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संशोधित: व्यापारियों की उलझनों को समाप्त करने को संशोधन जरूरी: राष्ट्रीय महासचिव
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शहर के एक होटल में एसोसिएशन आफ टैक्स लायर्स की बैठक को संबोधित करते राष्ट्रीय महासचिव पराग सिंघल?
- फोटो : HARDOI
हरदोई। एसोसिएशन आफ टैक्स लायर्स के राष्ट्रीय महासचिव पराग सिंघल ने कहा कि मासिक व त्रैमासिक रिटर्न में कुछ संशोधन या फिर विकल्प देने की जरूरत है, जिससे सरकार को अधिक से अधिक कर प्राप्त हो। व्यापारियों की भी उलझनें कम हो। उन्होंने यह बात एक होटल मेें हुई एसोसिएशन की जनपदीय कमेटी की बैठक को संबोधित करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि करदाता व्यापारियों को तमाम फार्मों की उलझनों से मुक्त करना चाहिए। सरकार द्वारा विलंब शुल्क में संशोधन किया जाना अति आवश्यक है। इससे सरकार व व्यापारी दोनों को लाभ होगा। अध्यक्ष संदीप कुमार सिंह ने कहा कि सरकार कम से कम लेट फीस के आधार पर रिटर्न भरवाती है तो सरकार को रुका हुआ कर प्राप्त हो जाता है।
व्यापारी की जेब पर भी बोझ नहीं पड़ता। सचिव हिमांशु मिश्रा ने कहा कि अधिनियम में मासिक व त्रैमासिक रिटर्न पर अधिकतम लेट फीस दो हजार थी जिसे माफ करने का अधिकारी कर निर्धारण अधिकारी को था जो व्यापारी की वास्तविक स्थिति को देखकर माफ कर सकता था। इससे सरकार की आय भी बढ़ेगी और व्यापारी भी उलझनों से मुक्त होगा।
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इस दौरान आम बजट 2021, जीएसटी खामियों में जल्द सुधार करवाए जाने पर भी विचार विमर्श हुआ। इस मौके पर अधिवक्ता कल्याण समिति अध्यक्ष भूपेंद्र कुमार सिंह, महामंत्री सुनीत बाजपेई, उपकर्ष गुप्ता, मनीष गुप्ता, प्रमोद चौरसिया, हरिप्रकाश राठौर, मनीष सक्सेना, नोमान, अनूप शुक्ला, देवेंद्र प्रताप सिंह आदि मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि करदाता व्यापारियों को तमाम फार्मों की उलझनों से मुक्त करना चाहिए। सरकार द्वारा विलंब शुल्क में संशोधन किया जाना अति आवश्यक है। इससे सरकार व व्यापारी दोनों को लाभ होगा। अध्यक्ष संदीप कुमार सिंह ने कहा कि सरकार कम से कम लेट फीस के आधार पर रिटर्न भरवाती है तो सरकार को रुका हुआ कर प्राप्त हो जाता है।
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व्यापारी की जेब पर भी बोझ नहीं पड़ता। सचिव हिमांशु मिश्रा ने कहा कि अधिनियम में मासिक व त्रैमासिक रिटर्न पर अधिकतम लेट फीस दो हजार थी जिसे माफ करने का अधिकारी कर निर्धारण अधिकारी को था जो व्यापारी की वास्तविक स्थिति को देखकर माफ कर सकता था। इससे सरकार की आय भी बढ़ेगी और व्यापारी भी उलझनों से मुक्त होगा।
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इस दौरान आम बजट 2021, जीएसटी खामियों में जल्द सुधार करवाए जाने पर भी विचार विमर्श हुआ। इस मौके पर अधिवक्ता कल्याण समिति अध्यक्ष भूपेंद्र कुमार सिंह, महामंत्री सुनीत बाजपेई, उपकर्ष गुप्ता, मनीष गुप्ता, प्रमोद चौरसिया, हरिप्रकाश राठौर, मनीष सक्सेना, नोमान, अनूप शुक्ला, देवेंद्र प्रताप सिंह आदि मौजूद रहे।