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हरदोईः गोल्डन कार्ड : ऑपरेशन से प्रसव पर रोक
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हरदोई। आयुष्मान कार्ड के जरिये अब ऑपरेशन से प्रसव नहीं हो सकेंगे। इस पर रोक लगा दी गई हैृ। यह आदेश जारी होने के बाद निजी अस्पताल संचालकों ने गर्भवतियों के ऑपरेशन से प्रसव कराने से हाथ खड़े कर दिए हैं।
प्रदेश में निजी अस्पतालों ने गर्भवतियों के सामान्य प्रसव को ऑपरेशन दिखाकर हजारों रुपये हड़प लिए। इसके चलते योजना का संचालन करने वाली स्टेट एजेंसी फॉर कंप्रेसिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विस (साजीज) ने ऑपरेशन के भुगतान पर रोक लगा दी है।
योजना से संबद्ध जिले में 19 निजी अस्पताल संचालित हैं। सूत्रों की मानें तो मनमानी करने वाले कई अस्पताल संचालकों पर स्वास्थ्य विभाग शिकंजा कसने की तैयारी में है।
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जिले में 5.53 लाख आयुष्मान कार्ड लाभार्थी हैं। कार्ड धारक महिलाएं निजी अस्पतालों में ऑपरेशन से प्रसव करा सके। इसके लिए सरकार ने व्यवस्था की थी, लेकिन निजी अस्पतालों के खेल का खुलासा होने के बाद यह फैसला लिया गया है। इसके बाद अब जिला महिला अस्पताल और 18 सीएचसी पर प्रसव के लिए मरीजों की भीड़ बढ़ेगी।
इस संबंध में साजीज लखनऊ के जनरल मैनेजर डॉ. बीके पाठक ने निजी अस्पतालों को आदेश जारी कर ऑपरेशन से प्रसव पर होने वाले खर्च को आयुष्मान कार्ड से हटा दिया है।
इन ऑपरेशन में करते थे अच्छी कमाई
आयुष्मान कार्ड से ऑपरेशन से प्रसव के साथ ही मास्टेक्टॉमी (बच्चेदानी के ऑपरेशन) की सुविधा बंद कर दी गई है। सूत्र बताते हैं कि निजी अस्पताल संचालक इन्हीं दो सुविधाओं से अच्छी कमाई करते थे। ऑपरेशन से प्रसव पर एक केस में निजी अस्पताल 20 से 25 हजार तक और बच्चेदानी के ऑपरेशन में लगभग 25 हजार के आसपास तक खर्च क्लेम करते हैं।
वर्जन
आयुष्मान कार्डधारक गर्भवती महिलाएं जिला अस्पताल और सीएचसी से ऑपरेशन से प्रसव का लाभ ले सकती हैं। निजी अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड के तहत इसकी सुविधा बंद कर दी गई है। सीएचसी अधीक्षकों को आयुष्मान के तहत मिलने वाली सुविधाएं मरीजों को मुहैया कराने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। - डॉ. राकेश तिवारी, सीएमओ
कुल कार्ड धारक: 5 लाख 53 हजार 143
सरकारी अस्पताल में लिया लाभ : 16 हजार 465
निजी अस्पताल में कराया इलाज : 12 हजार 191
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प्रदेश में निजी अस्पतालों ने गर्भवतियों के सामान्य प्रसव को ऑपरेशन दिखाकर हजारों रुपये हड़प लिए। इसके चलते योजना का संचालन करने वाली स्टेट एजेंसी फॉर कंप्रेसिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विस (साजीज) ने ऑपरेशन के भुगतान पर रोक लगा दी है।
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योजना से संबद्ध जिले में 19 निजी अस्पताल संचालित हैं। सूत्रों की मानें तो मनमानी करने वाले कई अस्पताल संचालकों पर स्वास्थ्य विभाग शिकंजा कसने की तैयारी में है।
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जिले में 5.53 लाख आयुष्मान कार्ड लाभार्थी हैं। कार्ड धारक महिलाएं निजी अस्पतालों में ऑपरेशन से प्रसव करा सके। इसके लिए सरकार ने व्यवस्था की थी, लेकिन निजी अस्पतालों के खेल का खुलासा होने के बाद यह फैसला लिया गया है। इसके बाद अब जिला महिला अस्पताल और 18 सीएचसी पर प्रसव के लिए मरीजों की भीड़ बढ़ेगी।
इस संबंध में साजीज लखनऊ के जनरल मैनेजर डॉ. बीके पाठक ने निजी अस्पतालों को आदेश जारी कर ऑपरेशन से प्रसव पर होने वाले खर्च को आयुष्मान कार्ड से हटा दिया है।
इन ऑपरेशन में करते थे अच्छी कमाई
आयुष्मान कार्ड से ऑपरेशन से प्रसव के साथ ही मास्टेक्टॉमी (बच्चेदानी के ऑपरेशन) की सुविधा बंद कर दी गई है। सूत्र बताते हैं कि निजी अस्पताल संचालक इन्हीं दो सुविधाओं से अच्छी कमाई करते थे। ऑपरेशन से प्रसव पर एक केस में निजी अस्पताल 20 से 25 हजार तक और बच्चेदानी के ऑपरेशन में लगभग 25 हजार के आसपास तक खर्च क्लेम करते हैं।
वर्जन
आयुष्मान कार्डधारक गर्भवती महिलाएं जिला अस्पताल और सीएचसी से ऑपरेशन से प्रसव का लाभ ले सकती हैं। निजी अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड के तहत इसकी सुविधा बंद कर दी गई है। सीएचसी अधीक्षकों को आयुष्मान के तहत मिलने वाली सुविधाएं मरीजों को मुहैया कराने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। - डॉ. राकेश तिवारी, सीएमओ
कुल कार्ड धारक: 5 लाख 53 हजार 143
सरकारी अस्पताल में लिया लाभ : 16 हजार 465
निजी अस्पताल में कराया इलाज : 12 हजार 191