{"_id":"571289354f1c1ba96f4a6aca","slug":"lack-of-water-in-the-canals-dried-crops","type":"story","status":"publish","title_hn":"नहरों में पानी न होने से सूख रहीं फसलें ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नहरों में पानी न होने से सूख रहीं फसलें
अमर उजाला ब्यूरो/हरदोई
Updated Sun, 17 Apr 2016 12:19 AM IST
विज्ञापन
सूखी शारदा नहर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
टोडरपुर। बढ़ती गर्मी के साथ पछुआ हवाओं से लोगों के कंठ सूख रहे हैं। वहीं, नहरों में पानी न होने से फसलें सूखने लगी हैं। जिससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें नजर आ रही हैं। शारदा नहर काफी समय से सूखी पड़ी है। वहीं, गर्रा नदी का जलस्तर भी घटता जा रहा है। हजारों बीघा फसल बिना पानी के सूख रही है। क्षेत्र के किसान गर्रा नदी से पंपसेट के जरिये भी खेती करते थे।
विज्ञापन
क्षेत्र से निकली सुखेता नहर भी फसलों को पानी देने में सक्षम थी। जिससे क्षेत्र में बिछा नहरों का जाल किसानों के लिए वरदान साबित होता था। अब स्थिति बदल गई है, भीषण गर्मी से खेती पर संकट के बादल छाने लगे हैं। सरकारी ट्यूबवेल भी सिंचाई के लिए बनवाए गए थे, जिनमें अधिकांश अव्यवस्थाओं के चलते ठप पड़े हैं। भूजल स्तर गिरने से पानी की किल्लत बढ़ती जा रही है। आज पीने के पानी का भी संकट है। सूखी नहरें, ताल-तलैया और सूखी सुखेता नदी से हजाराें एकड़ भूमि सूख रही है।
विज्ञापन
क्षेत्रीय विधायक बाबू खां से किसानों ने अपनी समस्याओं से अवगत कराया। तो विधायक ने नहर में अतिशीघ्र पानी दिलाने का आश्वासन दिया है।