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रुखार की दवा के लिए बाशिंदे लगा रहे 10 किलोमीटर दौड़

Sun, 19 Dec 2021 11:21 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 19 Dec 2021 11:21 PM IST
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patient have to go 10 km for medicine
पीएचसी परिसर के अंदर लगा पराली का ढेर। संवाद - फोटो : HARDOI
हरदोई। प्रदेश सरकार गांव-गांव तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए प्रयासरत है। लेकिन विभाग की अनदेखी इसमें बाधा बन रही है। हरपालपुर के बड़ागांव स्थित न्यू पीएचसी में चिकित्सक और स्टाफ तैनात है। लेकिन फिर भी यहां ताला लगा रहता है। पीएचसी में गंदगी का अंबार लगा है। ग्रामीण पराली डालकर कंडे पाथ रहे हैं, लेकिन जिम्मेदारों ने ध्यान नहीं दिया है। चौकीदार कभी-कभी आकर दवा दे देता है। ऐसे में बुखार तक की दवा के लिए मरीजों को 10 किलोमीटर दौड़ लगानी पड़ रही है।
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हरपालपुर ब्लॉक में रामगंगा नदी के किनारे स्थित बड़ागांव में न्यू पीएचसी संचालित है। पीएचसी में बेड हैं। सूत्रों के अनुसार यहां पीएचसी प्रभारी, एक डॉक्टर, आयुष डॉक्टर, फार्मासिस्ट, वार्ड ब्वाय, स्वीपर व चौकीदार की तैनाती हैं।
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ग्रामीणों ने बताया कि पीएचसी बनने से इलाके के लगभग 100 गांवों के मरीजों को लाभ मिलने की उम्मीद थी। लेकिन अनदेखी कहें या लापरवाही पीएचसी बीमार है। यहां पर तैनात डॉक्टर व स्टाफ हरपालपुर सीएचसी में ड्यूटी कर रहे हैं। स्टाफ के ड्यूटी पर न जाने से पीएचसी में ताला लगा रहता है। जिससे इलाके के बाशिंदों को छोटी मोटी बीमारी के इलाज के लिए भी 10 किलोमीटर दूरी तय कर हरपालपुर सीएचसी जाने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
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बड़ागांव स्थित न्यू पीएचसी में अव्यवस्थाओं की शिकायत मिली है। पीएचसी जाकर जल्द ही व्यवस्थाएं दुरुस्त कराई जाएंगी। - डॉ. अमित कुमार अधीक्षक (हरपालपुर सीएचसी)
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