बैंकों में कैश खत्म, पता करें फिर लगाएं लाइन
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हरदोई। बैंकों में लाइन लगाने से पहले पता कर लें कि कैश है या नहीं। अगर बैंकों में कैश नहीं है तो कृपया लाइन न लगाएं। जिले की कई बैंकों में कैश निल हो गया है। रिजर्व बैंक के करेंसी खत्म करने के बाद रुपया भेजने के आदेश के बाद स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ इंडिया समेत कई बैंकों ने गुरुवार को साढ़े चार करोड़ रुपया अपने-अपने ग्राहकों को बांट दिया है। इससे जिले में करेंसी संकट उत्पन्न हो गया है। स्टेट बैंक को छोड़कर अन्य बैंकों में शुक्रवार की सुबह 10 बजे तक करेंसी आने के बाद ही लोगों को नोट बांटे जाएंगे।
जिले में 26 बैंकों की 298 बैंक शाखाओं में पर्याप्त मात्रा में कैश न होने से बैंक ग्राहकों को परेशान होना पड़ रहा है। बैंकों में कैश की समस्या के चलते व्यापारी, किसान से लेकर आम आदमी परेशान है। बुधवार की देर शाम बैंकों की ओर से करेंसी की मांग पर रिजर्व बैंक ने बैंक अधिकारियों से कैश की जानकारी ली। जानकारी में सामने आया कि किसी बैंक के पास पर्याप्त रुपया है तो कई बैंक रुपया न होने के चलते दम तोड़ रहे हैं। इस पर रिजर्व बैंक ने एसबीआई और बैंक ऑफ इंडिया के अधिकारियों को ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त समेत अन्य बैंकों को कैश पहुंचाने के निर्देश दिए।
बैंक अधिकारियों ने गुरुवार की सुबह इन बैंकों में कैश की व्यवस्था की। गुरुवार की सुबह ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त को 50 लाख रुपया स्टेट बैंक और 50 लाख रुपया बैंक ऑफ इंडिया ने दिया। जिससे इन बैंकों के ग्राहकों को कुछ सहुलियत हो सके। स्टेट बैंक ने अपने पास करीब 5 करोड़ और बैंक ऑफ इंडिया ने अपने पास 1 करोड़ रुपया था। इनके अधिकारियों ने अपनी-अपनी बैंकों को कैश पहुंचा। सूत्र बताते हैं कि स्टेट बैंक में देर शाम तक 2.50 करोड़ रुपया ग्राहकों को बांटा गया।
जबकि बैंक ऑफ इंडिया में 1 करोड़ रुपया बांट दिया गया। इसी तरह बैंक ऑफ बड़ौदा ने 50 लाख रुपया, पंजाब नेशनल बैंक व यूनियन बैंक ने 50-50 लाख रुपये ग्राहकों को दिए। देर शाम की रिपोर्ट के मुताबिक स्टेट बैंक को छोड़कर अन्य बैंकों के पास रुपया निल हो गया है। जहां पर थोड़ा बहुत रुपया बचा है वहां पर शुक्रवार की दोपहर से पहले रुपया खत्म होने की उम्मीद है। उधर स्टेट बैंक के एटीएम को छोड़कर अधिकतर बैंकों के एटीएम दोपहर तक जवाब दे गए।
इससे ग्राहकों को परेशान होना पड़ा। एलडीएम नवीन कुमार ने बताया कि रिजर्व बैंक के आदेश पर सभी बैंकों को कैश भेजा गया था। कैश समाप्त हो गया है। सुबह तक रिजर्व बैंक से कैश आने की उम्मीद है। उन्होंने बताया करीब एक करोड़ रुपये ग्राहकों को बांटे गए हैं। उन्होंने बताया कि डाकघरों में भी रुपये भेजने की व्यवस्था की जा रही है। स्टेट बैंक के मुख्य शाखा प्रबंधक राकेश चंद्रा ने बताया कि शुक्रवार बैंक की ओर से सभी शाखाओं में कैश की व्यवस्था कर दी जाएगी। अगर कैश नहीं आता है तो मुख्य शाखा को छोड़कर अन्य शाखाओं के ग्राहकों को दिक्कत हो सकती है।
एसबीआई, बैंक ऑफ इंडिया समेत अन्य बैंकों के एटीएम दिन भर काम करते रहे। यहां पर सुबह से लेकर दोपहर तक रुपये लेने के लिए लोगों की लंबी कतारे लगी रही। बैंकों की तरह दोपहर बाद एटीएम भी दगा दे गए। इसके चलते तमाम लोगों को बिना रुपये लिए ही मायूस होकर लौटना पड़ा।
बैंक ऑफ इंडिया के लीड बैंक मैनेजर नवीन कुमार ने बताया कि किसानों के सामने खाद और बीज की आ रही समस्या को देखते हुए मोबाइल कैश वैन की सेवा शुरू की जा रही है। शुक्रवार की सुबह 10 बजे डीएम विवेक वार्ष्णेय इस सेवा की शुरुआत करेंगे। शुक्रवार को मोबाइल कैश बैन बावन क्षेत्र की आठ ग्राम पंचायतों में पहुंचकर आम लोगों को कैश की सुविधा देगी। उन्होंने बताया कि अगर कैश बैन में रुपया समाप्त होता है तो कैश वैन दोबारा रुपया लेकर वहां पहुंचेगी। यह सुविधा केवल बैंक ऑफ इंडिया के ग्राहकों को मिलेगी। मोबाइल बैन के माध्यम से ग्राहकों को 4-4 हजार रुपये जरूरत के हिसाब से दिए जाएंगे।