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कमल खिला, भगवा हुआ जिला
अमर उजाला ब्यूरो, हरदोई
Updated Sat, 11 Mar 2017 11:32 PM IST
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संडीला में एक दूसरे को मिठाई खिलाते भाजपाई
- फोटो : amarujala
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हरदोई। सूबे के साथ हरदोई भी भगवा रंग में इस कदर रंगा कि सात सीटों पर कमल खिल गया। सपा के धुरंधर नेता नरेश अग्रवाल के बेटे नितिन अग्रवाल बमुश्किल अपनी सीट बचा पाए। बसपा केवल दो सीट पर ही मुख्य मुकाबले में रही। भाजपा के तीन प्रत्याशी पहली बार विधायक चुने गए जबकि एक ने हैट्रिक लगाई और एक ने सातवीं बार जीत दर्ज की। जीत से गदगद भाजपाई मतगणना शेडों के नीचे ही गुलाल उड़ाने लगे, बाहर जगह-जगह मिठाई बांटे गई। अपने-अपने क्षेत्र लौटते समय लोगों ने रास्ते में नवनिर्वाचित प्रत्याशियों का स्वागत भी किया।
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हरदोई जिले में 2014 में शुरू हुई भाजपा की आंधी विधानसभा चुनावी में सुनामी में तब्दील हो गई। इसमें पिछले चुनाव में जिले में छह सीटें जीतने वाले सपा और बसपा का मल्लावां का भी किला ध्वस्त हो गया। भाजपा प्रत्याशियों ने सात सीटों पर विजय पताका फहरा दी। सपा के राष्ट्रीय महासचिव नरेश अग्रवाल के गढ़ हरदोई सदर में भी भाजपा के राजा बक्स सिंह ने कड़ी टक्कर दी। इस सीट से नरेश के बेटे और प्रदेश सरकार में स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री नितिन अग्रवाल प्रत्याशी थे। राजा बक्स और नितिन में अंतिम राउंड तक संघर्ष चला।
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कड़े मुकाबले में नितिन 5046 वोटों से जीत दर्ज कर पाए। अन्य सात सीटों पर भाजपा ही भाजपा दिखाई दी। सवायजपुर सीट पर भाजपा के माधवेंद्र प्रताप सिंह रानू ने बड़े अंतर से जीत दर्ज की। रानू ने पूर्व विधायक विश्राम सिंह के बेटे और सपा प्रत्याशी पद्मराग सिंह यादव पम्मू को 27169 वोटों से शिकस्त दी। पप्पू पिछला चुनाव जनक्रांति पार्टी के टिकट पर हारे थे। शाहाबाद सीट पर वोटों के ध्रुवीकरण ने बसपा के आसिफ खां बब्बू के अरमानों पर पानी फेर दिया। बसपा के लिए सबसे मजबूत मानी जा रही इस सीट पर भाजपा की रजनी तिवारी ने 4208 मतों के विजय हासिल की।
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पूर्व विधायक सरताज खां के बेटे करीब 15532 वोटों पर सिमट गए। जीत की हैट्रिक लगाने वाली रजनी 2012 में बसपा के टिकट पर सवायजपुर और 2008 के उपचुनाव में बिलग्राम से विधायक चुनी गई थीं। गोपामऊ सुरक्षित सीट पर सीटिंग विधायक श्याम प्रकाश ने सबसे बड़ी जीत दर्ज की। उन्होंने सपा प्रत्याशी और सांडी की सिटिंग विधायक राजेश्वरी को 31525 रिकार्ड वोेटों से पराजित कर दिया। श्याम प्रकाश पिछला चुनाव सपा के टिकट पर जीते थे। सांडी सुरक्षित सीट पर पासियों के दिलों पर राज करने वाले कुबेर के बेटे प्रभाष कुमार ने फगवा फहराया।
प्र्रभाष ने कांग्रेस प्रत्याशी ओमेंद्र वर्मा को 20382 मतों से मात दी। बालामऊ में प्रभाष के चाचा और पूर्व मंत्री रामपाल वर्मा ने जीत दर्ज की। सातवीं बार विधायक चुने गए रामपाल ने बसपा की नीलू सत्यार्थी को 22879 वोटों से हराया। संडीला में भी वोटों का जबरदस्त ध्रुवीरकरण हुआ। चुनाव के करीब 20 दिन पहले टिकट पाने वाले भाजपा के राजकुमार अग्रवाल राजिया ने सपा प्रत्याशी और पूर्व मंत्री अब्दुल मन्नान को 20489 वोटों के बड़े अंतर से मात दे दी। मन्नान तीन बार बसपा के टिकट पर विधायक रह चुके हैं, कुछ महीने पहले ही वह सपा में शामिल हुए थे।
भाजपा के लिए अभी तक बंजर रही बिलग्राम-मल्लावां सीट पर आशीष कुमार सिंह आशू ने कमल खिला दिया। आशू ने सपा प्रत्याशी सुभाष पाल को 7789 वोटों से पराजित किया। सुभाष पिछले चुनाव में पीस पार्टी की टिकट से चुनाव लड़कर तीसरे स्थान पर रहे थे।