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UP: हरदोई के गांवों में विद्युतीकरण घोटाला, तीन एसडीओ सहित छह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज, जानिए पूरा मामला

Mon, 25 Dec 2023 12:37 AM IST
कानपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई Updated Mon, 25 Dec 2023 12:37 AM IST
सार

Hardoi News: विजिलेंस की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट में विभागीय अधिकारियों पर आरोप है कि उन लोगा कार्यदायी संस्था के कर्मचारियों से मिलकर सत्यापन रिपोर्ट में गोलमाल किया और कम सामग्री लगी होने के बावजूद पूरी अधिक सामग्री लगी होने का सत्यापन कर दिया।

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Electrification scam in villages of Hardoi, report filed against six people including three SDOs
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हरदोई जिले में राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत कराए गए कार्यों में गड़बड़ी करने के आरोप तीन एसडीओ सहित छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। विजिलेंस को 85 गांवों की जांच में एक करोड़ 31 लाख 52 हजार रुपये का गोलमाल मिला है।

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उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिवष्ठान के निरीक्षक विकास चंद्र मिश्रा की ओर से एसडीओ देवेंद्र प्रसाद जोशी, अमजद अली, प्रमोद आनंद, अवर अभियंता, वैजनाथ सिंह, नरेश सिंह और रिलायंस एनर्जी नोएडा के सीनियर व प्रोजेक्ट मैनेजर अशोक के खिलाफ जनपद में राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना 2005-06 में 85 गांवों के विद्युतीकरण में एक करोड़ 31 लाख 52 हजार 888 रुपये के गबन की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
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जांच में अभी और भी गड़बड़ी पाए जाने की संभावना
रिपोर्ट में कहा गया कि जनपद में योजना के तहत कराए गए कार्यों के विषय में गड़बड़ी की शिकायत पर विजिलेंस टीम जांच कर रही थी। टीम को 85 गांव की जांच में एक करोड़ 31 लाख 52 हजार 888 रुपये का अतिरिक्त भुगतान करने का मामला मिला। विभागीय अधिकारियों ने कंपनी के मैनेजर से मिलकर गलत सत्यापन कर अतिरिक्त भुगतान कर गोलमाल किया है। टीम ने जांच में अभी और भी गड़बड़ी पाए जाने की संभावना जताई है।

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यह पाई गई गड़बड़ी
विजिलेंस टीम ने दर्ज कराई गई रिपोर्ट में 8.5 मीटर के 466 पीपीसी पोल, नौ मीटर डबल 36 पीसीसी पोल, एचटी लाइन 227 पीसीसी पोल,एलटी लाइन के पीसीसी पोल, इसके अलावा 446 विद्युत पोल के बीच की 46.6 किमी लाइन, इसके अलावा 227 एलटी लाइन के पोल के बीच 9.08 किमी, 10 केवीए के 36 ट्रांसफार्मर, 16 केवीए के 38 ट्रांसफार्मर कम पाएं गए है। इसके अलावा सेक्सनलाईजर, स्टोन पैड,डेंजर बोर्ड, अर्थिंगवायर, 33 केवीए के न्यू उपकेंद्र में खामियां पाई गई। जिसका पूरा भुगतान कर दिया गया है।

इस दौरान जिले में तैनात रहे अधिकारी
एसडीओ देवेंद्र प्रसाद जोशी मई 2006 से अगस्त 2012 तक, अमजद अली जुलाई 2006 से जून 2010 तक, प्रमोद आनंद नवंबर 1994 से अप्रैल 2010, अवर अभियंता बैजनाथ सिंह जुलाई 1993 से जनवरी 2009, नरेश सिंह एक सितंबर 2007 से दिसंबर 2011 तक तैनात रहे।

यह है आरोप
विजिलेंस की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट में विभागीय अधिकारियों पर आरोप है कि उन लोगा कार्यदायी संस्था के कर्मचारियों से मिलकर सत्यापन रिपोर्ट में गोलमाल किया और कम सामग्री लगी होने के बावजूद पूरी अधिक सामग्री लगी होने का सत्यापन कर दिया।

वर्तमान में जिले में तैनात अधिकारियों की यहां है स्थिति
विजिलेंस टीम की एफआईआर में जो अधिकारी शामिल हैं, उनमें एसडीओ देवेंद्र प्रसाद जोशी वर्तमान में अधीक्षण अभियंता के पद पर जनपद गोरखपुर में तैनात है। एडीओ अमजद अली, प्रमोद आनंद, जेई बैजनाथ सिंह, नरेश सिंह सेवानिवृत्त हो चुके हैं।

अभी और भी मिल सकता है गोलमाल
जिले में राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत अभी विजिलेंस टीम 85 गांवाें की ही जांच कर पाई है, जबकि जिले में 776 गांवों का योजना के तहत विद्युतीकरण कराया गया था। विजिलेंस टीम ने इस मामले में और भी अधिकारियों के शामिल होने और गबन की धनराशि बढ़ने की संभावना जताई है। विजिलेंस टीम ने जांच जारी रहने का एफआईआर में जिक्र किया है।

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