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Hardoi News: धीमे सर्वर से मरीज परेशान, मैनुअल पर्चों से जांच में फंस रहा पेच
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फोटो- 34- पर्चा काउंटर पर लगी मरीज और तीमारदारों की कतार। संवाद
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हरदोई। मेडिकल कॉलेज में पंजीकरण काउंटर पर सर्वर की समस्या के चलते मरीजों को पर्चा बनवाने में परेशान होना पड़ रहा है। ऑनलाइन पर्चा के लिए मरीजों को इंतजार करना पड़ता है और भीड़ बढ़ती जाती है। भीड़ को कम करने के लिए मैनुअल पर्चा बनाया जाता है तो डॉक्टर की तरफ से लिखी गई जांचें सिस्टम पर दर्ज नहीं हो पाती हैं। इससे मरीजों को ऑनलाइन पर्चा ही बनवाना पड़ता है।
एक तरफ मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य सेवाओं को हाईटेक करने का प्रयास किया जा रहा है वहीं दूसरी ओर सर्वर की समस्या के चलते मरीजों के ऑनलाइन पर्चे ही नहीं बन पाते। बता दें कि सर्वर धीमा होने के कारण एक पर्चा बनाने में काफी समय लग जाता है। जब काउंटरों पर भीड़ बेकाबू होने लगती है तो कर्मचारी मैनुअल पर्चे काटना शुरू कर देते हैं लेकिन असली पेच इसके बाद फंसता है।
डॉक्टर जब इन मैनुअल पर्चों पर पैथोलॉजी की जांचें लिखते हैं तो कंप्यूटर ऑपरेटर उन्हें सिस्टम में फीड नहीं कर पाते। मैनुअल पर्चे पर मरीज का सीआरएन नंबर न होने की वजह से सर्वर पर डेटा दर्ज नहीं हो पाता और मरीजों की जांचें नहीं हो पाती हैं। ऐसे में मजबूरन मरीजों को दोबारा ऑनलाइन पर्चा बनवाने के लिए लाइन में लगना पड़ता है। दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से आने वाले मरीज दिनभर भटकने को मजबूर होते हैं।
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परेशान हो रहे मरीज
सुबह आठ बजे से लाइन में लगे हैं। जब नंबर आया तो सर्वर धीमा होने से ऑनलाइन पर्चा नहीं बना। हाथ से पर्चा तो बनाकर दे दिया गया लेकिन अब खून की जांच कराने पहुंचे तो कह रहे हैं कि कंप्यूटराइज्ड पर्चा बनवाकर लाओ। अब दोबारा लाइन में लगना पड़ रहा है। -रामपाल, सुमई हरियावां
पर्चा काउंटर पर काफी देर तक खड़े रहने के बाद हाथ से लिखा पर्चा थमा दिया गया। डॉक्टर ने खून की जांच लिखी। जब पैथोलॉजी पहुंचे तो कर्मचारियों ने कहा कि इस पर्चे पर जांच नहीं हो पाएगी। अब फिर से कंप्यूटराइज्ड पर्चे के लिए लाइन में लगे हैं। -रामेश्वर दयाल, चचरापुर सांडी
सर्वर में तकनीकी खराबी की वजह से ऑनलाइन पंजीकरण में दिक्कतें आ रही हैं जिसे जल्द ठीक करने के लिए निर्देश दिए गए हैं। -डॉ. जेबी गोगोई, प्राचार्य
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एक तरफ मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य सेवाओं को हाईटेक करने का प्रयास किया जा रहा है वहीं दूसरी ओर सर्वर की समस्या के चलते मरीजों के ऑनलाइन पर्चे ही नहीं बन पाते। बता दें कि सर्वर धीमा होने के कारण एक पर्चा बनाने में काफी समय लग जाता है। जब काउंटरों पर भीड़ बेकाबू होने लगती है तो कर्मचारी मैनुअल पर्चे काटना शुरू कर देते हैं लेकिन असली पेच इसके बाद फंसता है।
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डॉक्टर जब इन मैनुअल पर्चों पर पैथोलॉजी की जांचें लिखते हैं तो कंप्यूटर ऑपरेटर उन्हें सिस्टम में फीड नहीं कर पाते। मैनुअल पर्चे पर मरीज का सीआरएन नंबर न होने की वजह से सर्वर पर डेटा दर्ज नहीं हो पाता और मरीजों की जांचें नहीं हो पाती हैं। ऐसे में मजबूरन मरीजों को दोबारा ऑनलाइन पर्चा बनवाने के लिए लाइन में लगना पड़ता है। दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से आने वाले मरीज दिनभर भटकने को मजबूर होते हैं।
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परेशान हो रहे मरीज
सुबह आठ बजे से लाइन में लगे हैं। जब नंबर आया तो सर्वर धीमा होने से ऑनलाइन पर्चा नहीं बना। हाथ से पर्चा तो बनाकर दे दिया गया लेकिन अब खून की जांच कराने पहुंचे तो कह रहे हैं कि कंप्यूटराइज्ड पर्चा बनवाकर लाओ। अब दोबारा लाइन में लगना पड़ रहा है। -रामपाल, सुमई हरियावां
पर्चा काउंटर पर काफी देर तक खड़े रहने के बाद हाथ से लिखा पर्चा थमा दिया गया। डॉक्टर ने खून की जांच लिखी। जब पैथोलॉजी पहुंचे तो कर्मचारियों ने कहा कि इस पर्चे पर जांच नहीं हो पाएगी। अब फिर से कंप्यूटराइज्ड पर्चे के लिए लाइन में लगे हैं। -रामेश्वर दयाल, चचरापुर सांडी
सर्वर में तकनीकी खराबी की वजह से ऑनलाइन पंजीकरण में दिक्कतें आ रही हैं जिसे जल्द ठीक करने के लिए निर्देश दिए गए हैं। -डॉ. जेबी गोगोई, प्राचार्य