एक लाख गन्ना किसानों की राहत खातों में कैद
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हरदोई। ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त में गन्ना किसानों को भेजा गया पैसा उनके खातों में ही कैद है। एजीबी को पर्याप्त पैसा न मिलने से उनका भुगतान नहीं हो पा रहा है। इससे गन्ना किसानों की परेशानी बढ़ी हुई है। इस संबंध में एजीबी के अधिकारियों का कहना है कि यदि उन्हें पर्याप्त पैसा मिलता है तो उनके ग्राहकों को राहत मिलेगी।
जिले की पाली क्षेत्र की रुपापुर, शाहाबाद की लोनी और हरियावां की डीएससीएल शुगर मिल से गन्ना किसानों का भुगतान करीब 13 करोड़ रुपये कर दिया गया है। ग्रामीण बैंक होने के नाते ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त की करीब 49 शाखाओं में करीब एक लाख गन्ना किसानों के बैंक खाते हैं। गन्ना किसानों के बैंक खातों में शुगर मिल की ओर से भेजी गई धनराशि फंस कर रह गई है।
गन्ना किसान इन बैंकों में पैसा निकालने के जा रहा है, लेकिन बैंक अधिकारी पैसा न होने की बात कहकर गन्ना किसानों को बार-बार बैंक से लौटा रहे हैं। इससे गन्ना किसान परेशान है। रीजनल ब्रांच के मैनेजर जितेंद्र कुमार की माने तो उनका खुद का करेंसी चेस्ट नहीं है, इसके चलते उन्हें पर्याप्त पैसा नहीं मिल पाता है। पैसा आने पर ही गन्ना किसानों व अन्य ग्राहकों को 2-4 हजार रुपये का भुगतान किया जा रहा है।
एजीबी के बैंक अधिकारियों की माने तो ग्रामीण बैंक से अधिकतर किसान जुड़े हैं। जिले भर में साढे़ 14 लाख बैंक खाते हैं। नोटबंदी के बाद से इन खातों में करीब 250 करोड़ रुपये जमा हुए है। अब तक 18 करोड़ कैश मिला है। जो किसानों या ग्राहकों के लिए काफी कम है। जिस हिसाब से खाते हैं उस हिसाब से पैसा न मिलने से किसानों व ग्राहकों को दिक्कत हो रही है। अधिकारियों की मानें तो यदि उन्हें 20 करोड़ रुपया मिल जाए तो ग्राहकों और गन्ना किसानों की दिक्कत कम होगी।