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अफसर नहीं बता पाए कितने गांव अंधेरे में
अमर उजाला ब्यूरो/हरदोई
Updated Tue, 24 May 2016 11:46 PM IST
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बैठक करते सांसद और अधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला
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हरदोई। जिले के कितने गांवों का विद्युतीकरण नहीं हुआ और कितने विद्युतीकरण के बाद भी अंधेरे में हैं, इसकी खबर बिजली विभाग के अधिकारियों को नहीं है। जिला विद्युत समिति की बैठक में अधिकारी, जनप्रतिनिधियों के एक भी सवाल का जवाब नहीं दे पाए। इस पर अध्यक्षता कर रहे सांसद अंशुल वर्मा ने नाराजगी जताई। उन्होंने 12वीं योजना से विद्युतीकृत कराए गए 19 गांवों की जांच के लिए एक समिति भी गठित कर दी है।
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पंडित दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना एवं इंटीग्रेटेड पावर डेवलपमेंट स्कीम के अंतर्गत ग्रामीण विद्युतीकरण और शहरी क्षेत्र में क्षमता वृद्धि की कार्ययोजना की समीक्षा के लिए सोमवार को बैठक हुई। अध्यक्षता सांसद अंशुल वर्मा ने की। सांसद ने अधिकारियों से विद्युतीकरण के संबंध में जानकारी ली। गतवर्षाें में राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना से कराए गए कार्यों व उन पर हुए व्यय का विवरण अधिकारियों को डिटेल के साथ समिति के सदस्यों को देने के निर्देश दिए। सांसद ने अधिकारियों से जनपद के विद्युतीकरण गांवों के बारे में जानकारी ली लेकिन किसी अधिकारी ने सही जानकारी नहीं दी। सांसद ने नाराजगी व्यक्त की। 300 से अधिक आबादी वाले 452 मजरों में विद्युतीकरण होने के बाद भी बिजली न पहुंचे पर जांच करने के निर्र्देश दिए। जबकि राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना 11वीं और सम्मिलित योजना 12वीं पर आवंटित बजट और व्यय का विवरण भी 15 दिन में देने के निर्देश दिए।
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वहीं, 12वीं योजना के तहत 19 गांवों में कराए गए विद्युतीकरण की जांच के लिए सांसद ने अपने निर्देशन में सांसद अंजू बाला और विधायक बाबू खां सहित दो अन्य लोगाें की समिति गठित की। जिलाधिकारी विवेक वार्ष्णेय ने अधिशासी अभियंता प्रथम को मांगी गई सूचनाएं 15 दिन में जन प्रतिनिधियों को देने के निर्देश दिए। बैठक में सांसद अंजू बाला, विधायक बाबू खां, विधायक राजेश्वरी देवी, मुख्य विकास अधिकारी टीके शिबु, अधीक्षण अभियंता योगेश कुमार, अधिशासी एसके श्रीवास्तव और आरबी कटियार मौजूद रहे।
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