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Hardoi News: औद्योगिक फीडर पर किए सामान्य कनेक्शन, व्यापारियों में नाराजगी

Fri, 03 Jul 2026 11:57 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 03 Jul 2026 11:57 PM IST
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General connections made on industrial feeders, anger among traders
हरदोई। नघेटा इंडस्ट्रियल स्टेट में उद्योगों के स्थान पर अन्य सामान्य उपभोक्ताओं को कनेक्शन दिए जाने से लोकल फाल्ट बढ़ गए हैं। उद्योगों को नियमित बिजली न मिलने से उत्पादन प्रभावित हो रहा है। उद्यमियों ने बिजली व्यवस्था में सुधार न होने पर नाराजगी व्यक्त की और नघेटा इंडस्ट्रियल स्टेट के लिए बने उपकेंद्र से अन्य कनेक्शनों को हटाने की मांग की है।
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नघेटा इंडस्ट्रियल स्टेट वर्ष 1987 से संचालित है। इंडस्ट्रियल स्टेट को बिजली उपलब्ध कराने के पहले इंडस्ट्रियल एरिया उपकेंद्र बना था। जिसे बाद में एआरटीओ उपकेंद्र बना दिया गया। इसमे दो फीडर है। इनमें एक फीडर खदर और दूसरा इंडस्ट्रियल एरिया के नाम से है। इंडस्ट्रियल एरिया से सिर्फ उद्योगों के कनेक्शन थे, जिसमें अब खदरा से रेलवेगंज, आवास विकास कालोनी आदि को भी कनेक्शन दे दिए गए हैं। उद्यमियों को आरोप है कि इंडस्ट्रियल स्टेट के उपकेंद्र से दूसरे कनेक्शन देने से आपूर्ति पर असर पड़ रहा है। इससे उद्योग संचालित करने में समस्या हो रही है। अधिशासी अभियंता सदर प्रेम प्रकाश सिंह ने कहा कि 33 केवी की नई लाइन बनाई जा रही है। जिसका कार्य लगभग पूरा हो गया है। उसके शुरू होने पर उद्योग का फीडर अलग हो जाएगा।
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बिजली जाने से होता नुकसान
हम आयुर्वेदिक पेटेंट औषधियों का निर्माण करते हैं। टेबलेट बनाने के बाद उन पर शुगर कोटिंग करनी पड़ती है, जिस समय शुगर कोटिंग चल रही होती है, उसी समय चीनी का गरम और गाढ़ा सिरप कोटिंग पैन में पड़ी टैबलेट में डालना पड़ता है, यदि इस प्रोसेस के बीच बिजली चली जाती है, तो सारी टैबलेट सिरप के साथ जुड़ जाती है, जिन्हें पुनः अलग नहीं किया जा सकता। इससे नुकसान होता है।
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बिजली का बार-बार ट्रिप होना फैक्टरी के हित में नहीं
जिस समय ब्रेड बनाने के बाद मैदा, शक्कर, घी तेल आदि का मिक्चर प्रारंभ होता है और उसी समय बिजली चली जाती है, वह पूरी मिक्चर खराब हो जाता है तथा ब्रेड पकने के लिए ओवन में होती है, उसी समय बार-बार ट्रिप होने से ब्रेड जल जाती है, जिससे हमारी क्वालिटी, गुणवत्ता खराब हो जाती है। बिजली का बार-बार ट्रिप होना फैक्टरी के हित में नहीं है। -प्रदीप गुप्ता, अल्का इंडस्ट्रीज
बिजली जाने पर श्रम और रॉ-मैटेरियल की होती बर्बादी
हम आधुनिक प्रिंटिंग का कार्य करते है। चार कलर की प्रिंटिग मशीन में कुछ रंग अधिक मात्रा में प्रयोग होते हैं तो कुछ बहुत कम। यदि बिजली की आपूर्ति चली जाती है, तो कम मात्रा में प्रयोग होने वाला रंग सूख जाता है, जिसे साफ करके फिर डालना पड़ता है, इससे समय श्रम और रा-मैटेरियल की बर्बादी होती है, प्रिंटिग की क्वालिटी भी खराब होती और बहुत महंगा कागज बर्बाद हो जाता है। -अरविंद पांडे, मंगलम् प्रिंटर्स
बिजली जाने से होता नुकसान
हम कन्डूट पाइप, गार्डेन पाइप और बोरिंग पाइप बनाते है। इस प्रक्रिया में प्लास्टिक का दाना पिघलकर पाइप बनता है, जो 30 से 100 फिट की लंबाई का होता है। इस प्रोसेस के बीच यदि बत्ती चली जाती है, तो पूरी लंबाई की जगह टुकड़े निकल जाते है, जो दिन में कई बार होता है, इन टुकड़ों को पुनः ग्राइंग करके पाइप का ग्रेनुल बनाना पड़ता है, जिससे उत्पादन तो प्रभावित होता है, साथ में श्रम एवं बिजली की खपत बढ़ जाती है। -रेहान कमर, नेशनल इंडस्ट्रीज

अधिशासी अभियंता सदर प्रेम प्रकाश सिंह ने कहा कि 33 केवी की नई लाइन बनाई जा रही है। जिसका कार्य लगभग पूरा हो गया है। उसके शुरू होने पर उद्योग का फीडर अलग हो जाएगा।
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