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हरदोईः टूटी खिड़कियां, परिसर में जलभराव, खून चूस रहे मच्छर

Sun, 18 Sep 2022 11:36 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 18 Sep 2022 11:36 PM IST
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Hardoi, Broken windows, waterlogging in the premises, mosquitoes sucking blood
फोटो-06- राजकीय छात्रावास। संवाद - फोटो : HARDOI
हरदोई। अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए मन्नापुरवा में बने राजकीय छात्रावास की खिड़कियां 10 वर्ष से टूटी पड़ी हैं। परिसर में जलभराव है इसमें मच्छर पनप रहे हैं।
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जो यहां रहने वाले छात्रों का खून चूस रहे हैं। ऐसे में उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। अधिकारियों ने कई बार निरीक्षण किया और खिड़कियों में जाली और शीशे लगवाने के साथ ही परिसर को साफ कराने की बात कही लेकिन निर्देशों पर अमल नहीं हो सका। इसका परिणाम छात्रावास में रहने वाले 40 विद्यार्थी भुगत रहे हैं।
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राजकीय छात्रावास का मौजूदा भवन 1982 में शुरू हुआ था। 10 वर्ष से इस भवन की मरम्मत नहीं हुई। रंगाई-पुताई भी नहीं कराई गई। जिला समाज कल्याण विभाग के अधीन छात्रावास संचालित हो रहा है।
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जिला समाज कल्याण अधिकारी समय-समय पर छात्रावास का निरीक्षण करती हैं। छात्रावास में रहने वालों ने बताया कि मच्छर काटने से कई विद्यार्थी मलेरिया पीड़ित हो चुके हैं।
इन दिनों विद्यार्थियों को वायरल फीवर भी आ रहा है। इसके बाद भी परिसर की सफाई नहीं हुई और न ही मच्छरों से राहत नहीं मिल पाई। विद्यार्थी योगेश कुमार व निखिल राज ने बताया कि दो वर्ष से अधिकतर खिड़कियां टूटी पड़ी हैं।
कोट-
छात्रावास की मरम्मत और परिसर को सजाने संवारने के लिए 89 लाख रुपये का इस्टीमेट समाज कल्याण निर्माण निगम के अभियंताओं ने तैयार किया है। अगर धनराशि मंजूर हो जाती है तो छात्रावास की तस्वीर बदल जाएगी। - ऐश्वर्य सिंह, छात्रावास अधीक्षक
लाइब्रेरी पहले थी अब नहीं है
विद्यार्थियों ने बताया कि छात्रावास 1982 से पहले जब पुराने परिसर में था तब लाइब्रेरी थी। कुछ किताबें भी थीं। वाचनालय भी बना था। रोजाना अखबार भी आते थे लेकिन अब न तो अखबार आ रहा है और न ही किताबें मंगाकर लाइब्रेरी का संचालन किया गया है। इसलिए दिक्कत आ रही है।

किचन के लिए स्लैब नहीं, गैलरी बनी साइकिल स्डैंट
छात्रावास में किचन नहीं होने से छात्रावास में विद्यार्थी अपने कक्ष में ही जमीन पर बैठकर भोजन पकाते हैं। बर्तन धोने के लिए बाथरूम का प्रयोग करते हैं। छात्रावास का परिसर साइकिल स्टैंड बना हैं। विद्यार्थियों ने बताया कि समाज कल्याण अधिकारी के सामने स्टैंड बनाने की मांग की थी, आश्वासन भी मिला लेकिन अभी तक स्टैंड नहीं बन सका। मजबूरी में गैलरी में साइकिलें खड़ी करनी पड़ रही हैं।

फोटो-07- राजकीय छात्रावास में इस तरह से टूटी हुई हैं खिड़कियां

फोटो-07- राजकीय छात्रावास में इस तरह से टूटी हुई हैं खिड़कियां- फोटो : HARDOI

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