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हरदोईः ओपीडी में नहीं पहुंचे डॉक्टर, परेशान रहे मरीज
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फोटो-01- जिला चिकित्सालय की ओपीडी में सर्जन कक्ष में खाली पड़ी चिकित्सक की कुर्सी
- फोटो : HARDOI
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हरदोई। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में ओपीडी सेवाएं पटरी से उतर रही हैं। अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को घंटों इंतजार के बाद उपचार मिल पा रहा है।
बुधवार सुबह पर्चा काउंटर पर डॉक्टरों के कमरों के बाहर मरीजों की भीड़ थी। ओपीडी में डॉक्टर नहीं पहुंचे। डॉक्टरों के इंतजार में मरीज परेशान रहे।
जिला अस्पताल की ओपीडी में इन दिनों मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ओपीडी में डॉक्टर के बैठने का समय सुबह आठ से दो बजे तक है। बुधवार सुबह अस्पताल में सुबह साढ़े सात बजे से मरीज आने शुरू हो गए थे।
आठ बजे काउंटर खुलते ही मरीजों ने लाइन में लगकर पर्चे बनवाए। इसके बाद डॉक्टरों के इंतजार में बैठ गए। आठ बजकर 45 मिनट तक करीब 200 पर्चे बने लेकिन ओपीडी में एक भी डॉक्टर अपने कक्ष में नहीं पहुंचा। कक्षों के बाहर लाइन में लगे मरीज परेशान होते रहे। नौ बजे के बाद आए डॉक्टरों ने मरीजों को देखना शुरू किया।
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वर्जन
जिला अस्पताल की ओपीडी में सभी डॉक्टर निर्धारित समय से पहुंचकर मरीजों को समुचित परामर्श दे रहे हैं। जल्द ही डॉक्टरों को नए दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। इसके बाद यदि डॉक्टर समय से नहीं पहुंचेंगे, तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. वाणी गुप्ता, मेडिकल कॉलेज प्राचार्य
सीन-1
ईएनटी कक्ष : समय - सुबह 8 :15 बजे
ईएनटी कक्ष में वैसे तो दिन कई डॉक्टर बैठे रहते हैं। गुरुवार सुबह कोई डॉक्टर नहीं पहुंचा। पर्चा बनवाने के बाद कक्ष के बाहर डॉक्टरों के इंतजार में 30-40 मरीज बैठे थे। पूछने पर कई मरीजों ने बताया कि सुबह साढ़े सात बजे अस्पताल आ गए थे। काउंटर खुलने के बाद पर्चा बनवाकर आ गए, लेकिन डॉक्टर अभी तक नहीं आए। नौ बजे के बाद आए एक डॉक्टर ने परामर्श देना शुरू किया।
सीन-2
मेडिसिन विभाग : समय सुबह 8:30
मेडिसिन विभाग मेें इन दिनों सर्वाधिक मरीज आ रहे हैं। यहां पर तीन से चार डॉक्टर बैठते हैं। गुरुवार सुबह साढ़े आठ बजे तक कोई डॉक्टर कमरे में नहीं पहुंचा था। इस दौरान कमरे के बाहर लाइन में लगे मरीज डॉक्टर के आने का इंतजार कर रहे थे। वहीं, जमीन पर बैठीं देेेहात कोतवाली के नयागांव निवासी शकीना (65) ने बताया कि उन्हें बुखार आ रहा है। आधा घंटे से बैठी हूं, अभी तक डॉक्टर नहीं आए। शकीना का दर्द तो सिर्फ बानगी है। लाइन में लगे ऐसे करीब 100 मरीज परेशान दिखे।
सीन-3
सर्जन कक्ष समय: सुबह 8:45
यहां सुबह आठ बजे से मरीजों की भीड़ थी। डॉक्टर की कुर्सी खाली थी। मरीज जमीन और बेंचों पर बैठे-बैठे थक गए। सांडी के सखेड़ा गांव निवासी सर्वेश ने बताया कि उनके पेट में दर्द हो रहा है। वह काफी देर से डॉक्टर का इंतजार कर रहे हैं। अभी तक डॉक्टर नहीं आए हैं। वह इतना कहकर निजी अस्पताल में डॉक्टर को दिखाने की बात कहकर चले गए। इसी तरह लोनार के औहदपुर निवासी सोनेलाल भी सुबह आठ बजे से पर्चा बनवा कर बैठे दिखे। उन्होंने कहा कि 25 किलोमीटर दूर से आए हैं, मजबूरी है जब डॉक्टर आएंगे तब दवा लेकर जाएंगे।
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बुधवार सुबह पर्चा काउंटर पर डॉक्टरों के कमरों के बाहर मरीजों की भीड़ थी। ओपीडी में डॉक्टर नहीं पहुंचे। डॉक्टरों के इंतजार में मरीज परेशान रहे।
जिला अस्पताल की ओपीडी में इन दिनों मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ओपीडी में डॉक्टर के बैठने का समय सुबह आठ से दो बजे तक है। बुधवार सुबह अस्पताल में सुबह साढ़े सात बजे से मरीज आने शुरू हो गए थे।
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आठ बजे काउंटर खुलते ही मरीजों ने लाइन में लगकर पर्चे बनवाए। इसके बाद डॉक्टरों के इंतजार में बैठ गए। आठ बजकर 45 मिनट तक करीब 200 पर्चे बने लेकिन ओपीडी में एक भी डॉक्टर अपने कक्ष में नहीं पहुंचा। कक्षों के बाहर लाइन में लगे मरीज परेशान होते रहे। नौ बजे के बाद आए डॉक्टरों ने मरीजों को देखना शुरू किया।
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जिला अस्पताल की ओपीडी में सभी डॉक्टर निर्धारित समय से पहुंचकर मरीजों को समुचित परामर्श दे रहे हैं। जल्द ही डॉक्टरों को नए दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। इसके बाद यदि डॉक्टर समय से नहीं पहुंचेंगे, तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. वाणी गुप्ता, मेडिकल कॉलेज प्राचार्य
सीन-1
ईएनटी कक्ष : समय - सुबह 8 :15 बजे
ईएनटी कक्ष में वैसे तो दिन कई डॉक्टर बैठे रहते हैं। गुरुवार सुबह कोई डॉक्टर नहीं पहुंचा। पर्चा बनवाने के बाद कक्ष के बाहर डॉक्टरों के इंतजार में 30-40 मरीज बैठे थे। पूछने पर कई मरीजों ने बताया कि सुबह साढ़े सात बजे अस्पताल आ गए थे। काउंटर खुलने के बाद पर्चा बनवाकर आ गए, लेकिन डॉक्टर अभी तक नहीं आए। नौ बजे के बाद आए एक डॉक्टर ने परामर्श देना शुरू किया।
सीन-2
मेडिसिन विभाग : समय सुबह 8:30
मेडिसिन विभाग मेें इन दिनों सर्वाधिक मरीज आ रहे हैं। यहां पर तीन से चार डॉक्टर बैठते हैं। गुरुवार सुबह साढ़े आठ बजे तक कोई डॉक्टर कमरे में नहीं पहुंचा था। इस दौरान कमरे के बाहर लाइन में लगे मरीज डॉक्टर के आने का इंतजार कर रहे थे। वहीं, जमीन पर बैठीं देेेहात कोतवाली के नयागांव निवासी शकीना (65) ने बताया कि उन्हें बुखार आ रहा है। आधा घंटे से बैठी हूं, अभी तक डॉक्टर नहीं आए। शकीना का दर्द तो सिर्फ बानगी है। लाइन में लगे ऐसे करीब 100 मरीज परेशान दिखे।
सीन-3
सर्जन कक्ष समय: सुबह 8:45
यहां सुबह आठ बजे से मरीजों की भीड़ थी। डॉक्टर की कुर्सी खाली थी। मरीज जमीन और बेंचों पर बैठे-बैठे थक गए। सांडी के सखेड़ा गांव निवासी सर्वेश ने बताया कि उनके पेट में दर्द हो रहा है। वह काफी देर से डॉक्टर का इंतजार कर रहे हैं। अभी तक डॉक्टर नहीं आए हैं। वह इतना कहकर निजी अस्पताल में डॉक्टर को दिखाने की बात कहकर चले गए। इसी तरह लोनार के औहदपुर निवासी सोनेलाल भी सुबह आठ बजे से पर्चा बनवा कर बैठे दिखे। उन्होंने कहा कि 25 किलोमीटर दूर से आए हैं, मजबूरी है जब डॉक्टर आएंगे तब दवा लेकर जाएंगे।

फोटो-02- मेडिसिन विभाग में खाली पड़ी चिकित्सकों की कुर्सियां- फोटो : HARDOI

फोटो-03- चिकित्सक कक्ष के बाहर परेशान बैठे मरीज- फोटो : HARDOI