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करोड़ों खर्च फिर भी न मिल सकी शहर को अमृत धारा !
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हरदोई। तय सीमा बीत जाने के बाद भी शहर में अमृत योजना के तहत पेयजल आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है। योजना के तहत शहर में आठ जोन बनाए गए थे।
जिनमें से सिर्फ एक जोन में ही पेयजल आपूर्ति शुरू हो पाई है। शेष सात जोन में आने वाले शहर के लगभग 85 फीसदी हिस्सों में अभी भी अमृत धारा शुरू होने का इंतजार है।
वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में अमृत योजना का शुभारंभ किया था। योजना के प्रथम चरण में देश भर से 500 सौ शहरों को शामिल किया गया।
इसमें हरदोई भी शामिल था। योजना के तहत पेयजल के साथ सीवर आदि सहित तमाम विकास कार्य कराए जाने थे। आलम ये है कि प्रथम चरण में चयनित हुए हरदोई में पेयजल की धारा घरों तक नहीं पहुंच सकी है।
शहर में अमृत योजना के तहत घर-घर शुद्ध पेयजल वाटर लाइन से पहुंचाने के लिए शहर को आठ जोन में बांटा गया था। इन जोन के माध्यम से शहर के सभी 26 वार्डों के करीब 27 हजार घरों तक वाटर लाइन के माध्यम से पानी पहुंचाने की कार्ययोजना 2016 में नगर पालिका एवं कार्यदायी संस्था जलनिगम ने बनाई।
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सभी जोन में पानी की टंकी का निर्माण व नलकूप आदि बनाने के साथ ही वहां से वाटर लाइन डालने का कार्य मार्च 2019 तक पूरा किया जाना था। इसके बाद हर घर में पेयजल कनेक्शन कार्यदायी संस्था को करने थे।
यह कार्य समय से पूरा नहीं हो का। केवल एक जोन में काम पूरा हुआ, तो वहां पर पेयजल आपूर्ति शुरू करने के साथ ही अन्य जोन का कार्य हर हाल में मार्च 2021 तक पूरा करके का लक्ष्य फिर से रखा गया। मार्च 2021 की बात कौन करें तो मार्च 2022 बीतने को है और शहर में सिर्फ जोन एक में पेयजल आपूर्ति शुरू हो सकी है।
बढ़ रही प्यास, टूट रही आस
कहां तो तय था चिरागां हरेक घर के लिए, कहां चिराग मयस्सर नहीं शहर के लिए, दुष्यंत कुमार की यह पंक्तियां अमृत योजना को आईना दिखा रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट अटल मिशन फार रेजूृवेशन एंड ट्रांसफारमेशन ‘अमृत योजना’ का उद्देश्य घर-घर तक शुद्ध पेयजल की उपलब्धता कराना है। योजना के प्रथम चरण में शामिल हरदोई शहर में करोड़ों की धनराशि खर्च होने के बाद भी घरों तक पानी नहीं पहुंच सका है। पिछले वर्षों की तरह इस साल भी गर्मी के मौसम तक लोगों को घरों तक पानी आने की उम्मीद थी मगर जिम्मेदारों की बेपरवाही इन उम्मीदों को तोड़ रही है।
किया गया खेल, टेस्टिंग में वाटर लाइन फेल
नियमानुसार कार्यदायी संस्था को वाटर लाइन एवं कनेक्शन देने का कार्य पूरा करने के बाद पेयजल आपूर्ति सुचारु करके इन सभी जोन का प्रबंधन नगर पालिका का हैंडओवर करना है। नगर पालिका के जलकल पटल प्रभारी कमल मिश्रा ने बताया कि जोन एक की वाटर लाइनों के सही होने से वहां पर पेयजल की आपूर्ति हो रही है। अन्य जोन में वाटर सप्लाई टेस्टिंग के दौरान लाइनों में लीकेज के कारण सप्लाई फेल हो गई थी।
बोले जिम्मेदार
पिछले वर्ष जल निगम के दो जोन हो गए हैं। अब उनके यहां सिर्फ ग्रामीण क्षेत्रों की मानीटरिंग का कार्य रह गया है। एक्सईन एके त्रिपाठी के स्थान पर लखनऊ स्थित शहरी जोन के एक्सईन के पास नगरीय क्षेत्रों का कार्य प्रभार है। - नवनीत सिंह, सहायक अभियंता जल निगम
कार्यदायी संस्था को इस संबंध में कई बार स्मरण कराया जा चुका है । जल्द से जल्द सभी जोन में अमृत योजना की वाटर लाइन शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा। - सुखसागर मिश्रा मधुर चेयरमैन, नगर पालिका
बोले भाजपा सांसद
भाजपा सांसद जय प्रकाश ने कहा कि वो इसकी जानकारी करेंगे कि किन कारणों से वाटर लाइन शुरू नहीं हो पा रही है। अफसरों से बात कर समस्या का समाधान कराएंगे।
कार्रवाई के लिए शासन को लिखेंगे पत्र
पूर्व मंत्री सदर विधायक नितिन अग्रवाल ने बताया कि सभी जोन में पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित कराने का प्रयास करेंगे। अगर कहीं कोई गड़बड़ी हुई है, जिसके कारण वाटर लाइन शुरू नहीं हो पा रही है तो कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखेंगे। शहर को आदर्श शहर बनाना ही उनकी प्राथमिकता रही है। कहीं भी किसी प्रकार की समस्या नहीं होने दी जाएगी।
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जिनमें से सिर्फ एक जोन में ही पेयजल आपूर्ति शुरू हो पाई है। शेष सात जोन में आने वाले शहर के लगभग 85 फीसदी हिस्सों में अभी भी अमृत धारा शुरू होने का इंतजार है।
वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में अमृत योजना का शुभारंभ किया था। योजना के प्रथम चरण में देश भर से 500 सौ शहरों को शामिल किया गया।
इसमें हरदोई भी शामिल था। योजना के तहत पेयजल के साथ सीवर आदि सहित तमाम विकास कार्य कराए जाने थे। आलम ये है कि प्रथम चरण में चयनित हुए हरदोई में पेयजल की धारा घरों तक नहीं पहुंच सकी है।
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शहर में अमृत योजना के तहत घर-घर शुद्ध पेयजल वाटर लाइन से पहुंचाने के लिए शहर को आठ जोन में बांटा गया था। इन जोन के माध्यम से शहर के सभी 26 वार्डों के करीब 27 हजार घरों तक वाटर लाइन के माध्यम से पानी पहुंचाने की कार्ययोजना 2016 में नगर पालिका एवं कार्यदायी संस्था जलनिगम ने बनाई।
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सभी जोन में पानी की टंकी का निर्माण व नलकूप आदि बनाने के साथ ही वहां से वाटर लाइन डालने का कार्य मार्च 2019 तक पूरा किया जाना था। इसके बाद हर घर में पेयजल कनेक्शन कार्यदायी संस्था को करने थे।
यह कार्य समय से पूरा नहीं हो का। केवल एक जोन में काम पूरा हुआ, तो वहां पर पेयजल आपूर्ति शुरू करने के साथ ही अन्य जोन का कार्य हर हाल में मार्च 2021 तक पूरा करके का लक्ष्य फिर से रखा गया। मार्च 2021 की बात कौन करें तो मार्च 2022 बीतने को है और शहर में सिर्फ जोन एक में पेयजल आपूर्ति शुरू हो सकी है।
बढ़ रही प्यास, टूट रही आस
कहां तो तय था चिरागां हरेक घर के लिए, कहां चिराग मयस्सर नहीं शहर के लिए, दुष्यंत कुमार की यह पंक्तियां अमृत योजना को आईना दिखा रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट अटल मिशन फार रेजूृवेशन एंड ट्रांसफारमेशन ‘अमृत योजना’ का उद्देश्य घर-घर तक शुद्ध पेयजल की उपलब्धता कराना है। योजना के प्रथम चरण में शामिल हरदोई शहर में करोड़ों की धनराशि खर्च होने के बाद भी घरों तक पानी नहीं पहुंच सका है। पिछले वर्षों की तरह इस साल भी गर्मी के मौसम तक लोगों को घरों तक पानी आने की उम्मीद थी मगर जिम्मेदारों की बेपरवाही इन उम्मीदों को तोड़ रही है।
किया गया खेल, टेस्टिंग में वाटर लाइन फेल
नियमानुसार कार्यदायी संस्था को वाटर लाइन एवं कनेक्शन देने का कार्य पूरा करने के बाद पेयजल आपूर्ति सुचारु करके इन सभी जोन का प्रबंधन नगर पालिका का हैंडओवर करना है। नगर पालिका के जलकल पटल प्रभारी कमल मिश्रा ने बताया कि जोन एक की वाटर लाइनों के सही होने से वहां पर पेयजल की आपूर्ति हो रही है। अन्य जोन में वाटर सप्लाई टेस्टिंग के दौरान लाइनों में लीकेज के कारण सप्लाई फेल हो गई थी।
बोले जिम्मेदार
पिछले वर्ष जल निगम के दो जोन हो गए हैं। अब उनके यहां सिर्फ ग्रामीण क्षेत्रों की मानीटरिंग का कार्य रह गया है। एक्सईन एके त्रिपाठी के स्थान पर लखनऊ स्थित शहरी जोन के एक्सईन के पास नगरीय क्षेत्रों का कार्य प्रभार है। - नवनीत सिंह, सहायक अभियंता जल निगम
कार्यदायी संस्था को इस संबंध में कई बार स्मरण कराया जा चुका है । जल्द से जल्द सभी जोन में अमृत योजना की वाटर लाइन शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा। - सुखसागर मिश्रा मधुर चेयरमैन, नगर पालिका
बोले भाजपा सांसद
भाजपा सांसद जय प्रकाश ने कहा कि वो इसकी जानकारी करेंगे कि किन कारणों से वाटर लाइन शुरू नहीं हो पा रही है। अफसरों से बात कर समस्या का समाधान कराएंगे।
कार्रवाई के लिए शासन को लिखेंगे पत्र
पूर्व मंत्री सदर विधायक नितिन अग्रवाल ने बताया कि सभी जोन में पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित कराने का प्रयास करेंगे। अगर कहीं कोई गड़बड़ी हुई है, जिसके कारण वाटर लाइन शुरू नहीं हो पा रही है तो कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखेंगे। शहर को आदर्श शहर बनाना ही उनकी प्राथमिकता रही है। कहीं भी किसी प्रकार की समस्या नहीं होने दी जाएगी।