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राजघाट चौराहा बचाने को सिंचाई विभाग ने शुरू कराया काम
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फोटो-41- राजघाट चौराहा के पास कटान वाले हिस्से में बालू भरी बोरियां डालते श्रमिक। संवाद
- फोटो : HARDOI
बिलग्राम। राजघाट चौराहा के पास गंगा नदी से कटान तेज होने की बात संज्ञान में आने के बाद सिंचाई विभाग ने कटान रोकने के लिए काम शुरू करा दिया है। जिसके बाद आस पास के लोगों ने राहत की सांस ली।
गंगा के बढ़ते जलस्तर से चिरंजूपुरवा गांव व उसके आसपास तेजी से कटान शुरू हो गया है। कटान का दायरा राजघाट चौराहा तक जा पहुंचा है। कटान के कारण चौराहे के पास स्थित पीपल के पेड़ और मंदिर के के किनारे का हिस्सा तेजी से कटना शुरू हो गया है। इससे चौराहा पर भी खतरा हो गया है। अमर उजाला ने मंगलवार के अंक में इससे संबंधित खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया है। खबर का संज्ञान लेेते हुए सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने मंगलवार को मौके पर पहुंच कर स्थिति देखी। पास ही चिरंजूपुरवा में चल रहे बाढ़ नियंत्रण कार्य में कार्यरत श्रमिकों की मदद से चौराहा के पास कटान वाले एरिया में बालू से भरी बोरियां डलवानी शुरू कर दी गई हैं।
गंगा प्रहरी प्रियांशु व अजयपाल आदि ने बताया कि इस हिस्से में कटान रोकने के लिए काम कराया जाना ज्यादा जरूरी हो गया है, अगर ऐसा नहीं किया गया तो क्षेत्र को राजघाट से जोड़ने वाला यह चौराहा अस्तित्व खो देगा। साथ ही चौराहा कटा तो कटान आबादी तक भी पहुंच जाएगा, जिससे नुकसान काफी बढ़ जाएगा। अधिशासी अभियंता अखिलेश कुमार गौतम ने बताया कि टीम को मौके पर भेजकर काम शुरू करा दिया गया है। कटान आगे न बढ़े इसके लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
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गंगा के बढ़ते जलस्तर से चिरंजूपुरवा गांव व उसके आसपास तेजी से कटान शुरू हो गया है। कटान का दायरा राजघाट चौराहा तक जा पहुंचा है। कटान के कारण चौराहे के पास स्थित पीपल के पेड़ और मंदिर के के किनारे का हिस्सा तेजी से कटना शुरू हो गया है। इससे चौराहा पर भी खतरा हो गया है। अमर उजाला ने मंगलवार के अंक में इससे संबंधित खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया है। खबर का संज्ञान लेेते हुए सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने मंगलवार को मौके पर पहुंच कर स्थिति देखी। पास ही चिरंजूपुरवा में चल रहे बाढ़ नियंत्रण कार्य में कार्यरत श्रमिकों की मदद से चौराहा के पास कटान वाले एरिया में बालू से भरी बोरियां डलवानी शुरू कर दी गई हैं।
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गंगा प्रहरी प्रियांशु व अजयपाल आदि ने बताया कि इस हिस्से में कटान रोकने के लिए काम कराया जाना ज्यादा जरूरी हो गया है, अगर ऐसा नहीं किया गया तो क्षेत्र को राजघाट से जोड़ने वाला यह चौराहा अस्तित्व खो देगा। साथ ही चौराहा कटा तो कटान आबादी तक भी पहुंच जाएगा, जिससे नुकसान काफी बढ़ जाएगा। अधिशासी अभियंता अखिलेश कुमार गौतम ने बताया कि टीम को मौके पर भेजकर काम शुरू करा दिया गया है। कटान आगे न बढ़े इसके लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

फोटो-42- मंगलवार के अंक में अमर उजाला में प्रकाशित खबर।- फोटो : HARDOI
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