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बारिश से राहत, पर उमस से आफत
ब्यूरो/अमर उजाला,हरदोई
Updated Wed, 19 Aug 2015 12:08 AM IST
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मंगलवार को हुई बारिश से मौसम की गर्माहट से लोगों को
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काफी राहत मिली। वहीं पारा लुढ़क कर 29 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, पर
बारिश के बाद बढ़ी उमस से लोग पसीने-पसीने होते नजर आए।
श्रावण मास में कुछ दिनों के अंतराल पर थोड़ी-थोड़ी ही सही पर हो रही बारिश से लोग अब सुकून महसूस कर रहे हैं। हालांकि, समय निकलने के बाद शुरू हुई बारिश भी मुरझाएं किसानों के चेहरे अब तक नहीं खिला पाई है। उधर, मंगलवार की दोपहर भी हुई बारिश ने गर्मी को दूर भगाकर मौसम को खुशनुमा कर दिया।
बारिश के दौरान अधिकांश लोगों ने जहां किसी तरह की छांव देखकर बारिश से खुद का बचाव किया तो वहीं अधिकांश लोग ऐसे भी रहे, जिन्होंने बारिश में भीग कर मौसम का भरपूर मजा लिया। ज्ञात हो कि बारिश के दौरान ही स्कूली छात्र और छात्राओं की छुट्टी भी हुई, पर इस दौरान स्कूली बच्चे भी रिक्शों और साइकिलों पर भीग कर बारिश का लुत्फ लेते देखे गए।
बारिश के दौरान पारा भी लुढ़क कर नीचे आ गया। पारा अधिकतम 29 डिग्री व न्यूनतम 25 डिग्री रिकार्ड किया गया, पर बारिश के बाद से ही बढ़ी उमस व तेज गर्मी ने आम जनमानस को झकझोर कर रख दिया। मौसम वैज्ञानिक जयशंकर मिश्र का कहना है कि निश्चित रूप से हुई बारिश से लोगों को राहत ही मिल रही है।
रुक-रुक कर हो रही बारिश से यह अनुमान लगाना अब कठिन नहीं कि अब बारिश की संभावनाएं और बढ़ी हैं, पर किसानों के चेहरे पर मुस्कान आती नजर नहीं आ रही है। धान की फसल को लेकर अब तक बारिश न होने और समय निकलने के बाद किसानों को यह बारिश कोई खास लाभ नहीं दे पा रही है। अपने-अपने संसाधनों से ही अब तक सिंचाई कर सकने वाले किसानों को ही यह बारिश अपनी फ सल के लिए वरदान साबित हो रही है।
श्रावण मास में कुछ दिनों के अंतराल पर थोड़ी-थोड़ी ही सही पर हो रही बारिश से लोग अब सुकून महसूस कर रहे हैं। हालांकि, समय निकलने के बाद शुरू हुई बारिश भी मुरझाएं किसानों के चेहरे अब तक नहीं खिला पाई है। उधर, मंगलवार की दोपहर भी हुई बारिश ने गर्मी को दूर भगाकर मौसम को खुशनुमा कर दिया।
बारिश के दौरान अधिकांश लोगों ने जहां किसी तरह की छांव देखकर बारिश से खुद का बचाव किया तो वहीं अधिकांश लोग ऐसे भी रहे, जिन्होंने बारिश में भीग कर मौसम का भरपूर मजा लिया। ज्ञात हो कि बारिश के दौरान ही स्कूली छात्र और छात्राओं की छुट्टी भी हुई, पर इस दौरान स्कूली बच्चे भी रिक्शों और साइकिलों पर भीग कर बारिश का लुत्फ लेते देखे गए।
बारिश के दौरान पारा भी लुढ़क कर नीचे आ गया। पारा अधिकतम 29 डिग्री व न्यूनतम 25 डिग्री रिकार्ड किया गया, पर बारिश के बाद से ही बढ़ी उमस व तेज गर्मी ने आम जनमानस को झकझोर कर रख दिया। मौसम वैज्ञानिक जयशंकर मिश्र का कहना है कि निश्चित रूप से हुई बारिश से लोगों को राहत ही मिल रही है।
रुक-रुक कर हो रही बारिश से यह अनुमान लगाना अब कठिन नहीं कि अब बारिश की संभावनाएं और बढ़ी हैं, पर किसानों के चेहरे पर मुस्कान आती नजर नहीं आ रही है। धान की फसल को लेकर अब तक बारिश न होने और समय निकलने के बाद किसानों को यह बारिश कोई खास लाभ नहीं दे पा रही है। अपने-अपने संसाधनों से ही अब तक सिंचाई कर सकने वाले किसानों को ही यह बारिश अपनी फ सल के लिए वरदान साबित हो रही है।