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जनधन के 50 फीसदी खाते चालू नहीं

Sun, 14 Feb 2016 12:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, हरदोई
अमर उजाला ब्यूरो, हरदोई Updated Sun, 14 Feb 2016 12:49 AM IST
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Jan Dhan not on account of the 50 per cent
प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत जिले में खोले गए बचत खातों की संख्या करीब 8 लाख है और जनपद में राशनकार्डों को आधार माने तो कुल परिवारों की संख्या भी लगभग 8 लाख है । इस तरह से औसतन हर परिवार में एक जनधन खाता है। पर संचालन के मामले में यह आंकड़ा पचास फीसदी के नीचे है। मतलब साफ है कि 50 प्रतिशत से अधिक खातों का संचालन नहीं हो रहा है ऐसे में इन खातों के लिए उपलब्ध दुर्घटना बीमा आदि की सुविधाओं का लाभ नहीं मिल सकता है। जन धन खातों के एटीएम रूपे कार्ड पर तीस हजार का निशुल्क दुर्घटना बीमा कवरेज है।
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लोगों की आर्थिक एवं दुर्घटना सुरक्षा के लिए है जनधन खाता
राष्ट्रीय ग्रामीण एवं कृषि विकास बैंक (नाबार्ड) के डीडीएम राजीव मोहन का कहना है कि आम लोगों को आर्थिक सुरक्षा के लिए बचत करने और दुर्घटना सुरक्षा देने के लिए अगस्त 2014 में प्रधानमंत्री जन धन योजना शुरू हुई थी। इसमें ऐसे लोगों को खाता खुलवाना था जिनका कही बचत खाता नहीं था या फिर बचत खाता था और संचालन न कर सके। डीडीएम ने बताया कि इन खातों में शून्य बैलेंस सुविधा यानी न्यूनतम बैलेंस रखना जरूरी नहीं, निशुल्क एटीएम कम रूपे कार्ड बिना किसी शुल्क के, निशुल्क दुर्घटना बीमा सुरक्षा, निशुल्क पासबुक एवं चेकबुक, निशुल्क पासबुक अपडेट एवं अकाउंट स्टेटमेंट आदि की सुविधाएं मिलती हैं।
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बड़ी संख्या में नहीं एक्टीवेट हुए रूपे कार्ड
एलडीएम पीके सिंह ने बताया कि जिले में करीब 8 लाख जनधन खाते है जिसमें 50 फीसदी से अधिक खाते निष्क्रिय है। निशुल्क दुर्घटना बीमा कवरेज के लिए रूपे कार्ड का एक्टीवेशन जरूरी है। सभी खातों के लिए रूपे कार्ड जारी हुए पर बड़ी संख्या में रूपेकार्ड एक्टीवेट ही नही हुए। बीमा दुर्घटना योजना आदि के लिए जरूरी है कि रूपे कार्ड एटीएम से हर 30 दिन के अंतराल में एक ट्रांजेक्शन होना चाहिए ।
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डेबिट और क्रेडिट कार्ड पर भी होता है बीमा
एटीएम बढ़ने से जिले में 25 फीसदी से अधिक बैंक ग्राहकों के हाथों तक अपने बैंक अकाउंट के लिए डेबिट कार्ड पहुुंच चुके हैं। इसकी पहुंच ग्रामीण क्षेत्रों तक हो जाने से लगातार एटीएम उपभोक्ता बढ़ रहे है। बैंकों से जुड़े अधिकारी बताते है कि डेबिट और क्रेडिट कार्ड के लिए भी दुघर्टना बीमा होता है। अलग अलग बैंकों में डेबिट, क्रेडिट कार्ड के वर्ग जैसे जनरल, प्रीमियम, क्लासिक, प्लेटिनम, गोल्ड आदि के लिए अलग अलग वार्षिक शुल्क एवं बीमा कवर होता है। बीमा कवरेज के लिए इनका भी समय समय पर ट्रांजेक्शन जरूरी है।
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