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कच्ची शराब बनाने वालों को रोजगार से जोड़ने को लगेंगी चौपालें
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हरदोई। कच्ची शराब बनाने, बेचने के काम पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने विशेष पहल की है। इसके तहत कच्ची शराब का गढ़ माने जाने वाली चिह्नित बस्तियों में चौपाल लगाकर लोगों को जागरुक किया जाएगा। साथ ही ऐसे लोगों को योजनाओं के माध्यम से रोजगार से जोड़ने की कवायद भी होगी। पहली चौपाल मंगलवार को कछौना विकास खंड की ग्राम पचांयत गौसगंज के कंजड़पुरवा में होगी।
जिले की बस्तियों में चल रहे कच्ची शराब बनाने के कारोबार पर स्थाई तौर पर लगाम लगाने की कवायद अब तेजी से शुरू हो गई है। चिह्नित 19 कंजड़ बस्तियों में सीडीओ की मौजूदगी में चौपाल लगाई जाएगी। जिले में कई इलाकों में कच्ची शराब बनाने का काम बड़े पैमाने पर होता है।
आबकारी और पुलिस की संयुक्त टीम कई बार अभियान चलाकर कच्ची शराब बनाने वालों को गिरफ्तार करती है। कार्रवाई के बाद इन्हें चेतावनी दी जाती है, लेकिन फिर लोग इस काम लग जाते है।
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आबकारी विभाग ने पुलिस महकमे के साथ मिलकर बस्तियों को चिह्नित किया है। यह वह बस्तियां हैं जहां कच्ची शराब का कारोबार बार बार पकड़े जाने, कार्रवाई करने के बाद भी बंद नहीं हो पा रहा है।
सीडीओ आकांक्षा राना ने जब इसके कारणों के बारे में जानकारी जुटाई तो पता चला कि रोजगार की व्यवस्था न होने के कारण कच्ची शराब बनाने वाले लोग इसी काम से बाहर नहीं निकल रहे। इसके बाद सीडीओ ने अलग अलग विभागों के अधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक की। तय हुआ कि ऐसे लोगों को रोजगार की योजनाओं से जोड़ा जाएगा। अब इसी क्रम में ंसंबंधित चौपाल लगाईं जाएंगी। सीडीओ आकांक्षा राना खुद इन चौपालों में मौजूद रहेंगी।
समूहों और मनरेगा से जोड़ने की कवायद
चिह्नित कंजड़ बस्तियों के लोगों को रोजगार से जोड़ने में मनरेगा और ग्रामीण आजीविका मिशन का अहम योगदान होगा। मनरेगा उपायुक्त और उपायुक्त स्वत: रोजगार को इस पर गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा भी संचालित योजनाओं से भी इन लोगों को जोड़ा जाएगा और इसीलिए चौपालों का आयोजन किया जा रहा है।
यह हैं बस्तियां
- सदर तहसील क्षेत्र में ओम नगर कंजड़पुरवा ओमपुरी कंजड़पुरवा, कौंढ़ा और मुनींद्रपुरवा।
- शाहाबाद तहसील क्षेत्र में खेड़ाबीबीजई कंजड़पुरवा और परेली कंजड़पुरवा।
- संडीला में ठाकुरगंज कंजड़पुरवा, बहकटवा, दीननगर, बेगमगंज कंजड़बस्ती, गौसगंज कंजड़पुरवा, नौधा कंजड़पुरवा, नटपुरवा सिकरोरिया।
- बिलग्राम रावणपुरवा, दौलतयारपुर, कंजड़पुरवा रेलवेफाटक माधौगंज, नेवादा परस और सांडी कंजड़पुरवा।
- सवायजपुर तहसील क्षेत्र में सवायजपुर कंजड़पुरवा।
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जिले की बस्तियों में चल रहे कच्ची शराब बनाने के कारोबार पर स्थाई तौर पर लगाम लगाने की कवायद अब तेजी से शुरू हो गई है। चिह्नित 19 कंजड़ बस्तियों में सीडीओ की मौजूदगी में चौपाल लगाई जाएगी। जिले में कई इलाकों में कच्ची शराब बनाने का काम बड़े पैमाने पर होता है।
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आबकारी और पुलिस की संयुक्त टीम कई बार अभियान चलाकर कच्ची शराब बनाने वालों को गिरफ्तार करती है। कार्रवाई के बाद इन्हें चेतावनी दी जाती है, लेकिन फिर लोग इस काम लग जाते है।
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आबकारी विभाग ने पुलिस महकमे के साथ मिलकर बस्तियों को चिह्नित किया है। यह वह बस्तियां हैं जहां कच्ची शराब का कारोबार बार बार पकड़े जाने, कार्रवाई करने के बाद भी बंद नहीं हो पा रहा है।
सीडीओ आकांक्षा राना ने जब इसके कारणों के बारे में जानकारी जुटाई तो पता चला कि रोजगार की व्यवस्था न होने के कारण कच्ची शराब बनाने वाले लोग इसी काम से बाहर नहीं निकल रहे। इसके बाद सीडीओ ने अलग अलग विभागों के अधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक की। तय हुआ कि ऐसे लोगों को रोजगार की योजनाओं से जोड़ा जाएगा। अब इसी क्रम में ंसंबंधित चौपाल लगाईं जाएंगी। सीडीओ आकांक्षा राना खुद इन चौपालों में मौजूद रहेंगी।
समूहों और मनरेगा से जोड़ने की कवायद
चिह्नित कंजड़ बस्तियों के लोगों को रोजगार से जोड़ने में मनरेगा और ग्रामीण आजीविका मिशन का अहम योगदान होगा। मनरेगा उपायुक्त और उपायुक्त स्वत: रोजगार को इस पर गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा भी संचालित योजनाओं से भी इन लोगों को जोड़ा जाएगा और इसीलिए चौपालों का आयोजन किया जा रहा है।
यह हैं बस्तियां
- सदर तहसील क्षेत्र में ओम नगर कंजड़पुरवा ओमपुरी कंजड़पुरवा, कौंढ़ा और मुनींद्रपुरवा।
- शाहाबाद तहसील क्षेत्र में खेड़ाबीबीजई कंजड़पुरवा और परेली कंजड़पुरवा।
- संडीला में ठाकुरगंज कंजड़पुरवा, बहकटवा, दीननगर, बेगमगंज कंजड़बस्ती, गौसगंज कंजड़पुरवा, नौधा कंजड़पुरवा, नटपुरवा सिकरोरिया।
- बिलग्राम रावणपुरवा, दौलतयारपुर, कंजड़पुरवा रेलवेफाटक माधौगंज, नेवादा परस और सांडी कंजड़पुरवा।
- सवायजपुर तहसील क्षेत्र में सवायजपुर कंजड़पुरवा।