{"_id":"62014c9103eeb532117282f7","slug":"if-the-commissionerate-is-formed-then-the-path-of-development-will-open-hardoi-news-knp679376145","type":"story","status":"publish","title_hn":"कमिश्नरी बने तो विकास की राह खुले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कमिश्नरी बने तो विकास की राह खुले
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरदोई। जिला मुख्यालय को मंडल मुख्यालय बनाए जाने की मांग को लेकर शासन द्वारा राजस्व परिषद से आख्या मांगे जाने की खबर से इस ओर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
लोगों का कहना है कि यदि हरदोई मंडल मुख्यालय बनाया जाए, तो फिर आसपास के क्षेत्रों को बड़ा फायदा मिल सकता है। जनपद की बड़ी दूरी वाली तहसीलों के जिला बनने का भी मार्ग प्रशस्त हो सकता है।
कुछ समय पूर्व जिला शासकीय अधिवक्ता सिविल अविनाश गुप्ता अब्बी ने जिला मुख्यालय को मंडल मुख्यालय बनाने की मांग करते हुए जनपद के एक विधायक को शासन के नाम मांगपत्र सौंपा था।
उस मांगपत्र को आगे बढ़ाते हुए विधायक ने शासन को सात दिसंबर 2021 को पत्र लिखा था। शासन ने विधायक के पत्र के साथ अविनाश के पत्र को 18 नवंबर को संज्ञान में लेते हुए राजस्व परिषद से इस संबंध में आख्या देने के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन
शासन के विशेष सचिव लालू ने राजस्व परिषद के आयुक्त एवं सचिव को पत्र लिखकर इस संबंध में शासन को आख्या उपलब्ध कराने के आदेेश दिए हैं। क्षेत्रफल की दृष्टिकोण से उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा जिला लखीमपुर खीरी है।
इसका कुल क्षेत्रफल लगभग 7,680 वर्ग किमी है, जबकि दूसरा सबसे बड़ा जिला सोनभद्र 6,905 वर्ग किमी और तीसरा जिला हरदोई 5,986 वर्ग किमी है।
इस तरह से क्षेत्रफल के दृष्टिकोण से हरदोई यूपी का तीसरे नंबर पर सबसे बड़ा जनपद है। यहां पांच तहसीलें और 19 ब्लॉक है। पिछले बीस वर्षों से यहां न तो किसी नई तहसील का सृजन हुआ है न ही ब्लॉक का।
इसके अलावा नई नगर पालिका एवं नगर पंचायतों का भी सृजन नहीं हुआ है। जिसके चलते एक ही जिले के लोगों को जिला मुख्यालय तक आने के लिए 85 किमी तक की दूरी तय करनी पड़ती है।
कई सालों से की जा रही है मांग
पिछले कई वर्षों से सदर नगर पालिका के सीमा विस्तार के साथ नगर निगम बनाने एवं सवायजपुर को नगर पालिका, हरपालपुर को नगर पंचायत और संडीला व मल्लावां को जिला बनाने के साथ ही पिहानी को तहसील बनाने समेत श्रीमऊ चौंसार को ब्लाक बनाने आदि की मांगें जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों द्वारा की जाती रही है।
जिले की पांच तहसीलों में सवायजपुर तहसील मुख्यालय भी ग्राम पंचायत है। दशकों पुरानी इन मांगों के बीच ही कुछ समय पूर्व जिला मुख्यालय को मंडल मुख्यालय बनाने की मांग उठनी शुरू हुई है।
दरअसल लोगों का मानना है कि पड़ोस के जनपद शाहजहांपुर की नगर पालिका नगर निगम बन चुकी है, लेकिन यहां की नगर पालिका का वर्षों से सीमा विस्तार तक नहीं हो सका है।
आसपास के जिलों की ये है व्यवस्था
लखनऊ मंडल में आने वाले हरदोई जिले के पड़ोसी जनपदों में उन्नाव, कन्नौज, फर्रुखाबाद, कानपुर मंडल में आते हैं, जबकि सीतापुर, लखीमपुर लखनऊ मंडल में एवं शाहजहांपुर बरेली मंडल में आता है।
दूरी के लिहाज से बात करें तो फर्रुखाबाद से हरदोई 75 किमी और कानपुर से करीब 150 किमी दूर है। कन्नौज से कानपुर की दूरी करीब 65 किमी है, जबकि हरदोई से कन्नौज की दूरी करीब 55 किमी है।
सीतापुर से लखनऊ से दूरी करीब 90 किमी तो हरदोई से करीब 70 किमी है। इसी प्रकार शाहजहांपुर से बरेली की दूरी करीब 90 किमी है, जबकि हरदोई से करीब 65 किमी है।
लोगों का कहना है कि यदि हरदोई मंडल बनाने के लिए सीतापुर, शाहजहांपुर, कन्नौज एवं फर्रुखाबाद जनपदों को शामिल करने पर विचार किया जाए, तो इन जिलों की अपने मंडलों से दूरी के दृष्टिकोण से हरदोई की दूरी कम होने के साथ ही इलाकाई सीमाएं भी हरदोई जिले से सटी हुई हैं।
विकास संग आसान होगी उम्मीदों की डगर
यदि शासन जिला मुख्यालय को मंडल मुख्यालय बनाने की दिशा में कोई ठोस कदम उठाता है और भविष्य में कभी सपना साकार होता है तो निश्चित रूप से शहर के विकास के साथ ही संडीला क्षेत्र के औद्योगिक विकास को गति मिलने के साथ ही संडीला के जिला बनने का मार्ग भी प्रशस्त होगा।
इसके साथ ही आम लोगों के लिए कमिश्नरी तक पहुंचने की डगर काफी आसान हो जाएगी। अभी यदि जिले के एक छोर पंचनंद कटरी से लखनऊ तक की दूरी की बात करें, तो यह 200 किमी के करीब होती है।
इस तरह से क्षेत्रफल के लिहाज से काफी बड़े इस जिले के तमाम इलाकों की कमिश्नरी तक पहुंच आसान होगी।
बोले मांगकर्ता, होगा विकास
जिला मुख्यालय को मंडल मुख्यालय बनाने की मांग के साथ ही शासन को मांग पत्र भेजा, इसके अलावा एक जन प्रतिनिधि को भी पत्र दिया था, जिस पर शासन से आख्या मांगने का पत्र मिला है।
उनकी मांग क्षेत्रीय विकास के दृष्टिकोण से है। मंडल मुख्यालय बनने से शहर का विकास होने के साथ ही आसपास के इलाकों के विकास के अवसर बढ़ेंगे, साथ ही कमिश्नरी को लेकर लंबी दूरी नहीं रह जाएगी।
- अविनाश चंद्र गुप्ता अब्बी, पूर्व जिला शासकीय अधिवक्ता सिविल
विज्ञापन
लोगों का कहना है कि यदि हरदोई मंडल मुख्यालय बनाया जाए, तो फिर आसपास के क्षेत्रों को बड़ा फायदा मिल सकता है। जनपद की बड़ी दूरी वाली तहसीलों के जिला बनने का भी मार्ग प्रशस्त हो सकता है।
कुछ समय पूर्व जिला शासकीय अधिवक्ता सिविल अविनाश गुप्ता अब्बी ने जिला मुख्यालय को मंडल मुख्यालय बनाने की मांग करते हुए जनपद के एक विधायक को शासन के नाम मांगपत्र सौंपा था।
विज्ञापन
उस मांगपत्र को आगे बढ़ाते हुए विधायक ने शासन को सात दिसंबर 2021 को पत्र लिखा था। शासन ने विधायक के पत्र के साथ अविनाश के पत्र को 18 नवंबर को संज्ञान में लेते हुए राजस्व परिषद से इस संबंध में आख्या देने के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन
शासन के विशेष सचिव लालू ने राजस्व परिषद के आयुक्त एवं सचिव को पत्र लिखकर इस संबंध में शासन को आख्या उपलब्ध कराने के आदेेश दिए हैं। क्षेत्रफल की दृष्टिकोण से उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा जिला लखीमपुर खीरी है।
इसका कुल क्षेत्रफल लगभग 7,680 वर्ग किमी है, जबकि दूसरा सबसे बड़ा जिला सोनभद्र 6,905 वर्ग किमी और तीसरा जिला हरदोई 5,986 वर्ग किमी है।
इस तरह से क्षेत्रफल के दृष्टिकोण से हरदोई यूपी का तीसरे नंबर पर सबसे बड़ा जनपद है। यहां पांच तहसीलें और 19 ब्लॉक है। पिछले बीस वर्षों से यहां न तो किसी नई तहसील का सृजन हुआ है न ही ब्लॉक का।
इसके अलावा नई नगर पालिका एवं नगर पंचायतों का भी सृजन नहीं हुआ है। जिसके चलते एक ही जिले के लोगों को जिला मुख्यालय तक आने के लिए 85 किमी तक की दूरी तय करनी पड़ती है।
कई सालों से की जा रही है मांग
पिछले कई वर्षों से सदर नगर पालिका के सीमा विस्तार के साथ नगर निगम बनाने एवं सवायजपुर को नगर पालिका, हरपालपुर को नगर पंचायत और संडीला व मल्लावां को जिला बनाने के साथ ही पिहानी को तहसील बनाने समेत श्रीमऊ चौंसार को ब्लाक बनाने आदि की मांगें जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों द्वारा की जाती रही है।
जिले की पांच तहसीलों में सवायजपुर तहसील मुख्यालय भी ग्राम पंचायत है। दशकों पुरानी इन मांगों के बीच ही कुछ समय पूर्व जिला मुख्यालय को मंडल मुख्यालय बनाने की मांग उठनी शुरू हुई है।
दरअसल लोगों का मानना है कि पड़ोस के जनपद शाहजहांपुर की नगर पालिका नगर निगम बन चुकी है, लेकिन यहां की नगर पालिका का वर्षों से सीमा विस्तार तक नहीं हो सका है।
आसपास के जिलों की ये है व्यवस्था
लखनऊ मंडल में आने वाले हरदोई जिले के पड़ोसी जनपदों में उन्नाव, कन्नौज, फर्रुखाबाद, कानपुर मंडल में आते हैं, जबकि सीतापुर, लखीमपुर लखनऊ मंडल में एवं शाहजहांपुर बरेली मंडल में आता है।
दूरी के लिहाज से बात करें तो फर्रुखाबाद से हरदोई 75 किमी और कानपुर से करीब 150 किमी दूर है। कन्नौज से कानपुर की दूरी करीब 65 किमी है, जबकि हरदोई से कन्नौज की दूरी करीब 55 किमी है।
सीतापुर से लखनऊ से दूरी करीब 90 किमी तो हरदोई से करीब 70 किमी है। इसी प्रकार शाहजहांपुर से बरेली की दूरी करीब 90 किमी है, जबकि हरदोई से करीब 65 किमी है।
लोगों का कहना है कि यदि हरदोई मंडल बनाने के लिए सीतापुर, शाहजहांपुर, कन्नौज एवं फर्रुखाबाद जनपदों को शामिल करने पर विचार किया जाए, तो इन जिलों की अपने मंडलों से दूरी के दृष्टिकोण से हरदोई की दूरी कम होने के साथ ही इलाकाई सीमाएं भी हरदोई जिले से सटी हुई हैं।
विकास संग आसान होगी उम्मीदों की डगर
यदि शासन जिला मुख्यालय को मंडल मुख्यालय बनाने की दिशा में कोई ठोस कदम उठाता है और भविष्य में कभी सपना साकार होता है तो निश्चित रूप से शहर के विकास के साथ ही संडीला क्षेत्र के औद्योगिक विकास को गति मिलने के साथ ही संडीला के जिला बनने का मार्ग भी प्रशस्त होगा।
इसके साथ ही आम लोगों के लिए कमिश्नरी तक पहुंचने की डगर काफी आसान हो जाएगी। अभी यदि जिले के एक छोर पंचनंद कटरी से लखनऊ तक की दूरी की बात करें, तो यह 200 किमी के करीब होती है।
इस तरह से क्षेत्रफल के लिहाज से काफी बड़े इस जिले के तमाम इलाकों की कमिश्नरी तक पहुंच आसान होगी।
बोले मांगकर्ता, होगा विकास
जिला मुख्यालय को मंडल मुख्यालय बनाने की मांग के साथ ही शासन को मांग पत्र भेजा, इसके अलावा एक जन प्रतिनिधि को भी पत्र दिया था, जिस पर शासन से आख्या मांगने का पत्र मिला है।
उनकी मांग क्षेत्रीय विकास के दृष्टिकोण से है। मंडल मुख्यालय बनने से शहर का विकास होने के साथ ही आसपास के इलाकों के विकास के अवसर बढ़ेंगे, साथ ही कमिश्नरी को लेकर लंबी दूरी नहीं रह जाएगी।
- अविनाश चंद्र गुप्ता अब्बी, पूर्व जिला शासकीय अधिवक्ता सिविल