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क्षेत्र पंचायतों को 15वें वित्त से मिले करोड़ों रुपये रह गए खाते में

Mon, 22 Mar 2021 10:58 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 22 Mar 2021 10:58 PM IST
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Kshetra Panchayats got crores of rupees from 15th finance in their account
फोटो-28-माधौगंज का क्षेत्र पंचायत मुख्यालय। संवाद - फोटो : HARDOI
हरदोई। जिले में क्षेत्र पंचायतों के प्रमुखों का कार्यकाल भले ही 17 मार्च की आधी रात को खत्म हुआ हो, लेकिन 15वें वित्त से मिलने वाले बजट के संचालन पर काफी समय से रोक लग गई थी।
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हालांकि इसके लिए कोई औपचारिक आदेश जारी नहीं हुआ। ज्यादातर क्षेत्र पंचायतों में 15वें वित्त के बजट से 24 जनवरी के बाद कोई भुगतान नहीं हो पाया। यही कारण है कि क्षेत्र पंचायतों के खाते में 18 करोड़ 59 लाख, 50 हजार 303 रुपये डंप है।
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17 मार्च को क्षेत्र पंचायतों के प्रमुखों का कार्यकाल खत्म हो चुका है। जनपद के सभी 19 विकास खंडों में संबंधित क्षेत्र के उपजिलाधिकारी को प्रशासक बना दिया गया है। खास बात यह है कि जनपद के लगभग सभी विकास खंडों में क्षेत्र पंचायतों को विभिन्न मदों से विकास कार्य कराने के लिए दिए गए बजट में से 15वें वित्त से मिलने बजट का उपयोग नहीं हो पाया।
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इस बजट का खर्च ब्लाक यानी क्षेत्र पंचायत की कार्य योजना के आधार पर होता है। जनपद में कुल 19 विकास खंड हैं। सभी क्षेत्र पंचायतों में बड़े पैमाने पर बजट डंप रहा है। आलम यह है कि क्षेत्र पंचायत के प्रमुखों का कार्यकाल पूरा हो गया और फिर भी विकास कार्यों के लिए आया बजट खर्च ही नहीं हो पाया।
छह ब्लाकों में एक-एक करोड़ से अधिक डंप है बजट
पंचायत राज विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक जिले के छह विकास खंडों में एक करोड़ रुपये से अधिक का बजट डंप है। अहिरोरी क्षेत्र पंचायत के खाते में एक करोड़ 21 लाख 67 हजार 755 रुपये, बावन क्षेत्र पंचायत के खाते में एक करोड़ 14 लाख 6 हजार 890 रुपये और पिहानी क्षेत्र पंचायत के खाते में एक करोड़ 6 हजार 596 रुपये डंप हैं। इसके अलावा शाहाबाद में एक करोड़ 21 लाख 16 हजार 933 रुपये, सुरसा में एक करोड़ 22 लाख 42 हजार 498 रुपये और टोडरपुर में एक करोड़ 25 लाख दो हजार 311 रुपये डंप हैं।
प्रशासकों को है भुगतान का अधिकार
जिला पंचायत राज अधिकारी गिरीश चंद्र बताते हैं कि पंचायत राज एक्ट के मुताबिक प्रशासकों को भुगतान का अधिकार है। जो कार्य कराए जा चुके हैं और उनका भुगतान नहीं हुआ है, तो ऐसे कार्यों का स्थलीय सत्यापन करने के बाद प्रशासक भुगतान कर सकते हैं, लेकिन यह पूरी तरह प्रशासक के विवेक पर ही निर्भर है। हालांकि सत्यापित कार्यों के भुगतान में कभी समस्या नहीं आती है।

इन ब्लाकों में भी डंप है बजट
ब्लाक का नाम खाते में उपलब्ध बजट
बेंहदर 86,38,251
भरावन 71,43,815
भरखनी 94,47,044
बिलग्राम 98,96,278
हरियावां 49,04438
हरपालपुर 78,66,238
कछौना 88,55,033
कोथावां 68,29,153
माधौगंज 80,17,650
मल्लावां 58,57,997
सांडी 48,87,407
संडीला 92,56,370
टड़ियावां 82,23,460
अलग-अलग दिनों में बंद हुआ खातों का संचालन
15वें वित्त आयोग से मिलने वाले बजट के खाते का संचालन अलग-अलग तारीखों में ही बंद हो गया था। विभागीय सूत्र बताते हैं कि अहिरोरी में 19 फरवरी के बाद कोई भुगतान नहीं हो पाया, जबकि बावन, बेंहदर,2 भरावन, भरखनी, बिलग्राम, हरियावां, हरपालपुर कछौना, सुरसा, पिहानी, सांडी और कोथावां में 24 जनवरी के बाद से भुगतान नहीं हो पाया। माधौगंज, टोडरपुर और संडीला में नौ मार्च के बाद से कोई भुगतान नहीं हो पाया। टड़ियावां में 15 मार्च शाहाबाद में 14 मार्च के बाद कोई भुगतान नहीं हुआ।
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