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हरदोई। नोटबंदी के बाद लोगों की आवश्यकताओं की पूर्ति करने के लिए ग्राहकों की जुबानों पर भी स्वाइप मशीनें आनी लगी हैं। वक्त की मांग को देखते हुए बड़े-बड़े शोरुमों ने अपने व्यापार को बचाए रखने के लिए काउंटरों पर स्वाइप मशीनों को सजा दिया है। बड़े व्यापारियों की मानें तो स्वाइप मशीन चलन में आ जाये तो बेहतर है। नोटबंदी के बाद ग्राहक अब इससे पेेमेंट करने में लगातार आगे आते जा रहे हैं।
आठ नवंबर की आधी रात से पांच सौ और एक हजार रुपये बंद होने के बाद व्यापारियों का सबसे अधिक नुकसान हुआ है तो दूसरी ओर आम लोगों का पर्स भी खाली हो चला है। बैंकों व एटीएम में लगी लंबी लाइन और उन पर भी पैसे निकालने की लिमिट ने लोगों को परेशान कर रखा है, जिससे आम जरूरतों को भी लोग नोटों की कमी के चलते नहीं पूरा कर पा रहे हैं। इनमें पेट्रोल-डीजल के साथ-साथ सहालग में ज्वैलरी, कपड़े व इलेक्ट्रॉनिक सामान भी शामिल हैं। ग्राहकों की इन्हीं जरूरतों को समझते हुए दुकानदारों ने ऑनलाइन भुगतान की व्यवस्था की है। इसको लेकर स्वाइप मशीने दुकानों पर उपलब्ध करायी गई हैं।
घंटाघर रोड स्थित टंडन पेट्रोल पंप के मालिक वीरेंद्र नाथ टंडन का कहना है कि स्वाइप मशीनें उनके पास काफी पहले से हैं। इसका प्रयोग करने वाले पहले से ही इस मशीन का प्रयोग कर रहे हैं। लेकिन नोटबंदी के बाद लोगों ने खुद अब इसकी मांग करनी शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन करीब 40,000 हजार रुपये इसी स्वाइप मशीन के माध्यम से भुगतान होता है। जबकि शुरुआत में 5 से 10 हजार के बीच स्वाइप मशीन से भुगतान होता था। उन्होंने बताया कि समय के साथ चलने में ही व्यापारियों व ग्राहक दोनों की भलाई है।