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हरदोई में में खुशियां बांटने आया हूं - रामनाईक
अमर उजाला ब्यूरो, हरदोई
Updated Sun, 02 Oct 2016 11:50 PM IST
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शहीद के भाई को सम्मानित करते राज्यपाल रामनाईक व साथ में संासद अंशुल वर्मा व सांसद अंजू बाला
- फोटो : अमर उजाला
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हरदोई। राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि आप और हम चेतना मंच ने देश को जागृत करने वाले महात्मा गांधी की जयंती पर शहीदों के परिजनों को सम्मानित करने का जो काम किया है उससे मुझे प्रसन्नता है। खुशियां बांटने से बढ़ती हैं और दुख बांटने से कम होते हैं। मैं भी हरदोई में खुशियां बांटने ही आया हूं। वह रविवार को गांधी भवन में शहीदों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे।
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गांधी भवन में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के बाद राज्यपाल ने शहीदों और सेनानियों के परिजनों को सम्मानित किया। इसके बाद उन्होंने अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि मैं पहली बार हरदोई नहीं आया हूं। पिछली बार 2015 में आया था, तब से अब बहुत बदलाव आया है। भीड़ बता रही है यहां के लोगों में नई चेतना है। महात्मा गांधी ने भी स्वतंत्रता आंदोलन में लोगों में चेतना लाने का ही काम किया था।
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लालबहादुर शास्त्री को छोटी मूर्ति की संज्ञा देते हुए राज्यपाल ने कहा कि 1962 के युद्ध के समय देश में अनाज का संकट था, तब शास्त्रीजी ने जय जवान, जय किसान का नारा देकर लोगों को जागृत किया था। कारगिल युद्ध के बाद देश के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने पोखरण में परमाणु परीक्षण कराकर देश को नई ताकत दी। वाजपेयी ने जय जवान, जय किसान में जय विज्ञान का नारा जोड़ा।
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राज्यपाल ने कहा कि पाकिस्तान ने कायराना तरीके के हमारे सोते हुए जवानों पर हमला किया। हमारे सैनिकों ने इसका मुंहतोड़ जवाब दिया और सीमा पार जाकर 50 आतंकियों को मार गिराया। कार्यक्रम में आज आप और हम चेतना मंच के अध्यक्ष सर्वाधार सिंह, संयोजक कमलेश पाठक, माघवेंद्र प्रताप सिंह रानू, अजीत सिंह बब्बन, अक्षत मिश्रा, सुनील शुक्ला आदि मौजूद रहे। संचालन महेश मिश्रा ने किया।
आप और हम चेतना मंच और भाजपा सांसद अंशुल के प्रयास से 34 गांवों को शहीद के गांव का दर्जा दिया गया। इस संबंध में संवैधानिक प्रक्रिया पूरी करने के लिए भाजपा सांसद ने एक ज्ञापन भी राज्यपाल के माध्यम से प्रदेश और केंद्र सरकार को भेजा है।
राज्यपाल ने लेफ्टीनेेंट कर्नल हर्ष उदय सिंह के गांवनीर, सैनिक वंशीलाल के अलियापुर, नायब आबिद खां के नगर पाली, सैनिक मुन्नू सिंह के बधइचा, सैनिक रणवीर सिंह के जोगीपुर, सैनिक बैजनाथ के अचनकापुर, सैनिक सीताराम के ग्राम शेखापुर, सैनिक रामचंद्र के गढेपुर, सैनि राजबहादुर के खितौली, सैनिक रामाधार के ग्राम सूरापुर, सैनिक रघुनाथ सिंह के भैसरी, सैनिक राजेंद्र सिंह के गौरिया, सैनिक गंगा प्रसाद के शाहाबाद, सैनिक पहलवान सिंह के बदुआ, धर्मपाल सिंह के औहदपुर, सैनिक रामनरेश सिंह के हरैया, सैनिक जयदेव सिंह के शाहबुद्दीनपुर, सैनिक सुदर्शन सिंह के मतीपुर, सैनिक राम नारायन सिंह के घोरलिया, सैनिक रामचरन के शाहपुरगंगा, सैनिक जगपाल सिंह के तिमिरपुर, सैनिक मूलचंद्र के सुगवा, सैनिक मोहम्मदछीन के मलौथा, नायब मुनेश्वर दयाल के सुमई, सैनिक मुनेश्वर सिंह के कपूरपुर, सैनिक शिवरतन सिंह के पतौरा, सैनिक जयराम के मयौरा, सैनिक रणवीर सिंह के छिबरामऊ, सैनिक अवधेश सिंह के ननखेरिया, सैनिक वासुदेव के क्योटी, सैनिक अमर सिंह के सापखेड़ा के अलावा सैनिक भगवान शरण, नायक राज विजेंद्र व हवलदार मानकुमार को शहीद गांव के दर्जा के शिलापट का लोकार्पण भी किया।
इन शहीद के परिजनों के अलावा सांसद ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भोला सिंह, महादेव प्रसाद शुक्ला, राम भरोसे आर्य को सम्मानित भी किया गया। शहीदों के गांवों में सांसद अंशुल वर्मा और अंजू बाला अपनी निधि से एक-एक हैंडपंप के साथ एक सोलर या हाईमास्ट लाइट लगवाएंगी।