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हरदोईः बालक का अपहरण कर हत्या करने में दो को आजीवन कारावास
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हरदोई। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एसटीसी 14वें वित्त आयोग के जज लोकेश नागर ने पांच वर्ष के बच्चे का अपहरण कर हत्या करने के मामले में दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
इसके साथ ही 54-54 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। सजा सुनाए जाने के बाद दोषियों को पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। अर्थदंड की राशि न जमा करने पर दोषियों को एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
कासिमपुर थाना क्षेत्र के कोडरी गांव निवासी चंद्र किशोर ने सात फरवरी 2016 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि बेटा प्रवीण (5) घर के दरवाजे पर खेल रहा था।
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दोपहर तीन बजे से गायब हो गया। परिजन ने उसकी खोजबीन की लेकिन पता नहीं चला। शाम करीब छह बजे पड़ोसी बच्चा लाल के फोन पर अज्ञात नंबर से किसी व्यक्ति ने फोन किया कि दो लाख रुपये लखनऊ आकर दो, तो बेटा मिलेगा।
पता पूछने पर कहा कि रुपये का इंतजाम करो नहीं तो प्रवीण को जान से मार डालेंगे। तहरीर के आधार पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। विवेचना के दौरान गांव निवासी प्रदीप उर्फ सोनू, टरकू उर्फ चंद्रशेखर का नाम सामने आया।
पुलिस ने दोनों के खिलाफ चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की थी। इसकी सुनवाई यहां न्यायालय में चल रही थी। अभियोजन पक्ष से पैरवी कर रहे प्रमेंद्र कुमार सिंह ने कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपहरण कर बच्चे की हत्या में दोनों को दोषी करार दिया। इसके बाद अपना फैसला सुनाया।
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इसके साथ ही 54-54 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। सजा सुनाए जाने के बाद दोषियों को पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। अर्थदंड की राशि न जमा करने पर दोषियों को एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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कासिमपुर थाना क्षेत्र के कोडरी गांव निवासी चंद्र किशोर ने सात फरवरी 2016 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि बेटा प्रवीण (5) घर के दरवाजे पर खेल रहा था।
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दोपहर तीन बजे से गायब हो गया। परिजन ने उसकी खोजबीन की लेकिन पता नहीं चला। शाम करीब छह बजे पड़ोसी बच्चा लाल के फोन पर अज्ञात नंबर से किसी व्यक्ति ने फोन किया कि दो लाख रुपये लखनऊ आकर दो, तो बेटा मिलेगा।
पता पूछने पर कहा कि रुपये का इंतजाम करो नहीं तो प्रवीण को जान से मार डालेंगे। तहरीर के आधार पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। विवेचना के दौरान गांव निवासी प्रदीप उर्फ सोनू, टरकू उर्फ चंद्रशेखर का नाम सामने आया।
पुलिस ने दोनों के खिलाफ चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की थी। इसकी सुनवाई यहां न्यायालय में चल रही थी। अभियोजन पक्ष से पैरवी कर रहे प्रमेंद्र कुमार सिंह ने कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपहरण कर बच्चे की हत्या में दोनों को दोषी करार दिया। इसके बाद अपना फैसला सुनाया।