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माह के अंतिम शनिवार विद्यालयों में गूंजेंगे कहकहे
अमर उजाला ब्यूरो/हरदोई
Updated Sat, 26 Mar 2016 11:48 PM IST
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स्कूल
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हरदोई। परिवारों की मौजूदा परिस्थितियों को लेकर भले ही नन्हे मुन्नों का जन्मदिन घरों में न मनाया जाता हो पर नए सत्र से परिषदीय विद्यालयों में जन्मदिवस मनाया जाएगा। स्कूल की दीवारों पर चस्पा जन्मदिवस की पट्टिकाओं को देखकर भी छात्र छात्राएं हर्षित नजर आएंगे।
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इससे पहले भी शासन एक बार स्कूलों में बच्चों के जन्मदिवस मनाए जाने के निर्देश जारी कर चुका है लेकिन वह प्रभावी नहीं हो सके। इस बार जन्म तिथि पंजीकरण को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से एवं छात्र छात्राओं में उनके जन्मदिवस का बोध कराए जाने की मंशा को लेकर इन नियमों का पालन कराने के निर्देश बीएसए को जारी कर दिए गए हैं।
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मुख्य सचिव आलोक रंजन ने प्रदेश के समस्त मंडलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों को दिशा निर्देश जारी करते हुए बताया कि प्रदेश सरकार जन्म व मृत्यु पंजीकरण जैसी महत्वपूर्ण तिथियों का पंजीकरण कराए जाने के लिए प्रयासरत है।
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प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों व कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में अध्ययनरत बालक बालिकाओं को आज भी उनको अपनी जन्मदिन का बोध नहीं है। इन आयोजनों के बाद न सिर्फ बच्चों को जन्मदिवस का बोध होगा। माह में पड़ने वाली जन्मतिथि के समस्त बालक बालिकाओं का जन्म दिवस उसी माह के अंतिम शनिवार को मध्यावकाश के बाद विद्यालय में ही मनाया जाए। बालिकाओं की कक्षावार एक सूची तैयार की जाए। जिसको चार्ट के माध्यम से तैयार कर दीवारों पर प्रदर्शित किया जाए। डीएम रमेश मिश्र ने भी इन निर्देशों का अनुपालन कराए जाने के लिए जिला बीएसए को पत्र भेज दिया है।
न अलग से धनराशि मिलेगी न चंदा
बच्चों के जन्मदिवस मनाए जाने की योजना में यह साफ तौर पर कहा गया है कि समारोह के लिए पृथक से कोई धनराशि उपलब्ध नहीं कराई जाएगी। इसके लिए चंदा आदि से भी कोई धनराशि एकत्र न की जाए। विद्यालय में जो संसाधन हैं, उन्हीं का प्रयोग कर समारोह को भव्य करने का प्रयास किया जाए। जैसे चार्ट, पेपर, स्क्रेच का प्रयोग कर बधाई कार्ड बनवाए जाएं और बालक बालिकाओं को भेंट कराए जाएं।