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नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध कर विपक्षी दलों ने पाप किया : असीम अरुण
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फोटो-06- भाजपा कार्यालय में पत्रकारों से वार्ता करते प्रभारी मंत्री असीम अरुण साथ में जिलाध्यक्
हरदोई। जिले के प्रभारी समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने कहा कि संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम से जुड़े संशोधनों पर विपक्ष (कांग्रेस और इंडी गठबंधन) ने विरोध कर पाप किया है। पार्टी ने महिला विरोधी मानसिकता का परिचय दिया। संशोधन विधेयक का गिरना इस बात का प्रमाण है कि विपक्षी दलों के लिए दलहित हमेशा देशहित और नारी शक्ति से ऊपर रहा है।
भाजपा कार्यालय पर बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कांग्रेस की कथनी और करनी में अंतर रहा है। मोदी सरकार ने हर चुनौती को पार कर नारी शक्ति के आत्मसम्मान की रक्षा की है। राजनीति में कांग्रेस शासनकाल के अटकाने और भटकाने के अध्याय को समाप्त कर सेवा और समर्पण से देशवासियों की आकांक्षाओं को पूरा किया है। भाजपा सरकार ने 2014 से ही महिला सशक्तीकरण को सेवा और संकल्प का माध्यम बनाया है जबकि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों ने दशकों तक महिला आरक्षण को ठंडे बस्ते में रखा।
कहा कि अल्पसंख्यक महिलाओं के लिए आरक्षण के नाम पर विपक्षी दलों ने विरोध किया जबकि सर्वोच्च न्यायालय ने धर्म के आधार पर आरक्षण न दिए जाने आदेश दिया है। उन्होंने 1998 का जिक्र किया और कहा कि लालकृष्ण आडवाणी के हाथों से बिल की कॉपी छीनी और फाड़ी गई, साल 2010 में भी विरोध किया गया। यह विरोध आमजन का नहीं चंद लोगों की मानसिकता थी। इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत सिंह बब्बन, जिला उपाध्यक्ष अलका गुप्ता, प्रीतेश दीक्षित, संदीप सिंह, ओम वर्मा, जिला मंत्री सत्यम शुक्ला, सीमा विश्वास, मीडिया प्रभारी अतुल सिंह, सह मीडिया प्रभारी परेश लोहिया, आयुष सिंह, ऋतुराज त्रिपाठी, अभय दीक्षित आदि मौजूद रहे।
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भाजपा कार्यालय पर बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कांग्रेस की कथनी और करनी में अंतर रहा है। मोदी सरकार ने हर चुनौती को पार कर नारी शक्ति के आत्मसम्मान की रक्षा की है। राजनीति में कांग्रेस शासनकाल के अटकाने और भटकाने के अध्याय को समाप्त कर सेवा और समर्पण से देशवासियों की आकांक्षाओं को पूरा किया है। भाजपा सरकार ने 2014 से ही महिला सशक्तीकरण को सेवा और संकल्प का माध्यम बनाया है जबकि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों ने दशकों तक महिला आरक्षण को ठंडे बस्ते में रखा।
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कहा कि अल्पसंख्यक महिलाओं के लिए आरक्षण के नाम पर विपक्षी दलों ने विरोध किया जबकि सर्वोच्च न्यायालय ने धर्म के आधार पर आरक्षण न दिए जाने आदेश दिया है। उन्होंने 1998 का जिक्र किया और कहा कि लालकृष्ण आडवाणी के हाथों से बिल की कॉपी छीनी और फाड़ी गई, साल 2010 में भी विरोध किया गया। यह विरोध आमजन का नहीं चंद लोगों की मानसिकता थी। इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत सिंह बब्बन, जिला उपाध्यक्ष अलका गुप्ता, प्रीतेश दीक्षित, संदीप सिंह, ओम वर्मा, जिला मंत्री सत्यम शुक्ला, सीमा विश्वास, मीडिया प्रभारी अतुल सिंह, सह मीडिया प्रभारी परेश लोहिया, आयुष सिंह, ऋतुराज त्रिपाठी, अभय दीक्षित आदि मौजूद रहे।
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