रिश्तेदार भी आना कम कर दिया।
इसके अलावा बरसात में गांव से लगभग एक किमी कच्ची सड़क पर निकलने में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। 2022 के विस चुनाव में ग्रामीणों ने मतदान बहिष्कार के आपस में चर्चाएं तेज कर दी थी।
भनक लगते ही ब्लॉक के अधिकारियों द्वारा 22 फरवरी को बरखेड़ा गांव जाने वाले सड़क के खड़े की मरम्मत का कार्य शुरू करा दिया गया। 23 फरवरी को मतदान शुरू हो गया। तब कहीं अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
सूत्रों की मानें, ब्लाक के कर्मचारी बरखेड़ा गांव को दो दिन पूर्व से ही ग्रामीणों को मतदान करने के लिए प्रेरित कर रहे थे। बरखेड़ा प्रधान पति अरविंद सिंह यादव ने बताया कि अफसरों ने गांव का डामरीकरण जल्द कराने को कहा है।
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इसको लेकर 2014 लोकसभा चुनाव में ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार कर दिया था। इसी को संज्ञान में लेते हुए बुधवार को वोटिंग शुरू होने से पहले ही पहुंचे अफसरों ने डामरीकरण करा दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने मतदान शुरू किया।
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लगभग छह वर्ष बाद भी बरखेड़ा गांव का डामरीकरण नहीं कराया गया था। जिसको लेकर इस बार भी ग्रामीणों में मतदान बहिष्कार करने का मन था। ग्रामीणों की मानें, तो अधिकारी व जनप्रतिनिधि गांव की काफी अनदेखी की है।
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ग्रामीणों ने कई बार कुछ अफसरों को इसकी जानकारी भी दी। 2014 में अधिकारियों का जनपदों के आश्वासन के बाद भी गांव में डामरीकरण नहीं कराया गया, जिससे गांव में नाते रिश्तेदार भी आना कम कर दिया।
इसके अलावा बरसात में गांव से लगभग एक किमी कच्ची सड़क पर निकलने में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। 2022 के विस चुनाव में ग्रामीणों ने मतदान बहिष्कार के आपस में चर्चाएं तेज कर दी थी।
भनक लगते ही ब्लॉक के अधिकारियों द्वारा 22 फरवरी को बरखेड़ा गांव जाने वाले सड़क के खड़े की मरम्मत का कार्य शुरू करा दिया गया। 23 फरवरी को मतदान शुरू हो गया। तब कहीं अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
सूत्रों की मानें, ब्लाक के कर्मचारी बरखेड़ा गांव को दो दिन पूर्व से ही ग्रामीणों को मतदान करने के लिए प्रेरित कर रहे थे। बरखेड़ा प्रधान पति अरविंद सिंह यादव ने बताया कि अफसरों ने गांव का डामरीकरण जल्द कराने को कहा है।