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मनरेगा का भुगतान लापरवाही पर रुकेगा बजट
अमर उजाला ब्यूरो/हरदोई
Updated Thu, 09 Jun 2016 12:04 AM IST
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मजदूर
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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हरदोई। मनरेगा में सामग्री और श्रमांश का भुगतान करने में की जा रही लापरवाही जिम्मेदारों को भारी पड़ सकती है। मनरेगा देयकों का भुगतान करने में हीलाहवाली करने पर शासन ने बजट रोकने की चेतावनी दी है। मनरेगा आयुक्त के पत्र पर सीडीओ ने सभी बीडीओ को लंबित भुगतान की अदायगी के निर्देश दिए।
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मनरेगा से कराए गए कार्यों पर लगे जॉबकार्ड धारक और खरीदी गई सामग्री का भुगतान अभी शत प्रतिशत नहीं हो सका है। काम के बावजूद जॉबकार्ड धारकों को मजदूरी के लिए अधिकारियों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं, साथ ही खरीदी गई सामग्री का भी फर्मों का भुगतान होना है लेकिन खंड विकास अधिकारियों के माध्यम से एफटीओ जनरेट करने में उदासीनता बरती जा रही है।
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गौरतलब हो कि बिना एफटीओ जनरेट किए भुगतान नहीं किया जा सकता है। शासन स्तर से भुगतान कराने के कई निर्देश दिए गए लेकिन अभी लापरवाही की जा रही है। आयुक्त ग्राम्य विकास कामरान रिजवी ने एफटीओ तैयार करवाकर 13 जून तक भुगतान करने के निर्देश दिए, जिसके बाद भुगतान के लिए बजट पर रोक लगाने की चेतावनी दी। वित्तीय वर्ष 2015-16 के अंतर्गत 8.37 करोड़ रुपये का भुगतान अधर में है। जिसमें से श्रमांश पर 1.80 करोड़ रुपये का भुगतान होना है, मिस्त्री का 14.96 लाख रुपये और सामग्री पर 6.41 करोड़ का भुगतान अवशेष है।
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आयुक्त ग्राम्य विकास के चेतावनी के बाद अपर जिला कार्यक्रम अधिकारी/ मुख्य विकास अधिकारी टीके शिबु ने सभी खंड विकास अधिकारियों को 13 जून से पहले भुगतान करने के निर्देश दिए।
वर्ष 16-17 का भी 3.68 करोड़ भुगतान अवशेष
खंड विकास अधिकारियों की उदासीनता की वजह से वित्तीय वर्ष 2016-17 में भी कराए गए कार्य का भुगतान नहीं किया गया। जिससे 3.68 करोड़ रुपये का भुगतान अवशेष रह गया। इसमें श्रमांश पर जाबकार्ड धारकों का 3.64 करोड़ रुपये और मिस्त्री का 2.31 करोड़ रुपये और सामग्री का 2.39 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं किया गया।