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शिकायत किए जाने से नाराज दबंगों ने किसान को गोली मारी

Sun, 07 Nov 2021 12:00 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 07 Nov 2021 12:00 AM IST
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fyring on farmer
-घटनास्थल पर मौजूद अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी दुर्गेश सिंह और सीओ सिटी विकास जायसवाल। संवाद - फोटो : HARDOI
हरदोई। अभद्र टिप्पणी की शिकायत पुलिस से करने से नाराज युवक ने साथियों के साथ मजदूरी लेने गए किसान को मारपीट कर गोली मार दी। पेट में गोली लगने से गंभीर रूप से घायल किसान को लखनऊ रेफर कर दिया गया। घटना के डेढ़ घंटे बाद भी पुलिस के मौके पर न पहुंचने से नाराज किसान के परिजनों और ग्रामीणों ने पाली-रूपापुर मार्ग पर तख्त रखकर जाम लगा दिया। पुलिस ने ग्रामीणों और परिजनों से अभद्रता की और लाठी फटकारीं। इससे हालात बिगड़ गए। बाद में अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी और सीओ सिटी के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ। निजामपुर के प्रधान समेत छह लोगों के विरुद्ध जानलेवा हमला, बलवा और मारपीट की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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पाली थाना क्षेत्र के ग्राम भाहपुर निवासी श्रीश (45) खेती करते हैं। शुक्रवार सुबह वह भाई गिरीश कुमार के साथ ग्राम निजामपुर खेतों में काम करने की मजदूर लेने गया था। गांव पहुंचते ही अली वारिस ने साथियों के साथ दोनों भाइयों को घेर लिया और इसी दौरान श्रीश की लाठी-डंडों से पिटाई करने के बाद तमंचे से गोली मार दी। गोली पेट में लगने से श्रीश वहीं गिर गया। श्रीश को परिजन पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाली ले गए, लेकिन चिकित्सक ने जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया।
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जिला चिकित्सालय में भी चिकित्सकों ने हालत गंभीर बता लखनऊ रेफर कर दिया। उधर दूसरी ओर घटना के काफी देर बाद तक भी पुलिस मौके पर नहीं पहुंची तो श्रीश के परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए। उन्होंने पाली रूपापुर मार्ग पर तख्त लगाकर जाम लगा दिया। बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए। जाम लगाए जाने की सूचना पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों और परिजनों के साथ अभद्रता की और लाठियां चलाकर हल्का बल प्रयोग भी किया। इसी दौरान कुछ सिपाहियों ने सड़क पर रखे तख्त को उठाकर फेंक दिया तो हालात बिगड़ गए।
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पुलिस के रुख से ग्रामीण आक्रोशित हो गए और पाली के प्रभारी निरीक्षक संजय पांडेय से भी तीखी नोकझोंक हो गई। हालात बिगड़ने की सूचना पर अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी दुर्गेश कुमार सिंह और सीओ सिटी विकास जायसवाल मौके पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने श्रीश के परिजनों और ग्रामीणों से बातचीत की और रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रति आश्वस्त किया तो ग्रामीण और परिजन मान गए। लगभग तीन घंटे बाद यहां स्थिति सामान्य हुई।
इस दौरान विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह रानू भी मौके पर पहुंचे और पीड़ित के परिजनों को कार्रवाई का भरोसा दिलाया। अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि गोली लगने से घायल श्रीश के भाई गिरीश की तहरीर पर निजामपुर निवासी अली वारिस, अरशद, निजामपुर के प्रधान मुईनुद्दीन बाबा, अतीक, ऋषीकांत और रामानंद के विरुद्ध बलवा, जानलेवा हमला, मारपीट आदि की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
घटना के पीछे बीते दिनों आरोपियों द्वारा श्रीश के परिवार की महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी किया जाना है। उक्त मामले की शिकायत श्रीश ने पुलिस से की थी, लेकिन पुलिस ने मामले में समझौता करा दिया था। इसके बाद से ही आरोपी नाराज थे और उन्होंने घटना को अंजाम दे दिया।
पुलिस से साठगांठ का शक
स्थानीय ग्रामीणों और पुलिस महकमे से जुड़े सूत्र बताते हैं कि अली वारिस और उसके साथी कई बार श्रीश के परिवार की महिलाओं और बच्चियों पर अभद्र टिप्पणी कर चुके थे। कई बार समझाने पर भी अली और उसके साथी नहीं माने तो दो नवंबर को श्रीश ने पाली थाने में इसे लेकर तहरीर दी। पुलिस ने तीन नवंबर को मामले में दोनों पक्षों को बुलाकर समझौता करा दिया। ग्रामीण बताते हैं कि समझौते के एवज में लेनदेन भी हुआ और इसके चलते कहीं न कहीं पुलिस पर अली वारिस का पक्ष लेने की बात भी हवा में तैर गई। इसके बाद जब शुक्रवार सुबह वारदात हुई तो भी घटना के लगभग डेढ़ घंटे बाद तक पुलिस नहीं पहुंची, तो ग्रामीणों में यह बात घर कर गई कि स्थानीय पुलिस की आरोपियों से साठगांठ है। रही सही कसर पुलिस के मौके पर पहुंचने के रुख से भी पूरी हो गई।
नामजद की खातिरदारी का आरोप
लोगों का आरोप है कि घटना में नामजद निजामपुर के प्रधान मुईनुद्दीन बाबा को पाली पुलिस पूरे सम्मान के साथ पाली थाने ले गई। थाने में बैठने के लिए बाकायदा कुर्सी मिली और फिर चाय पानी के साथ मूंगफली का दौर भी थाने के पुलिसकर्मी प्रधान की जी हुजूूरी में चलाते रहे। यह भी बड़ी वजह है कि जो कहीं न कहीं इशारा करती है कि कुछ पुलिस कर्मी एक पक्षीय कार्रवाई में ही लगे थे।

प्रभारी निरीक्षक पर भी कार्रवाई के संकेत
पाली कांड में पाली के प्रभारी निरीक्षक संजय पांडेय के रवैये को लेकर भी एसपी खासा नाराज हैं। हालात बिगड़ने के पीछे प्रभारी निरीक्षक का आक्रोशित लोगों से किया गया व्यवहार भी माना जा रहा है। इसकी जांच अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी अनिल सिंह यादव को दी गई है। एसपी अजय कुमार ने बताया कि अपर पुलिस अधीक्षक से 48 घंटे के अंदर रिपोर्ट देने को कहा गया है। रिपोर्ट मिलते ही प्रभारी निरीक्षक पर भी कार्रवाई की जाएगी।
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