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Hardoi News: सड़क व पुलिया निर्माण में खेल करके लाखों डकारे
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हरदोई। जिले में सड़कों व पुलियों के निर्माण में मानकों की अनदेखी करके लाखों रुपये ठेकेदार व अफसरों ने डकार लिये। मामले का खुलासा ग्रामीणों की शिकायत पर हुई जांच के बाद हुआ। प्रकरण में इन कामों की एमबी करने वाले लोक निर्माण विभाग के अवर, सहायक एवं अधिशासी अभियंता (सेवानिवृत्त) के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार गांवों के विकास के लिए योजनाओं का संचालन कर रही है। इन योजनाओं के तहत हुए सड़क व पुलिया निर्माण में गड़बड़ी सामने आई है। बीते दिनों ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से शिकायत की थी।
इसमें कहा था कि अहिरोरी ब्लॉक के पिंपरीडीह से कसमंडी पुल तक और सूरापुर पुलिया से इलासपुर पिपोनी तक संपर्क मार्ग का डामरीकरण कार्य कराया गया था। इन कार्यों में अनियमितता बरती गई है। इस पर जिला प्रशासन के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग की टीम ने कार्यों की जांच की।
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पिंपरीडीह से कसमंडी पुल तक डामरीकरण के निरीक्षण में पाया गया कि लगभग एक किमी लंबाई में पत्थर की गिट्टी डाली गई है। इसे मानक के अनुसार नहीं डाला गया है और न ही इसकी कुटाई कराई गई है, जबकि 500 मीटर में जीएसबी बिछाकर कूटाई सहित का भुगतान किया जा चुका था।
इसके अलावा सूरापुर पुलिया से इलासपुर पिपोनी संपर्क मार्ग तक डामरीकरण में तीन पुलिया हयम पाइप 1000 मिली मीटर डाया सिंगल बैरल, एक पुलिया 1000 मिली मीटर डाया डबल बैरल और एक पुलिया 450 मिली मीटर डाया सिंगल बैरल का निर्माण कार्य हुआ है। इसमें डबल बैरल की पुलिया का एक पैरापिट साइड सहित चटक गया है।
जांच में पाया गया कि इसमें नीव की गिट्टी और चिनाई का कार्य खराब है। यहां लगभग 120 मीटर लंबाई में सीसी मार्ग बनाया गया हैं। इसमें एक तरफ नाली बनाई गई है। सीसी की मोटाई 15 सेंटीमीटर और उसके बेस में 15 सेमी पत्थर दो लेयर में डाला जाता है। यह काम भी मानक के अनुरूप नहीं हुुआ।
ऐसे हुआ घोटाला
विभागीय जानकार बताते हैं कि जीएसबी के लिए पत्थर, ग्रिट. स्टोन डस्ट मिलाकर 12 सेंटीमीटर मोटाई में (कंपेक्टेड) डाला जाना अनिवार्य है। मौके पर कार्य नहीं पाया गया, जबकि जीएसबी कार्य के 500 मीटर लंबाई का भुगतान एमबी के आधार पर कर दिया गया है।
वहीं पुलिया जांच में दो चौनेज पर सीसी की मोटाई 15 सेमी मिली, लेकिन एक स्थल पर पत्थर नहीं पाया गया और दूसरे स्थल पर पाए गए पत्थर की कुटाई नहीं की गई। इन कार्यों का 15,49,883 रुपये का भुगतान एमबी के आधार निकाल लिया गया है।
वर्जन
जांच में गुणवत्ता और मानक विहीन निर्माण कार्य पाया गया है। निर्माण कार्य सहीं न होने और गलत तरीके से रुपये निकालने के मामले में कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। - एमपी सिंह, डीएम
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सरकार गांवों के विकास के लिए योजनाओं का संचालन कर रही है। इन योजनाओं के तहत हुए सड़क व पुलिया निर्माण में गड़बड़ी सामने आई है। बीते दिनों ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से शिकायत की थी।
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इसमें कहा था कि अहिरोरी ब्लॉक के पिंपरीडीह से कसमंडी पुल तक और सूरापुर पुलिया से इलासपुर पिपोनी तक संपर्क मार्ग का डामरीकरण कार्य कराया गया था। इन कार्यों में अनियमितता बरती गई है। इस पर जिला प्रशासन के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग की टीम ने कार्यों की जांच की।
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पिंपरीडीह से कसमंडी पुल तक डामरीकरण के निरीक्षण में पाया गया कि लगभग एक किमी लंबाई में पत्थर की गिट्टी डाली गई है। इसे मानक के अनुसार नहीं डाला गया है और न ही इसकी कुटाई कराई गई है, जबकि 500 मीटर में जीएसबी बिछाकर कूटाई सहित का भुगतान किया जा चुका था।
इसके अलावा सूरापुर पुलिया से इलासपुर पिपोनी संपर्क मार्ग तक डामरीकरण में तीन पुलिया हयम पाइप 1000 मिली मीटर डाया सिंगल बैरल, एक पुलिया 1000 मिली मीटर डाया डबल बैरल और एक पुलिया 450 मिली मीटर डाया सिंगल बैरल का निर्माण कार्य हुआ है। इसमें डबल बैरल की पुलिया का एक पैरापिट साइड सहित चटक गया है।
जांच में पाया गया कि इसमें नीव की गिट्टी और चिनाई का कार्य खराब है। यहां लगभग 120 मीटर लंबाई में सीसी मार्ग बनाया गया हैं। इसमें एक तरफ नाली बनाई गई है। सीसी की मोटाई 15 सेंटीमीटर और उसके बेस में 15 सेमी पत्थर दो लेयर में डाला जाता है। यह काम भी मानक के अनुरूप नहीं हुुआ।
ऐसे हुआ घोटाला
विभागीय जानकार बताते हैं कि जीएसबी के लिए पत्थर, ग्रिट. स्टोन डस्ट मिलाकर 12 सेंटीमीटर मोटाई में (कंपेक्टेड) डाला जाना अनिवार्य है। मौके पर कार्य नहीं पाया गया, जबकि जीएसबी कार्य के 500 मीटर लंबाई का भुगतान एमबी के आधार पर कर दिया गया है।
वहीं पुलिया जांच में दो चौनेज पर सीसी की मोटाई 15 सेमी मिली, लेकिन एक स्थल पर पत्थर नहीं पाया गया और दूसरे स्थल पर पाए गए पत्थर की कुटाई नहीं की गई। इन कार्यों का 15,49,883 रुपये का भुगतान एमबी के आधार निकाल लिया गया है।
वर्जन
जांच में गुणवत्ता और मानक विहीन निर्माण कार्य पाया गया है। निर्माण कार्य सहीं न होने और गलत तरीके से रुपये निकालने के मामले में कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। - एमपी सिंह, डीएम