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राहत के मरहम में अब आवंटन का खेल

Mon, 07 Mar 2022 11:29 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 07 Mar 2022 11:29 PM IST
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Now the game of allocation in the ointment of relief
हरदोई। चुनाव से पहले तक कोटा वितरण को लेकर सब कुछ ठीक-ठाक होने के दावे किए जाते रहे, वहीं चुनाव निपटते ही मुफ्त सार्वजनिक वितरण प्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
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राशन कार्डधारकों से पहले कोटेदार ही व्यवस्था में खेल की शिकायत करने लगे हैं। कोटेदारों का आरोप है कि उनको गरीबों के लिए बांटे जाने वाले मुफ्त राशन में कटौती की गई है। तेल, दाल और नमक के पैकेट कम आवंटित किए गए हैं।
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वहीं, विभागीय अफसरों का कहना है कि दूसरे आवंटन में कटौती किए गए सामानों को जोड़ दिया जाएगा। सोमवार को बड़ी संख्या में कोटेदारों ने तेल, दाल, नमक के पैकेटों के आवंटन में खेल की शिकायत करते हुए विरोध दर्ज कराया है।
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सूत्रों का कहना है कि जिले में भारी तादाद में अनाज आदि के वितरण में घालमेल हुआ है। इस घालमेल पर लीपापोती करने के लिए वित्तीय वर्ष के अंतिम माह में एलाटमेंट में खेल कर सब कुछ ठीक ठाक दिखाने की कोशिश हो रही, जिसको लेकर कोटेदार भड़क गए हैं।
आरोप है कि अबकी नमक, दाल और तेल के पैकेट कम दिए गए हैं। जिले में करीब सात लाख 79 हजार पात्र गृहस्थी वर्ग के राशन कार्डधारक हैं, तो अंत्योदय योजना के करीब एक लाख 17 हजार हैं।
कोरोना टाइम से पहले अनाज योजना के तहत इन राशन कार्डधारकों को दो रुपये प्रति किलो गेहूं और तीन रुपये किलो चावल, एक रुपये किलो मोटा अनाज मिल रहा था।
हर राशन कार्ड में दर्ज सदस्यों के हिसाब से प्रति यूनिट तीन किलो गेहूं, दो किलो चावल मिल रहा था। जिसे कोरोना काल में सरकार की ओर से राशन का वितरण निशुल्क कर दिया था।
इसके साथ ही पिछले कुछ समय से सरकार की ओर राशनकार्डधारकों को राहत देने के लिए एक किलो खाद्य तेल, एक किलो चना दाल, एक किलो नमक का पैकेट देने का दावा किया जा रहा था, जिसमें हुए खेल का अब खुलासा होने लगा है।
गोदामों से हो रहा खेल
चर्चा है कि ब्लाक स्तर पर गोदामों से होने वाले अनाज के उठान एवं तेल, चना, नमक में हर महीने जमकर खेल किया जाता है। अनाज के बैग में लिखी रहने वाली मात्रा के अनुसार बैग का वजन नहीं होता है।
इस घटतौली का असर कोटेदारों से लेकर राशन कार्डधारकों तक पड़ता है। किसी भी ग्राम पंचायत या हरदोई शहर के किसी भी एक कोटे के स्टाक वितरण एवं राशन कार्डधारकों का भौतिक सत्यापन कर लिया जाए तो इस खेल की पोल खुल जाएगी।
तो इसलिए कोटेदारों में नाराजगी
कोटेदारों से जुड़े लोगों ने बताया कि जब से तेल, नमक, चना का वितरण राशन कार्डधारकों को हो रहा, तब से कार्डधारक मशीन पर अंगूठा लगाने के बाद अनाज से ज्यादा इन चीजों पर ध्यान देते हैं।
बहुत से कार्डधारक खैरात में मिलने वाली इन चीजों में गेहूं-चावल की जगह नमक, तेल, चना की मांग करते हैं। मतलब साफ है कि तमाम लोग ऐसे हैं, जो सिर्फ तेल, नमक, चना में ज्यादा रुचि रखते हैं।
ऐसे में अब इस माह में यदि सभी को यह चीजें नहीं मिलेंगी, तो जाहिर सी बात है कि शिकायतें होगी। इसी वजह से कोटेदारों ने आवंटन में कम पैकेट होने पर नाराजगी जताते हुए विरोध जताया है।
कोटेदारों की अपनी-अपनी समस्या
बड़ी संख्या में डीएसओ कार्यालय आकर आवंटन को लेकर शिकायत कर रहे कोटेदारों में हरियावां ब्लाक के जरेली गांव हरिओम ने बताया कि पिछले माह तक एलाटमेंट आदि सब ठीक था, लेकिन इस माह के लिए अचानक आवंटन कम कर दिया गया।
ऐसे में राशनकार्डधारकों के बीच वितरण कैसे हो पाएगा। टंडोर के कोटेदार गुरुशरन और कल्यानी गांव के उमाकांत आदि लोगों ने भी यही शिकायत की। बताया जाता है कि डीएसओ कार्यालय से आवंटन में भारी कटौती की गई है।

इसके चलते राशन कोटा को लेकर गांवों से लेकर शहर में कोटेदारों एवं राशनकार्डधारकों के बीच नाराजगी की संभावनाएं प्रबल हो गई हैं।
बोले डीएसओ, जारी हो रहा नया आवंटन
वितरण व्यवस्था को दुरुस्त रखने एवं स्टाक शेष न रह जाए, इसलिए आवंटन में कटौती गई थी। इस कटौती को नए आवंटन के जरिए पूरा करा दिया जाएगा। इस माह भी नियमानुसार सभी कार्डधारकों के लिए अनाज आदि पहुंचेगा। कहीं कोई दिक्कत नहीं है।
- संजय पांडेय, डीएसओ
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