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ग्रामीणों ने गौशाला का निर्माण कराने की मांग की
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कछौना के पंचायत भवन के बाहर मौजूद ग्रामीण।
- फोटो : HARDOI
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कछौना। गांव में गोशाला निर्माण में हो रही देरी से नाराज ग्रामीणों ने सोमवार को पंचायत भवन के बाहर प्रदर्शन किया। शीघ्र गोशाला बनवाने की मांग की है।
ग्राम पंचायत पुरवा में गोशाला निर्माण को प्रशासन के हरी झंडी देने के बाद सात जनवरी को लेखपाल ने भूमि का चिह्निकरण किया था। डेढ़ सप्ताह गुजरने के बाद भी निर्माण कार्य शुरू न होने से नाराज ग्रामीणों ने सामूहिक लिखित प्रार्थना पत्र खंड विकास अधिकारी कछौना को देने की बात कही और प्रदर्शन शुरू कर दिया। किसान उदय प्रताप, कौशल तिवारी, प्रदीप गुप्ता, नरेंद्र कुमार, जगपाल सिंह, विमल कुमार, सुभाष सिंह, गया प्रसाद, राम चंद्र और राम नारायण मौजूद रहे। खंड विकास अधिकारी कछौना प्रमोद कुमार अग्रवाल ने बताया कि दो दिन में निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
पंचायत भवन में बंद मवेशियों को भेजा गोशाला
मल्लावां। ग्रामीणों ने सोमवार को मवेशियों को कुतवापुर के पंचायत भवन में बंद कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस व प्रधान ने पशुओं को गोशाला भिजवाया।
बता दें कि कुतवापुर, शाहपुर पवार, हीरा पुरवा, पाठकपुरवा, गांवों के किसानों ने करीब 70 अन्ना मवेशियों बंद किया था। प्रधान जगदीश यादव व पुलिस से ग्रामीणों ने मवेशियों के लिए इंतजाम करने की मांग की है। प्रधान जगदीश यादव ने बताया कि गांव में पड़ी सरकारी भूमि पर बल्लियां लगाकर अस्थायी गोशाला बनवाई जा रही है। (संवाद)
पालतू पशुओं को छोड़ा तो होगी रिपोर्ट
हरदोई। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी जेनएन पांडेय ने बताया कि इस समय बड़ी तादाद में पशु पालक पशुओं को छुट्टा छोड़ रहे हैं। जिसके कारण कई जगहों पर समस्या खड़ी हो गई है। कहा कि पालतू पशुओं को छोड़ा तो रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
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उन्होंने बताया कि जिन पशु पालकों ने पालतू पशुओं को छोड़ा है, उन पर जिला प्रशासन कार्रवाई कर रहा है। पांच पशु मालिकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। ऐसे पशु पालक जो अनावश्यक रूप से इस समय पशुओं को छुट्टा छोड़ रहे हैं, उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए सभी ग्राम पंचायतों के सचिवों और खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।
बताया कि निराश्रित पशुओं की व्यवस्था के लिए लगातार प्रबंध किए जा रहे हैं। जिला प्रशासन की ओर से अब तक करीब छह हजार आश्रय स्थलों में 22 हजार गोवंशों को आश्रय दिला गया है। अन्य गोवंशों के लिए भी आश्रय स्थलों की व्यवस्था की जा रही है । 78 गोवंश आश्रय स्थलों को बनाने की तैयारी है।
है।
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ग्राम पंचायत पुरवा में गोशाला निर्माण को प्रशासन के हरी झंडी देने के बाद सात जनवरी को लेखपाल ने भूमि का चिह्निकरण किया था। डेढ़ सप्ताह गुजरने के बाद भी निर्माण कार्य शुरू न होने से नाराज ग्रामीणों ने सामूहिक लिखित प्रार्थना पत्र खंड विकास अधिकारी कछौना को देने की बात कही और प्रदर्शन शुरू कर दिया। किसान उदय प्रताप, कौशल तिवारी, प्रदीप गुप्ता, नरेंद्र कुमार, जगपाल सिंह, विमल कुमार, सुभाष सिंह, गया प्रसाद, राम चंद्र और राम नारायण मौजूद रहे। खंड विकास अधिकारी कछौना प्रमोद कुमार अग्रवाल ने बताया कि दो दिन में निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
पंचायत भवन में बंद मवेशियों को भेजा गोशाला
मल्लावां। ग्रामीणों ने सोमवार को मवेशियों को कुतवापुर के पंचायत भवन में बंद कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस व प्रधान ने पशुओं को गोशाला भिजवाया।
बता दें कि कुतवापुर, शाहपुर पवार, हीरा पुरवा, पाठकपुरवा, गांवों के किसानों ने करीब 70 अन्ना मवेशियों बंद किया था। प्रधान जगदीश यादव व पुलिस से ग्रामीणों ने मवेशियों के लिए इंतजाम करने की मांग की है। प्रधान जगदीश यादव ने बताया कि गांव में पड़ी सरकारी भूमि पर बल्लियां लगाकर अस्थायी गोशाला बनवाई जा रही है। (संवाद)
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पालतू पशुओं को छोड़ा तो होगी रिपोर्ट
हरदोई। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी जेनएन पांडेय ने बताया कि इस समय बड़ी तादाद में पशु पालक पशुओं को छुट्टा छोड़ रहे हैं। जिसके कारण कई जगहों पर समस्या खड़ी हो गई है। कहा कि पालतू पशुओं को छोड़ा तो रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
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उन्होंने बताया कि जिन पशु पालकों ने पालतू पशुओं को छोड़ा है, उन पर जिला प्रशासन कार्रवाई कर रहा है। पांच पशु मालिकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। ऐसे पशु पालक जो अनावश्यक रूप से इस समय पशुओं को छुट्टा छोड़ रहे हैं, उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए सभी ग्राम पंचायतों के सचिवों और खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।
बताया कि निराश्रित पशुओं की व्यवस्था के लिए लगातार प्रबंध किए जा रहे हैं। जिला प्रशासन की ओर से अब तक करीब छह हजार आश्रय स्थलों में 22 हजार गोवंशों को आश्रय दिला गया है। अन्य गोवंशों के लिए भी आश्रय स्थलों की व्यवस्था की जा रही है । 78 गोवंश आश्रय स्थलों को बनाने की तैयारी है।
है।