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हरियावां के खंड विकास अधिकारी की हार्टअटैक से मौत
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हरदोई में तैनात बीडीओ मोहम्मद फारुख की फाइल फोटो।
- फोटो : HARDOI
हरदोई। हरियावां ब्लाक के बीडीओ की बुधवार सुबह हार्टअटैक से मौत हो गई। परिजनों ने जिले में तैनाती के बाद से अवकाश न मिलने और इसके कारण बीडीओ के परेशान होने की बात तो कही लेकिन इस संदर्भ में कोई तहरीर नहीं दी है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को साैंप दिया गया।
पीलीभीत के शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला अशरफ खां 15 निवासी मोहम्मद फारुख (58) जिले में हरियावां ब्लाक के बीडीओ थे। वह शहर के मोहल्ला सुभाषनगर में किराये पर रहते थे। बुधवार सुबह 10 बजे वह ब्लाक कार्यालय जाने के लिए तैयार हुए, तभी उन्हेें सांस लेने में तकलीफ हुई। इस पर उन्होंने वाहन चालक से कहा। वाहन चालक ने उन्हें कमरे में ही बैठा दिया। इसके बाद वह बेहोश होने लगे तो चालक उन्हें लेकर जिला चिकित्सालय पहुंचा।
वहां डॉक्टर ने मोहम्मद फारुख को मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पीलीभीत से उनकी पत्नी फरहद फारुख, पुत्र सहद फारुख और अशफान फारुख भी जिला अस्पताल पहुंचे। डीएम पुलकित खरे, जिला विकास अधिकारी राजितराम मिश्रा भी अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने बीडीओ के परिजनों को ढांढस बंधाया। मृतक की पत्नी फरहद फारुख ने कहा कि जनपद में तैनाती के दौरान अवकाश नहीं मिल पा रहा था इसको लेकर मोहम्मद थोड़ा परेशान थे। रिश्तेदारों ने कहा कि जो होना था सो हो गया, अब क्या कहें।
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एक मार्च को आए थे
मोहम्मद फारुख एक मार्च 2019 को रामपुर से स्थानांतरित होकर हरदोई आए थे। इन दिनों उनकी मूल तैनाती हरियावां के खंड विकास अधिकारी के पद पर थी, जबकि सुरसा का अतिरिक्त कार्यभार भी उनके पास था। जनपद में तैनाती के दौरान वह भरावन और संडीला के भी खंड विकास अधिकारी के रूप में कार्य कर चुके थे।
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पीलीभीत के शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला अशरफ खां 15 निवासी मोहम्मद फारुख (58) जिले में हरियावां ब्लाक के बीडीओ थे। वह शहर के मोहल्ला सुभाषनगर में किराये पर रहते थे। बुधवार सुबह 10 बजे वह ब्लाक कार्यालय जाने के लिए तैयार हुए, तभी उन्हेें सांस लेने में तकलीफ हुई। इस पर उन्होंने वाहन चालक से कहा। वाहन चालक ने उन्हें कमरे में ही बैठा दिया। इसके बाद वह बेहोश होने लगे तो चालक उन्हें लेकर जिला चिकित्सालय पहुंचा।
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वहां डॉक्टर ने मोहम्मद फारुख को मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पीलीभीत से उनकी पत्नी फरहद फारुख, पुत्र सहद फारुख और अशफान फारुख भी जिला अस्पताल पहुंचे। डीएम पुलकित खरे, जिला विकास अधिकारी राजितराम मिश्रा भी अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने बीडीओ के परिजनों को ढांढस बंधाया। मृतक की पत्नी फरहद फारुख ने कहा कि जनपद में तैनाती के दौरान अवकाश नहीं मिल पा रहा था इसको लेकर मोहम्मद थोड़ा परेशान थे। रिश्तेदारों ने कहा कि जो होना था सो हो गया, अब क्या कहें।
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एक मार्च को आए थे
मोहम्मद फारुख एक मार्च 2019 को रामपुर से स्थानांतरित होकर हरदोई आए थे। इन दिनों उनकी मूल तैनाती हरियावां के खंड विकास अधिकारी के पद पर थी, जबकि सुरसा का अतिरिक्त कार्यभार भी उनके पास था। जनपद में तैनाती के दौरान वह भरावन और संडीला के भी खंड विकास अधिकारी के रूप में कार्य कर चुके थे।