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हत्यारोपी के पुत्र को दौड़ाकर गोलियां मार मौत के घाट उतारा
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-घटनास्थल पर विमर्श करते अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी अनिल यादव और सीओ संडीला अमित किशोर श्रीवास्तव?
- फोटो : HARDOI
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संडीला (हरदोई)। कोतवाली क्षेत्र के गांव आटामऊ में पूर्व प्रधान पिता की हत्या का बदला लेने के लिए बेटों ने साथियों संग मिलकर हत्यारोपी के पुत्र को दौड़ाकर गोलियां मार दीं। मौके पर ही उसकी मौत हो गई। पुलिस और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल पर जाकर जांच की। मृतक के भाई की तहरीर पर पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की है।
आटामऊ निवासी यूनुस (35) पुत्र हामिद दूधिया था। रविवार सुबह वह गांव से बाइक से लखनऊ के मॉल स्थित डेयरी जा रहा था। गांव से लगभग दो किलोमीटर दूर आटामऊ-पहतोईया मार्ग पर हमलावरों ने यूनुस की बाइक गिरा दी। यूनुस ने भागने की कोशिश की, तो उसे दौड़ा लिया। एक बाग की पगडंडी पर यूनुस पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर हत्यारे भाग गए। यूनुस ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। आसपास के खेतों में काम कर रहे लोगों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। एएसपी पूर्वी अनिल सिंह यादव, सीओ संडीला अमित किशोर श्रीवास्तव, कोतवाल सूर्य प्रकाश शुक्ला मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों और परिजनों से पुलिस ने पूछताछ की।
पुलिस के मुताबिक एक गोली गले में और तीन गोलियां पेट में लगी हैं। तीन साल पहले पूर्व प्रधान और मौजूदा प्रधान के पति गोविंद प्रताप उर्फ छुटक्के की हत्या का बदला लेने के लिए वारदात को अंजाम दिया गया। गोविंद की हत्या में मृतक यूनुस का पिता हामिद जेल में बंद है। कोतवाल ने बताया कि मृतक के भाई मुहिम की तहरीर पर अनिल व शिवशंकर पुत्रगण गोविंद उर्फ छुटक्के, मुनेश्वर प्रसाद और उनके पुत्र छुटक्के, शैलेंद्र व मुनीम पुत्रगण राजेंद्र के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है। शिव शंकर और अनिल ने पिता की हत्या का बदला लेने के लिए घटना को अंजाम दिया।
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पानी बांधने को लेकर हुआ था विवाद, तीन साल में गईं दो जानें
संडीला। कोतवाली क्षेत्र के गांव आटामऊ में रविवार सुबह हुई दूधिये की हत्या की वारदात की पृष्ठभूमि खंगालने पर पता चलता है कि तीन वर्ष पहले पानी बांधने को लेकर हुई रंजिश में दो लोगों की जान चली गई।
ग्रामीणों ने बताया कि दिसंबर 2017 में बेहटा नाला का पानी सिंचाई के लिए आटामऊ निवासी हामिद ने बांध दिया था। इससे बड़ी संख्या में ग्रामीणों को भी राहत मिल गई थी, लेकिन पूर्व प्रधान और मौजूदा प्रधान के पति गोविंद प्रताप उर्फ छुटक्के ने पानी बांधे जाने को नियम विपरीत बता बंधा तुड़वा दिया था। इसको लेकर रंजिश बढ़ गई थी। 21 जनवरी 2018 को अतरौली संडीला रोड पर आबिदखेड़ा के निकट गोविंद प्रताप की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
इस मामले में मृतक के पुत्र शिवशंकर की तहरीर पर हामिद, उसके पुत्र मुहिम, गांव निवासी मथुरा उफ सौकत , बबलू पुत्र सुकड़ू और मोहम्मद सारिक पुत्र मोहम्मद मजीद को नामजद किया गया था। विवेचना में कमालू पुत्र इशहाक, कमालू पुत्र नसीर, सलमान पुत्र मुंशी और धर्मेंद्र के नाम भी सामने आए थे। पुलिस ने इन सभी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इनमें हामिद, और मथुरा उर्फ सौकत अब भी जेल में हैं, जबकि बाकी सभी को जून 2018 में ही जमानत मिल गई थी। अब पुलिस और ग्रामीण भी यूनुस की हत्या को उसी रंजिश का नतीजा मान रहे हैं।
छावनी में तब्दील हुआ आटामऊ, पीएसी तैनात
दूधिये की हत्या के बाद ग्राम आटामऊ में आक्रोश फैल गया। मृतक के कुछ करीबियों ने हत्यारोपी के घर की ओर बढ़ने का प्रयास भी किया, लेकिन पुलिस ने स्थिति संभाल ली। एसपी अनुराग वत्स ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। हालात देखते हुए एक कंपनी पीएसी गांव में तैनात कर दी गई है। इसके अलावा कासिमपुर, कछौना, बघौली अतरौली सहित पांच थानों की पुलिस भी गांव में तैनात है।
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आटामऊ निवासी यूनुस (35) पुत्र हामिद दूधिया था। रविवार सुबह वह गांव से बाइक से लखनऊ के मॉल स्थित डेयरी जा रहा था। गांव से लगभग दो किलोमीटर दूर आटामऊ-पहतोईया मार्ग पर हमलावरों ने यूनुस की बाइक गिरा दी। यूनुस ने भागने की कोशिश की, तो उसे दौड़ा लिया। एक बाग की पगडंडी पर यूनुस पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर हत्यारे भाग गए। यूनुस ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। आसपास के खेतों में काम कर रहे लोगों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। एएसपी पूर्वी अनिल सिंह यादव, सीओ संडीला अमित किशोर श्रीवास्तव, कोतवाल सूर्य प्रकाश शुक्ला मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों और परिजनों से पुलिस ने पूछताछ की।
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पुलिस के मुताबिक एक गोली गले में और तीन गोलियां पेट में लगी हैं। तीन साल पहले पूर्व प्रधान और मौजूदा प्रधान के पति गोविंद प्रताप उर्फ छुटक्के की हत्या का बदला लेने के लिए वारदात को अंजाम दिया गया। गोविंद की हत्या में मृतक यूनुस का पिता हामिद जेल में बंद है। कोतवाल ने बताया कि मृतक के भाई मुहिम की तहरीर पर अनिल व शिवशंकर पुत्रगण गोविंद उर्फ छुटक्के, मुनेश्वर प्रसाद और उनके पुत्र छुटक्के, शैलेंद्र व मुनीम पुत्रगण राजेंद्र के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है। शिव शंकर और अनिल ने पिता की हत्या का बदला लेने के लिए घटना को अंजाम दिया।
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पानी बांधने को लेकर हुआ था विवाद, तीन साल में गईं दो जानें
संडीला। कोतवाली क्षेत्र के गांव आटामऊ में रविवार सुबह हुई दूधिये की हत्या की वारदात की पृष्ठभूमि खंगालने पर पता चलता है कि तीन वर्ष पहले पानी बांधने को लेकर हुई रंजिश में दो लोगों की जान चली गई।
ग्रामीणों ने बताया कि दिसंबर 2017 में बेहटा नाला का पानी सिंचाई के लिए आटामऊ निवासी हामिद ने बांध दिया था। इससे बड़ी संख्या में ग्रामीणों को भी राहत मिल गई थी, लेकिन पूर्व प्रधान और मौजूदा प्रधान के पति गोविंद प्रताप उर्फ छुटक्के ने पानी बांधे जाने को नियम विपरीत बता बंधा तुड़वा दिया था। इसको लेकर रंजिश बढ़ गई थी। 21 जनवरी 2018 को अतरौली संडीला रोड पर आबिदखेड़ा के निकट गोविंद प्रताप की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
इस मामले में मृतक के पुत्र शिवशंकर की तहरीर पर हामिद, उसके पुत्र मुहिम, गांव निवासी मथुरा उफ सौकत , बबलू पुत्र सुकड़ू और मोहम्मद सारिक पुत्र मोहम्मद मजीद को नामजद किया गया था। विवेचना में कमालू पुत्र इशहाक, कमालू पुत्र नसीर, सलमान पुत्र मुंशी और धर्मेंद्र के नाम भी सामने आए थे। पुलिस ने इन सभी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इनमें हामिद, और मथुरा उर्फ सौकत अब भी जेल में हैं, जबकि बाकी सभी को जून 2018 में ही जमानत मिल गई थी। अब पुलिस और ग्रामीण भी यूनुस की हत्या को उसी रंजिश का नतीजा मान रहे हैं।
छावनी में तब्दील हुआ आटामऊ, पीएसी तैनात
दूधिये की हत्या के बाद ग्राम आटामऊ में आक्रोश फैल गया। मृतक के कुछ करीबियों ने हत्यारोपी के घर की ओर बढ़ने का प्रयास भी किया, लेकिन पुलिस ने स्थिति संभाल ली। एसपी अनुराग वत्स ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। हालात देखते हुए एक कंपनी पीएसी गांव में तैनात कर दी गई है। इसके अलावा कासिमपुर, कछौना, बघौली अतरौली सहित पांच थानों की पुलिस भी गांव में तैनात है।