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जर्जर सड़क से दस हजार आबादी को आवाजाही में दिक्कत

Fri, 14 Jan 2022 11:18 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 14 Jan 2022 11:18 PM IST
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road jarjar, 10 thousand people effected
तीन गांवों को जोड़ने वाली जर्जर सड़क। - फोटो : HARDOI
बेनीगंज। पांच वर्ष से क्षेत्र की सड़क जर्जर होने से तीन गांवों के दस हजार लोग परेशान हैं। ग्रामीण अफसरों से लेकर जन प्रतिनिधियों तक से कई बार सड़क बनवाने की मांग कर चुके हैं, लेकिन अब तक सुनवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों ने जल्द सड़क बनवाने की मांग की है। पिछले चुनाव में तीन किमी सड़क बनवाई गई थी।
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बेनीगंज क्षेत्र में कोथावां-संडीला मार्ग से त्योना, लालता खेड़ा और बेरुआ हथौड़ा को जोड़ने वाली 15 किलोमीटर लंबी सड़क पांच वर्ष से जर्जर पड़ी है। इसका खामियाजा इन तीन गांवों की करीब दस हजार आबादी को भुगतना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि करीब आठ वर्ष पहले यह सड़क क्षेत्रीय विधायक ने बनवाई थी।
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इसके बाद से अब तक सड़क की दोबारा मरम्मत नहीं हुई। यह संपर्क मार्ग त्योना, लालताखेड़ा से होकर बेरुआ हथौड़ा होकर ब्लॉक कछौना जाती है। इस सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे व उखड़ी गिट्टी से ग्रामीणों को आवाजाही में परेशानी हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले चुनाव में सड़क नहीं बनने पर वोटिंग नहीं करने की बात पर जिला प्रशासन ने तीन किलोमीटर सड़क बनवाई थी। इसके बाद से अब तक सड़क नहीं बनी है। ग्रामीण संजय, पुरुषोत्तम, राजीव, रामजी, सोनम आदि ने सड़क निर्माण की मांग की है।
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ग्रामीणों ने बताई समस्या
त्योना गांव निवासी राधेलाल का कहना है, कि हमारे गांव त्योना से बालामऊ जाने के लिए इसी मार्ग से होकर जाना पड़ता है। पांच वर्ष पहले इस मार्ग के लिए विरोध किया था। तब गांव तक सड़क बन पाई थी। आगे जर्जर पड़ी है।

त्योना निवासी बबलू मौर्या का कहना है कि त्योना से बालामऊ जाने के लिए इसी मार्ग से होकर जाना पड़ता है। इसमें बहुत गढ्ढे हैं। बरसात में राहगीर गिरकर घायल हो जाते हैं। जिला प्रशासन से अपील है कि मार्ग की तरफ ध्यान दे।
पप्पू का कहना है कि गांव से बालामऊ जाने वाला मार्ग जर्जर है। सभी लोग बालामऊ इसी मार्ग से जाते हैं।
रामकिशोर का कहना है कि बच्चे पढ़ने के लिए बालामऊ जाते है। मार्ग जर्जर होने के कारण कई बार बच्चे हादसे का शिकार भी हो चुके हैं। वाहन खराब हो जाते हैं।
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